पूर्व बसपा सांसद व पूर्वांचल के बाहुबली धनंजय सिंह ने किया कोर्ट में आत्म समर्पण- मऊ के पूर्व ब्लाक प्रमुख अजित सिंह की हत्या में धनंजय के संबंध होने का शक। लखनऊ पुलिस ने १ दिन पहले ही रखा था धनंजय सिंह पर २५ हजार का इनाम/ प्रयागराज विशेष न्यायालय ने १ अप्रैल तक न्यायिक हिरासत में भेजा
मऊ में पूर्व ब्लॉक प्रमुख रहे अजित सिंह की हत्या में यूपी पुलिस सरगर्मी से सभी तार खंगाल रही है। इसी कड़ी में फरवरी बीते माह में गिरधारी उर्फ कन्हैया को पुलिस ने मार गिराया था। कन्हैया कुख्यात शूटर रहा है।
पूर्व ब्लॉक् प्रमुख व गैंगस्टर अजीत सिंह हत्या के मामले में पूर्व सांसद धनंजय सिंह की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं।
(फाइल फोटो- पूर्व सांसद धनंजय सिंह)
जानकारी यह है कि लखनऊ पुलिस ने अजित सिंह मामले में धनंजय सिंह को पकड़ने के लिए उनके विषय में महत्वपूर्ण जानकारी देनेवालों को एक दिन पहले ४ मार्च को २५००० का इनाम देने के लिए भी घोषित कर दिया था। इसके दूसरे ही दिन धनंजय ने खुद ही प्रयागराज में एम पी एम एल ए की विशेष न्यायालय में आत्म समर्पण कर दिया। विशेष न्यायाधीश आलोक कुमार श्रीवास्तव ने धनंजय सिंह को १ अप्रैल तक के लिए न्यायिक हिरासत में भेज दिया है जिसके तुरंत बाद मामले में अगली सुनवाई होनी है।
आरोप है कि हिस्ट्रीशीटर अजीत सिंह की हत्या में धनंजय सिंह द्वारा आपराधिक षड्यंत्र रचा गया है। अजित सिंह को लखनऊ के विभूतखंड परिसर में गोली मारी गई थी।
धनंजय स्वयं वकील के लिबास में प्रयागराज की इस विशेष न्यायालय में कल शुक्रवार को आए और सरेंडर कर दिया। इससे पहले २५ हजार का इनाम गुरुवार को रखने से पहले लखनऊ पुलिस ने श्री सिंह को पकड़ने के लिए बुधवार को लखनऊ में ही चार अलग अलग स्थानों पर छापेमारी भी की थी पर असफल रही।
(कल प्रयागराज विशेष न्यायालय में -पूर्व जौनपुर बसपा सांसद धनंजय सिंह)
धनंजय सिंह पूर्वांचल में बड़ा ही चर्चित नाम रहा है। वह पहले २००९ में बसपा से जौनपुर में सांसद रहे। अभी हाल ही में हफ्तावसूली के मामले में जेल से बाहर थे और अक्टूबर २०२० में मल्हनी विधानसभा उपचुनाव में निर्दलीय विधायकी लड़ी और दूसरे नम्बर पर प्रदर्शन रहा। सपा प्रतिद्वंदी से मात्र ४६०० मतों से हार का सामना करना पड़ा था।
पूर्वी लखनऊ के उपायुक्त संजीव सुमन ने धनंजय सिंह की बेनामी संपत्तियों की जानकारी लेते हुए जानकारी दी है कि उनके उत्तर प्रदेश के कई जिलों, जौनपुर ,वाराणसी, प्रयागराज समेत देश के अन्य राज्यों में कई फ्लैट, जमीन, फार्महाउस, फर्जी कंपनियां मौजूद हैं और इन सबके सहारे धनंजय जी ने अपने बाहुबल के दम पर करोड़ो की संपत्ति अर्जित की है।
इन सभी बेनामी संपत्तियों पर कब्जे के लिए प्रवर्तन निदेशालय एवम इनकम टैक्स विभाग को पत्र भी लिखा जा चुका है। सिंह से जुड़े चार प्रमुख स्थानों पर पहले ही छापेमारी की जा चुकी है। श्री सिंह कई आपराधिक मामलों में पहले ही चर्चित रहे हैं।
एक वकील द्वारा मीडिया को दी गई जानकारी के अनुसार धनंजय कोर्ट के सामने एफ आई आर ६८७/२०१७ के संबंध में समर्पण किये हैं। यह मामला खुटहन ,जौनपुर पुलिस स्टेशन में एक ब्लॉक प्रमुख के खिलाफ लाए गए अविश्वास प्रस्ताव के समय हुई हिंसा को लेकर है। लखनऊ पुलिस आयुक्त डी के ठाकुर के अनुसार २०१७ को इस एफआईआर के तहत धनंजय सिंह पर दंगा भड़काने और हत्या के प्रयास का आरोप है।
अब जबकि श्री सिंह का नाम नए मामले अजित सिंह हत्याकांड में भी आया है ,तब धनंजय के बांड मैन आशुतोष शर्मा ने न्यायालय में एक अर्जी दी है जिसमे उल्लेख हैकि धनंजय सिंह जी किसी भी आपराधिक मामले में सम्मिलित नही होंगे और कोर्ट के कामकाज में पूरा सहयोग करेंगे।
श्री सिंह को जब पुलिस वैन में ले जाया गया तब वकीलों और पुलिस का बड़ा संगठन मौजूद रहा।
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