0 अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस की पूर्व संध्या पर टीजेपीएस शिक्षण कल्याण मंडल द्वारा महिला शशक्तिकरण पर सम्पन्न हुई कार्यशाला-विश्व हिंदू परिषद संचालित दुर्गा वाहिनी के तत्वाधान में कई युवतियों ने लिया हिस्सा- हिन्दू नारी अबला नही, सबला है- टी जे पी एस ट्रस्ट - Khabre Mumbai

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अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस की पूर्व संध्या पर टीजेपीएस शिक्षण कल्याण मंडल द्वारा महिला शशक्तिकरण पर सम्पन्न हुई कार्यशाला-विश्व हिंदू परिषद संचालित दुर्गा वाहिनी के तत्वाधान में कई युवतियों ने लिया हिस्सा- हिन्दू नारी अबला नही, सबला है- टी जे पी एस ट्रस्ट

कल ८ मार्च को वैश्विक महिला दिवस है। इसी अवसर पर आज मुम्बई के साकीनाका स्थित परेरावाड़ी के गोमई हाल में महिला शशक्तिकरण पर आयोजित "निर्भया- द फीयरलेस " कार्यशाला सम्पन्न हुई।

नारी गौरव है, अभिमान है
नारी ने ही ये रचा विधान है
हमारा नतमस्तक इसको प्रणाम है|

ये लक्ष्मी ,ये सरस्वती
यही दुर्गा का अवतार है
ये अनुसूया, यही सावित्री
यही काली रूप का वैभव है|

(टीजेपीएस संस्था के सौजन्य से आयोजित निर्भया- द फीयरलेस कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन से हुई।)

उपर्युक्त कविता को चरितार्थ करते हुए मुम्बई की टीजेपीएस शिक्षण कल्याण मंडल ट्रस्ट ने आज साकीनाका में निर्भया कार्यशाला के माध्यम से उपस्थित युवतियों, कन्याओं, महिलाओं में समाज के प्रति बढ़ रहे भय, तनाव, डर, सामाजिक विषमता से ऊपर उठने और कंधे से कंधा मिलाकर पुरुषों के साथ जीवन मे बराबर की भागेदारी, समाज मे महिलाओं का महत्व जैसे विषयों पर अपना गहरा अनुभव, व प्रस्तुति दी।


(साकीनाका स्थित निर्भया- द फीयरलेस कार्यक्रम मे उपस्थित युवतियों, बालिकाओं ने भयमुक्त होने के कई गुण सीखे)


लॉक डाउन में भले ही दुनिया थम गई, आवागमन के साधन बंद हुए, रोजगार बंद हुए , लोग घर से काम किये लेकिन महिलाओं के लिए कभी कोई लॉक डाउन नही रहा। महिलाओं ने हमेशा अपने बारे में सोचने के बजाय सिर्फ परिवार और रिश्ते नातों को प्राथमिकता दी।  महिला अन्नपूर्णा है जो घर के सभी लोगों को खिलाकर जो बचे उसी में संतोष कर लेती है।
महिला एक ही जीवन मे माँ, बहन, पत्नी और न जाने कितने रिश्ते संजोती है। महिला एक ही जीवन मे दो परिवारों को संवारती है। महिलाओं  को शिक्षा पर बल देते हुए उसके महत्व को बताया गया कि कैसे एक शिक्षित महिला पूरे परिवार को संस्कारमय बना सकती है।

आज महिलाएं हर क्षेत्र में पुरुषों से भी आगे हैं।  चाहे बात पायलट की हो, डॉक्टर, इंजीनियर, पुलिस या प्रशासनिक सेवा की हो; महिलाएं अपनी उपस्थिति न केवल दर्ज करा रही हैं, अपितु अपनी जिम्मेदारी बखूबी निभा रही हैं।

टी जे पी एस मुम्बई के धारावी में गरीब बच्चों को मुफ्त शिक्षण देने का काम करती रही है। सामाजिक जन जागरूकता, आर्थिक मूल्यों का महत्व, शिक्षा व जीवन मे शिक्षा का महत्त्व, स्वावलंबी , तकनीकी शिक्षण ज्ञान व सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से लोगो मे अपनी भूमिका रखती रही है।

उपरोक्त कार्यक्रम में विश्व हिंदू परिषद संचालित दुर्गा वाहिनी संस्थान के पदाधिकारियों ने अमूल्य सहयोग दिया। महिला शशक्तिकरण के उद्देश्य से विहिप द्वारा १९८४में शुरू की गई दुर्गा वाहिनी १५ से ३५वर्ष की युवतियों को राष्ट्र धर्म व संस्कृति की सुरक्षा के गुण सिखाती है।
आसन, प्राणायाम, शारीरिक बल, संस्कार आदि पर यह संस्था विशेष बल देती है।

उपरोक्त कार्यक्रम में  दुर्गा वाहिनी की ओर से सुप्रसिद्ध प्रसूतिरोग विशेषज्ञ डॉक्टर प्रतिभा बॉथरे (मातृ शक्ति कोंकण प्रान्त प्रमुख),  कुर्ला जिले से मातृ शक्ति सहसंयोजिका मंजू ताई खरात, गीता राठौड़, राजनंदिनी सोनी आदि गणमान्य उपस्थित रहे। वहीं टीजेपीएस संस्थान की ओर से अध्यक्ष वेंकटेश नाडार, सहायक सचिव सुब्रमण्यन पिल्लई, प्रोग्राम निदेशक दिव्या दोशी व बीजी तुषार जी मौजूद रहे। 


टी जे पी एस शिक्षा के क्षेत्र में पिछले कई वर्षों से गरीब व जरूरतमंद विद्यार्थियों को शैक्षणिक सहयोग करती आई है। संस्था के अध्यक्ष वेंकटेश नाडार जो एक मुम्बई की प्रतिष्ठित  प्रबंधन शैक्षणिक संस्थान से जुड़े हैं, वह शिक्षा व आत्मनिर्भरता के महत्व को आज की युवतियों तक ले जाने का निरंतर प्रयास करते रहे हैं। 

गत वर्ष भी मुंबई से सटे नाशिक में भी इस संस्था ने वहां के स्कूली युवतितों के लिए २ दिन की महिला शशक्तिकरण पर कार्यशाला आयोजित की थी जिसमे ग्रामीण इलाके से सैकड़ो युवतियों ने बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया था।




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