0 मनसे अध्यक्ष राज ठाकरे का बयान- केंद्र सरकार करे सचिन वाज़े- अम्बानी प्रकरण की जांच।गृहमंत्री देशमुख इस्तीफा दें। शरद पवार का देशमुख को समर्थन/ परमबीर तबादले को लेकर पहुँचे सुप्रीम कोर्ट - Khabre Mumbai

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मनसे अध्यक्ष राज ठाकरे का बयान- केंद्र सरकार करे सचिन वाज़े- अम्बानी प्रकरण की जांच।गृहमंत्री देशमुख इस्तीफा दें। शरद पवार का देशमुख को समर्थन/ परमबीर तबादले को लेकर पहुँचे सुप्रीम कोर्ट

कल  राकांपा प्रमुख शरद पवार के साथ उच्च स्तरीय मीटिंग के बाद प्रदेश अध्यक्ष जयंत पाटिल ने राज्य के गृहमंत्री अनिल देशमुख के इस्तीफे की शंकाओं पर विराम लगा दिया।

जयंत पाटिल ने कहा कि देशमुख को इस्तीफा देने की कोई आवश्यकता नही है। अभी तक एन आई ए और महाराष्ट्र एटीएस मनसुख हिरेन की रहस्यमयी मौत व उद्योगपति मुकेश अम्बानी के घर के पास अलटामॉन्ट रोड पर रखी जिलेटिन बम युक्त कार से सम्बंधित मामलो पर जांच कर ही रही है।

इससे पहले कल देशमुख, जयंत पाटिल, उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने पार्टी प्रमुख व महाराष्ट्र में वर्तमान महाविकास अघाड़ी सरकार के सूत्रधार शरद पवार से मिलने दिल्ली पहुंचे थे। पवार ने पत्रकार समूह को साक्षात्कार भी दिया।
पवार ने कहा कि हर  एक बात पर हम इस्तीफा नही ले सकते। जांच चल रही है, इसके बाद उचित निर्णय होगा।  रही बात वाज़े से फरवरी में मिलने की, तो देशमुख 5 फरवरी से 15 फरवरी तक कोविड के वजह से हॉस्पिटल में थे और १५ फरवरी से 27 फरवरी तक होम आइसोलशन में थे।

दूसरी ओर देशमुख ,पूर्व मुम्बई पुलिस आयुक्त परमबीर सिंह का निलंबन चाहते हैं।


कल महाराष्ट्र की एक और क्षेत्रीय बड़ी पार्टी व अपनी बेबाक राय, साहसिक निर्णयों व महाराष्ट्र की राजनीति में अपना विशेष वजूद रखनेवाली पार्टी महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के अध्यक्ष राज ठाकरे ने भी हमला बोला है।
पत्रकारों से बातचीत में राज ठाकरे ने कहा कि राज्य सरकार मूल मुद्दे से सभी का ध्यान भटका रही है।

सचिन वाजे १७ साल के लगभग पुलिस सेवा से निलंबित रहे और ५८ दिन जेल  की सजा भी काट चुके हैं। २०१४ में राज्य में भाजपा - सेना की सत्ता आने के बाद सचिन वाज़े ने शिवसेना में सक्रिय सदस्य के रूप में प्रवेश किया और प्रवक्ता भी रहे।

सवाल अब भी यह है कि वाज़े को शिवसेना में प्रवेश किसने दिलवाया। वाज़े  मुख्यमंत्री व पार्टी अध्यक्ष उद्धव ठाकरे के बेहद करीब लोगों में से है।

दूसरा महत्वपूर्ण सवाल यह है कि किसके कहने पर मुम्बई पुलिस अलटामॉन्ट रोड स्थित अम्बानी के घर के निकट जिलेटिन बम युक्त कार पार्क करती है।२४ घंटे गाड़ी वहीं खड़ी रहती है जिसमे अम्बानी परिवार को संबोधित करते हुए धमकी भरा पत्र लिखा होता है।

अम्बानी परिवार को विशेष सुरक्षा के अंतर्गत इजरायल की सुरक्षा प्राप्त है, मध्य प्रदेश पुलिस की ओर से भी उन्हें सुरक्षा मिली हुई है। राज्य सरकार की ओर से अलग सुरक्षा मिली हुई है। 
वहां अलटामॉन्ट रोड से यदि दो बार कोई गुजरे तो उसकी पूछताछ होने लगती है ,इतनी कड़ी सुरक्षा है। फिर २४ घंटे तक बिना किसी पूछताछ के बम युक्त कार का वहाँ होना गहरे संशय की बात लगती है। किसके कहने पर पुलिस ने यह काम किया, इसका जवाब अब तक नही मिला है।

अम्बानी के मुख्यमंत्री ठाकरे से अच्छे संबंध हैं यह जगजाहिर है। उद्धव ठाकरे के शपथ ग्रहण समारोह में अम्बानी परिवार सहित मंच पर मौजूद थे। ऐसे में कोई पुलिस क्या अम्बानी से धनउगाही के बारे में भला कैसे सोच सकती है।

एक पूर्व कमिश्नर का राज्य के गृहमंत्री देशमुख पर इस तरह के आरोप लगाना बेहद गंभीर मामला है। महाराष्ट्र के लिए यह शर्मसार बात है कि गृहमंत्री बार, रेस्तरां, हुक्का पारलर आदि से१०० करोड़ महीने की हफ्तावसूली का निर्देश देता है।  किसी भी हालत में अनिल देशमुख को पद से तुरंत इस्तीफा देना चाहिए।

मनसे प्रमुख राज ठाकरे ने वक्तव्य दिया कि वह हाथ जोड़कर विनती करते हैं कि केंद्र सरकार इस मामले मे संज्ञान ले और जांच करे। यदि केंद्र सरकार ने जाँच की तो ऐसे ऐसे चेहरे जेल जाएंगे जिसकी हम कल्पना भी नही कर सकते।

कल खबर यह भी आई कि पूर्व आयुक्त परमबीर सिंह जो होम गार्ड्स विभाग में तैनात हैं, उन्होंने अपने तबादले को लेकर सर्वोच्च न्यायालय में पेटिशन दाखिल किया है।

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