जलगांव शहर का सरकारी महिला होस्टल बना शर्मिंदगी का गवाह- कानून के सिपाहियों ने ही महिलाओं को जबरन नग्न कर नचवाया सरे आम। भाजपा विधायक श्वेता महाले ने उठाया विधानसभा मुद्दा- गृहमंत्री देशमुख ने दो दिन में जांच पूरी करने के दिये आदेश
महाराष्ट्र राज्य जो पूरे देश मे अन्य राज्यों का कई स्तर पर प्रतिनिधित्व करता है। देश की कैपिटल सिटी कही जानेवाली मुम्बई इसी राज्य की राजधानी है।
इसी राज्य में प्रमुख स्थान जलगांव शहर से एक सनसनीखेज और राज्य ही नही पूरे देश को शर्मसार करनेवाली घटना सामने आई है।
आज विधानसभा में सत्र सदन के दौरान छिकली, बुलढाणा से भाजपा विधायिका श्वेता महाले ने बयान दिया कि जलगांव सिटी के अंतर्गत आशादीप सरकारी महिला होस्टल है जहां पीड़ित, शोषित, गरीब महिलाओं को आश्रय और भोजन दिया जाता है। यहां बीते १ मार्च को एक बेहद शर्मनाक घटना घटी है। कुछ पुलिसकर्मियों ने कुछ स्थानीय लोगों के साथ मिलकर होस्टल में रह रही कुछ महिलाओं पर जबरन दबाव बनाया और उन्हें निर्वस्त्र होने पर मजबूर किया। वह पुलिस कर्मी कानून के सिपाही ,आम आदमी के संरक्षक समझे जानेवाले फरिश्तों ने इससे आगे एक कदम और बढ़ते हुए नग्न अवस्था मे ही उनसे डांस भी करवाया। यह वीडियो क्लिप भी बाद में खूब वायरल हुई।
(आशादीप महिला होस्टल- जलगांव सिटी)
आशादीप महिला होस्टल राज्य सरकार के महिला एवम बाल विकास मंत्रालय के अंर्तगत संचालित है। यह जलगांव के गणेश कालोनी में स्थित है। यहां महिला एवम बाल विकास विभाग द्वारा पीड़ित और शोषित, गरीब महिलाओं, लड़कियों को आश्रय दिया जाता है।
इस घटना की हर ओर निंदा हो रही है। इस घटना पर एक स्थानीय संस्था ने जिला कलेक्टर अभिजीत राउत से २ मार्च को शिकायत भी दर्ज कराई है। कुछ रिपोर्ट्स के अनुसार कुछ पुलिसकर्मियों व अन्य लोगों को होस्टल में कुछ जाँच करने के नाम पर अंदर जाने की अनुमति दी गई थी।
(जलगांव सिटी- कलेक्टर अभिजीत राउत )
स्थानीय संस्था ने की शिकायत-
जननायक फाउंडेशन के प्रेसिडेंट फिरोज़ पिंजरी, फरीद खान, मंगला सोनावणे ने होस्टल की लड़कियों, महिलाओं से घटना के बारे में जानकारी ली। उन महिलाओं में से कइयों ने बताया कि यह आदेश न मानने पर उन्हें मारा पीटा गया और डराया धमकाया गया था।
इस पूरी घटना का वीडियो भी जारी हो चुका है।
राज्य गृहमंत्री ने दिए तुरंत जांच के आदेश।
राज्य के गृहमंत्री अनिल देशमुख ने इस घटना पर गहरी प्रतिक्रिया देते हुए चार सदस्यीय समिति बनाकर २ दिनों के अंदर जांच पूरी करने के आदेश दिए हैं। उन्होंने विश्वास दिलाया है कि जो कोई भी इस निंदनीय घटना के दोषी हैं, उन्हें कठोर सजा दी जाएगी।
पूर्व राज्य वित्त मंत्री व भाजपा विधायक सुधीर मुनगंटीवार ने कहा- राज्य में राष्ट्रपति शाशन लगाया जाए।
सुधीर मुनगंटीवार ने कहा है कि ऐसे जब राज्य में माताओं बहनों के साथ ऐसा अत्याचार हो रहा हो तब राज्य की सरकार को सत्ता में बने रहने का कोई अधिकार ही नही है। सरकार को बर्खास्त कर तुरंत राष्ट्रपति शाशन लगाए जाने का यही समय है।
राकांपा प्रवक्ता व अल्पसंख्यक मामलों के कैबिनेट मिनिस्टर नवाब मलिक ने जताई नाराजगी-
नवाब मलिक ने भाजपा के द्वारा राष्ट्रपति शाशन लगाए जाने की मांग पर नाराजगी जताते हुए कहा कि भाजपा इसकी धमकी न दे। सरकार जनता द्वारा चुनी गई है। मामले की जांच की जाएगी। सरकार संख्या बल से चलती है और इस तरह की धमकी देना ठीक नही है।
पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने भी घोर निंदा-
फडणवीस ने कहा कि नैतिकता के आधार पर राष्ट्रपति शाशन लगाने की बात कहना उनके संवैधानिक अधिकार हैं। उन्होंने इस घटना की घोर निंदा की है। फडणवीस ने आगे कहा कि उनकी सिर्फ यही उम्मीद है कि सरकार संवेदनशील होकर इस मामले की गंभीर जांच करें और तुरंत कार्रवाई करे।
(मनसे महिला नेता- रुपाली पाटिल)
मनसे ने दी चेतावनी-
दोषी पुलिसकर्मियों पर तुरंत कार्रवाई की जाए।उन्हें नौकरी से तुरंत निलंबित किया जाए। यदि ऐसा नही हुआ तो मनसे स्टाइल में पुलिस कर्मियों को निर्वस्त्र कर सजा दी जाएगी। मनसे अध्यक्ष राज ठाकरे भी जल्द ही बयान दे सकते हैं। फेसबुक पर मनसे महिला विंग की नेता रुपाली पाटिल ने अपनी नाराजगी व्यक्त की है।
(राज्य कैबिनेट महिला एवम बाल विकास मंत्री यशोमति ठाकुर - मीडिया से बात करते हुए)
भाजपा नेता श्वेता महाले ने विधानसभा में कहा कि जिस पुलिस पर महिलाओं की सुरक्षा की जिम्मेदारी होती है। वही पुलिस उन्हें निर्वस्त्र कराकर डांस करवाती है। हो सकता है और भी महिलाएं हो जो इस तरह की शिकार हुई हों। इस घटना में सख्त से सख्त सजा मिलनी चाहिए।
(चिखली से भाजपा विधायिका श्वेता महाले जिन्होंने आज सदन में जलगांव होस्टल घटना का मुद्दा उठाया )
कांग्रेस कोटे से राज्य की महिला एवम बालविकास मंत्री श्रीमती यशोमति ठाकुर ने कहा कि इस घटना की जांच के आदेश गृहमंत्री देशमुख ने दे दिए हैं और रिपोर्ट दो दिन में सौप दी जाएगी। वह व्यक्तिगत रूप से इस घटना की जांच को देख रही हैं और यह विश्वास दिलाती हैं कि किसी भी दोषी को बख्शा नही जाएगा। घटना में शामिल अभियुक्तों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।
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