रिजर्व बैंक गवर्नर शक्तिकांत दास की तत्काल मीटिंग- वैद्यकीय क्षेत्र से जुड़ी कंपनियों को ५० हजार करोड़ तक का कर्ज। एमएसएमई कंपनियों को 25 करोड़ तक का लोन रि-स्ट्रक्चर करने का प्रावधान
अनिश्चित समय के अनुरूप शक्तिकांत दास रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के गवर्नर ने आज सुबह १० बजे मीटिंग ली है ।मीटिंग के तहत उन्होंने जानकारी दी है कि मौजूदा कोरोनावायरस के चलते स्वास्थ्य सुविधाओं से संबंधित कंपनियों पर बहुत अधिक दबाव पड़ा है ।इसको गहराई से ध्यान में रखा गया है। स्वास्थ्य सुविधाओं से जुड़ी हुई सभी कंपनियों को जिनमे वैक्सीन निर्माण करने वाली कंपनी ,अस्पताल, दवा से जुड़ी हुई कम्पनी, वैद्यकीय सहायता देने वाली कंपनियां और मरीज इन सभी का ध्यान रखा गया है।
इन सभी कैटेगरी के लोग 50 हजार करोड़ तक के स्किम के अंतर्गत लोन लेने के लिए योग्य है। आरबीआई ने सभी बैंकों को इस विशेष योजना के तहत रेपो रेट यानी ४% सालाना ब्याज दर पर यह कर्ज देने के लिए निर्देशित किया है। बैंक इनके लिए बैलेंस शीट में कोविड लोन के अंर्तगत दिखा सकेंगे। मार्च २०२२ तक कर्ज मिल सकेगा।
एमएसएमई यानी अतिसूक्ष्म, सूक्ष्म, मध्यम श्रेणी की कम्पनियों को जो मार्च 2021 तक स्टैंडर्ड एकाउंट बैंक के रिकॉर्ड में हैं, वह 25 करोड़ तक के पहले से लिये कर्ज को री- स्ट्रक्चर कर सकती हैं। जिन्होंने पिछले वर्ष मोरेटोरियम लिया था, उन्हें दो वर्ष और बढ़ाया जा सकेगा। माइक्रो, स्माल एंड मीडियम इंटरप्राइजेज कम्पनियों को इससे विशेष राहत मिलेगी।क्यों कि कोरोना वायरस से ठप पड़ी इन कम्पनियों को सबसे ज्यादा आर्थिक मार झेलनी पड़ी है।
री स्ट्रक्चर के लिए सितम्बर 2021 तक समय दिया गया है।बैंक द्वारा यह सुनिश्चित करने के 90 दिनों के अंदर रि-स्ट्रक्चर करना होगा। यह सुविधा, छोटी दुकानों, व्यवसायियों, व्यक्तिगत नागरिक सभी के लिए है।
नोट: स्टैंडर्ड एकाउंट यानी कम्पनी ने लिए गए कर्ज की ई एम आई 90 दिनों के अंदर चुका दी हो। 90 दिन तक ब्याज नही चुकाने पर वह कम्पनी एन पी ए यानी नॉन परफार्मिंग एसेट घोषित कर दी जाती है।
शक्तिकांत दास ने कहा कि सामान्य मानसून के चलते उत्पादन बढ़ेगा और मांग पूरी की जा सकेगी।इससे फ़ूड प्राइस इन्फ्लेशन यानी खाद्य कीमतों की दर को नियंत्रित रखा जा सकेगा।
सामान्य लोगों को ५० हजार तक का कर्ज मिल सकेगा जो ३१ मार्च २०२१ तक है। यह अधिकतम ३ साल के लिए लिया जा सकेगा।
सितम्बर २०२१ तक राज्य सरकारें सहजता से ओवरड्राफ्ट सुविधा का लाभ ले सकेंगीं।
एसएलटीआरओ के तहत स्माल फाइनांस बैंक के लिए 10 हजार करोड़ तक का प्रावधान किया गया है।
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