मछली शहर के पूर्व सांसद व सपा नेता रामचरित्र निषाद का कोरोनावायरस संक्रमण के चलते निधन- नोएडा के अस्पताल में चल रहा था इलाज
मूल रूप से बस्ती के निवासी 57 वर्षीय रामचरित्र निषाद का देर रात रविवार को कोरोना संक्रमण के चलते निधन हो गया है । वह कुछ दिन पहले ही कोरोना पॉजिटिव पाए गए थे और उन्हें नोएडा के निजी अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती कराया गया था ।
रामचरित्र निषाद ने 2009 में अपनी राजनीतिक पारी की शुरुआत करते हुए अपना दल से चुनाव लड़ा था लेकिन वहां उन्हें हार का सामना करना पड़ा ।
2014 में लोकसभा चुनाव के लिए उन्हें भारतीय जनता पार्टी ने प्रत्याशी नियुक्त किया और मछली शहर संसदीय सीट से उन्होंने जीत हासिल की पर 2019 की लोकसभा चुनाव में भाजपा ने उनका टिकट काट दिया । इससे नाराज होकर निषाद ने समाजवादी पार्टी का दामन थाम लिया और मिर्जापुर की संसदीय सीट से सपा ने उन्हें उतारा लेकिन कभी अपना दल में सहयोगी रही अनुप्रिया पटेल से उन्हें शिकस्त खानी पड़ी ।
(फाइल फोटो: रामचरित्र निषाद-मछलीशहर: पूर्व सांसद)
रामचरित्र निषाद का मछुआरा समाज में काफी अच्छा संबंध रहा है । राजनीतिक गलियारों की माने तो सपा के अखिलेश सिंह यादव जो कि सूबे के पूर्व मुख्यमंत्री भी रह चुके हैं उनसे बेहतर संबंध थे ।अक्सर पूर्वांचल के हर कार्यक्रम में जहां भी अखिलेश सिंह यादव का आना होता वहां रामचरित्र निषाद बढ़-चढ़कर सबसे आगे हिस्सा लेने वालों में से एक माने जाते थे।
श्री निषाद का भाजपा के भी कई शीर्ष स्तरीय नेताओं से अच्छे संबंध थे । यहां तक की 2014 से 19 के बीच जब वह सांसद थे , उस समय केंद्र सरकार के द्वारा चलाई जा रही कई योजनाओं और समितियों के सदस्य भी रहे।
रामचरित्र निषाद अपने पीछे पत्नी सहित दो बच्चों का भरा पूरा परिवार छोड़ गए हैं ।उनके निधन से मछली शहर समेत जौनपुर जिले में शोक की लहर दौड़ गई है । कई वरिष्ठ नेताओं ने उनके अंत पर गहरा दुख जताया है।
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