राज्य के स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे के बिगड़े बोल- विरार फायर की घटना नेशनल न्यूज़ नहीं- दी बाद में सफाई- गलत मतलब न निकाला जाए ;मैं एक संवेदनशील कार्यकर्ता रहा हूं
आज तड़के सुबह 3:15 पर विरार पश्चिम में स्थित विजय वल्लभ अस्पताल जो कि कोविड-19 अस्पताल बन चुका है ;यहां सेंट्रलाइज्ड एसी में शॉर्ट सर्किट होने की वजह से आईसीयू वार्ड में आग लग गई और उस में चल रहे इलाज में इतनी ज्यादा क्षति हुई कि 13 लोगों की मौत हो गई। बाद में हालात और बिगड़ जाने से एक और मौत हो गई और यह आंकड़ा 14 तक जा पहुंचा ।
आपको बता दें , मुंबई से सटे पालघर जिले के अंतर्गत वसई विरार महानगरपालिका के अंतर्गत विरार पश्चिम में विजय वल्लभ अस्पताल नामक एक निजी अस्पताल है जहां कोविड मरीजों का इलाज चल रहा है । घटना की जानकारी मिलने के बाद ही अस्पताल परिसर में हंगामा मच गया।
इसी संदर्भ में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी मृतक के परिजनों को अपनी संवेदनाएं व्यक्त की है। उन्होंने इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना में स्वर्ग सिधारे मरीजों के परिजनों को मुआवजे के रूप में ₹200000 और गंभीर रूप से घायल लोगों को ₹50000 केंद्रीय मदद करने की भी घोषणा की। उसके बाद राज्य सरकार ने भी स्थिति का जायजा लिया और मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने ममृत मरीजो के परिवार के लोगों को ₹500000 की आर्थिक सहायता और घायल लोगों को ₹100000 की आर्थिक सहायता की घोषणा की । इसके अलावा वसई विरार महानगर पालिका के द्वारा मृतक के परिजनों को ₹500000 और गंभीर रूप से घायल लोगों को भी आर्थिक मदद की जाएगी ,ऐसी घोषणा की गई है।
प्रधानमंत्री मोदी के साथ सभी राज्य के मुख्यमंत्रियों की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए मौजूदा कोरोनावायरस संक्रमण के हालात पर समीक्षा के लिए बैठक निर्धारित की गई है।
बातचीत करने के दरमियान मीडिया के समक्ष राज्य के स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे ने कहा कि प्रधानमंत्री के साथ ऑक्सिजन , रेमेडिशिविर, अन्य मुद्दों पर बात की जाएगी। विरार की घटना कोई नेशनल न्यूज़ नहीं है।
हालांकि बाद में विरोधी पक्ष नेता परवीन दरेकर ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि माफिया और चांडाल लोगों की सरकार है। मुख्यमंत्री को और कितने शिकार चाहिए । राज्य की महा विकास आघाडी सरकार को किसी नेशनल न्यूज़ का इंतजार है। इन्हें जमीन पर उतर कर काम नहीं करना है, इन्हें सिर्फ टीवी चैनलों में चमकना है।
राज्य के स्वास्थ्य मंत्री- राजेश टोपे
विरोधी पार्टियों के द्वारा एक स्वर में विरोध होता देखकर बाद में स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे ने सफाई देते हुए कहा कि मेरे बयान का गलत मतलब नही निकाला जाए। राज्य की जनता अच्छी तरह जानती है कि करोना काल में मैंने किस तरीके से काम किया है ।मैं बहुत ही संवेदनशील सक्रिय कार्यकर्ता हूं।
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