महाराष्ट्र के राज्यपाल को हाईकोर्ट ने किया सवाल- राज्य मंत्रिमंडल कैबिनेट द्वारा प्रस्तावित विधान परिषद सदस्यों के नाम पर कब लेंगे फैसला / संजय राउत ने कहा- हम भी पूछते हैं यही सवाल- 6 महीने बाद भी राज्यपाल ने फाइल देखने का समय तक नहीं निकाला/
महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी एक बार फिर विवादों में घिरते नजर आ रहे हैं और इस बार मुंबई उच्च न्यायालय ने उनसे सीधे सवाल पूछ लिया है कि महाराष्ट्र राज्य सरकार द्वारा प्रस्तावित विधान परिषद में 12 सदस्यों के नामांकन को फाइनल करने की प्रक्रिया कब करने वाले हैं ।
गौरतलब हो कि राज्यपाल भगत सिंह कोश्यरी को नवंबर 2020 में ही महाराष्ट्र के कैबिनेट मंत्री मंडल द्वारा 12 सदस्यों को विधान परिषद में जगह देने की सिफारिश की गई थी। जिस पर अब तक महामहिम राज्यपाल ने अब तक सुध नही ली है।
इस मामले में आरटीआई कार्यकर्ता अनिल गलगली ने 22 अप्रैल को जब राजभवन सचिवालय से जानकारी मांगी तो जवाब दिया गया कि राज्य केबिनेट द्वारा भेजे गए ऐसे किसी नाम की सूची की जानकारी उनके पास उपलब्ध नही हैं।
इससे पूर्व अनिल गलगली ने मुख्यमंत्री कार्यालय से जानकारी मांगी थी कि वह सूची बताई जाए जिसमे विधान परिषद में सदस्यों के नामांकन को लेकर राज्यपाल कोश्यारी के पास सहमति प्रस्ताव भेजा गया है। इस पर सीएमओ ने कहा है कि अभी इस पर अंतिम फैसला निलंबित है इसलिए जानकारी नही दी जा सकती।
हाल ही में शुक्रवार को समाजसेवक रतन लुथ की एक याचिका पर सुनवाई करते हुए उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति एस जे कथावाला और एस पी तावड़े की दो सदस्यीय न्यायाधीश बेंच ने राज्यपाल से इस पर पूछ लिया है कि वह कब तक इस पर निर्णय लेने वाले हैं। उन्होंने इसके जवाब के लिए राज्यपाल के सचिव को जिम्मेदारी दी है। कोर्ट ने कहा कि राज्यपाल जल्द इस पर निर्णय लें ,वह इस तरह इस पर चुप नहीं रह सकते।
बता दें कि भारतीय संविधान के अनुच्छेद १७१ (२) (२) व१७१ (५) के तहत राज्यपाल को राज्य के वरिष्ठ हाउस यानी विधान परिषद में साहित्य कला शिक्षा समाज सेवा विज्ञान आज से जुड़े हुए 12 विशिष्ट प्रभुत्व वाले लोगों को बतौर सदस्य नामांकित करने का प्रावधान है।
6 महीने बीत जाने के बावजूद राज्य कैबिनेट मंत्री मंडल के द्वारा प्रस्तावित 12 सदस्यों की सूची पर अब तक राज्यपाल के द्वारा निर्णय नहीं लिए जाने से राज्य की महा विकास आघाडी सरकार और महामहिम राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी के संबंधों में दरार पड़ते दिखाई दे रहे हैं। राज्य सरकार के अन्य मंत्री भी अब नाराज दिखाई दे रहे हैं और राज्यपाल की आलोचना कर रहे हैं।
महा विकास आघाडी सरकार के अनुसार उन्होंने तीनो सत्तासीन पार्टियों से कुल 12 सदस्यों के नाम पर मुहर लगाई है और सूची भी जाहिर की है। उर्मिला मातोंडकर , चंद्रकांत रघुवंशी, नितिन पाटील व विजय करंजकर शिवसेना से तो वहीं एकनाथ खडसे , राजू शेट्टी , यशपाल भिंगे, आनंद शिंदे - राकांपा से व रजनी पाटिल, सचिन सावंत, मुजफ्फर हुसैन व अनिरुद्ध बनकर- कॉंग्रेस से नामांकित किये गए हैं।
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