0 महाविकास अघाड़ी में फिर अन बन- बाबरी मस्जिद विध्वंस के मुख्यमंत्री वाले बयान पर भड़के अबू असीम आज़मी/ मुस्लिम मंत्री कैबिनेट से इस्तीफा दें।राज्य सरकार धर्म निरपेक्ष नहीं/राकांपा प्रमुख को लिखेंगे पत्र- अबू आज़मी - Khabre Mumbai

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महाविकास अघाड़ी में फिर अन बन- बाबरी मस्जिद विध्वंस के मुख्यमंत्री वाले बयान पर भड़के अबू असीम आज़मी/ मुस्लिम मंत्री कैबिनेट से इस्तीफा दें।राज्य सरकार धर्म निरपेक्ष नहीं/राकांपा प्रमुख को लिखेंगे पत्र- अबू आज़मी

महाराष्ट्र में सदन सत्र चल रहा है जो १० मार्च तक चलेगा। मुख्यमंत्री ठाकरे बीते दिन राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी के द्वारा  संयुक्त सदन में हुए  वक्तव्य पर  आज अपनी प्रतिक्रिया दे रहे थे। 

आज विधानसभा क्षेत्र में हंगामा हो गया जब मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने बाबरी मस्जिद से संबंधित अपने वक्तव्य में यह कह दिया कि एक वक्त आया जब सभी पार्टियों ने बाबरी मस्जिद की घटना से अपने आप किनारा कर लिया था , पर शिवसेना सुप्रीमो बाला साहब ठाकरे खड़े हुए और  उन्होंने घटना की पूरी जिम्मेदारी लेते हुए कहा था कि यदि हमारे शिवसैनिकों ने मस्जिद को गिराने का काम किया है तो हमें इस पर गर्व है।

 मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे का यह वक्तव्य समाजवादी पार्टी के लिए उचित नहीं रहा।
 समाजवादी पार्टी के महाराष्ट्र प्रदेश अध्यक्ष अबू आजमी ने मुख्यमंत्री को याद दिलाया की महा विकास आघाडी का निर्माण कॉमन मिनिमम प्रोग्राम के तहत हुआ था। २०१९ महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के बाद महा विकास आघाडी का गठन किया गया  था जिसमें शिवसेना के साथ राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी , कांग्रेस पार्टी , और  इस गठबंधन को सहयोग देने के लिए समाजवादी पार्टी ने भी मदद के हाथ आगे बढ़ाए थे। गौरतलब हो महाराष्ट्र विधानसभा में समाजवादी पार्टी के दो विधायक मौजूद हैं । 


आजमी ने आगे कहा की महाराष्ट्र की राज्य सरकार सेक्युलर नहीं है।

 जिस तरह से मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे आपराधिक मामलों की बात कह रहे हैं और बाबरी मस्जिद के विध्वंस की घटना बता रहे हैं उससे यही लगता है कि यह सरकार सेक्युलर नहीं है। आश्चर्य यह भी है कि महाराष्ट्र कैबिनेट में बैठे मुस्लिम मंत्री भी सी ए ए  एन आर सी और मुसलमान आरक्षण जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों को भूल चुके हैं। मुस्लिम मंत्रियों को कैबिनेट पद से इस्तीफा दे देना चाहिए।

अबू आजमी ने कहा कि वह राकांपा प्रमुख शरद पवार को भी इस विषय मे पत्र लिखेंगे।

एक वरिष्ठ शिवसेना नेता ने नाम गोपनीय रखने की शर्त पर बयान दिया कि चूंकि यह मामला महाविकास आघाडी से जुड़ा है इसलिए इस पर या तो मुख्यमंत्री, या राकांपा प्रमुख पवार अथवा महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस कमिटी के प्रमुख ही बात कर सकते हैं।

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