21 अक्टूबर के बाद सर्वाधिक मामले १६ हजार के करीब महाराष्ट्र से, मुम्बई में भी रिकॉर्ड टूटा- एक ही दिन में १६४७ नए केस। कोविड वैक्सीनेशन सेंटर में सुविधाएं नदारद/ वरिष्ठ नागरिकों के लिए न ही पानी, न बैठने की सुविधा। 2 घंटे से ज्यादा करना होता है लंबी लाइन में इंतज़ार/
महाराष्ट्र मे बढ रहे कोरोना संक्रमण के चलते एक ओर जहां सरकार कई जिलों में आंशिक लॉक डाउन कर रही है। परभणी, नागपुर, जलगांव, नागपुर में आंशिक प्रतिबंध कल से लगकर रविवार तक रहेगा।
मुम्बई में भी पिछले ५० दिनों से टीकाकरण का कार्य शुरू है। कई सरकारी और निजी अस्पतालों में वैक्सीनशन चल रहा है।
आश्चर्य यह है कि टीकाकरण के ५० दिन बीतने के बावजूद प्रशाशनिक लापरवाही बुजुर्गों के लिए तकलीफ बनी हुई हैं। वरिष्ठ नागरिकों को वरिष्ठता की इज्जत सिर्फ कानूनी पेपर पर ही सिमट कर रह गई है। कई केंद्रों पर तो नागरिकों को न केवल ६० से ९० मिनिट तक लाइन में खड़ा रहना पड़ रहा है बल्कि पीने के लिए पानी और बैठने की कोई सुविधा मौजूद नही है।
बोरीवली के हरिलाल भगवती अस्पताल , कांदिवली में शताब्दी अस्पताल, दहिसर के जम्बो कोविड सेंटर ,चेम्बूर के माँ अस्पताल और माहिम मैटरनिटी होम इन पांच केंद्रों पर लापरवाही की घटनाएं सामने आ रही हैं।
दहिसर के जम्बो कोविड सेंटर में प्रवेश के समय दो टेंट लगे हैं जो छाया तो दे रहे हैं पर बैठने की कोई व्यवस्था मौजूद नही है।
कई बुजुर्ग यहाँ वैक्सीनेशन के लिए आते हैं।कइयों को घुटने और कमर में दर्द है ,ऐसे में अधिक समय तक खड़े रह कर प्रतीक्षा करना उनके लिए दुष्कर हो जाता है। पीने के लिए पानी की भी सुविधा मौजूद नही है।
९४ वर्षीय जयंतीलाल शाह बोरीवली के निवासी है और वह भगवती अस्पताल में पहुंचे ।उनके पास ऑनलाइन अप्पइंटमेंट भी था फिर भी अन्य लोगों के साथ ९० मिनट तक रुकना पड़ा।
जयंतीलाल बाबूभाई देसाई, ७० वर्षीय कल भगवती अस्पताल आए जिसके लिए अप्पइंटमेंट उन्होंने एक हफ्ते पहले लिया था फिर भी ८५ मिनट अन्य लोगों के साथ रुकना पड़ा।
श्री देसाई का कहना है कि अप्पोइंटमेंट के समय पोर्टल में सिर्फ तारीख होती है ,समय नही दिया होता। जब अप्पोइंटमेंट लेने के बावजूद घण्टो खड़ा रहना पड़े और अन्य लोग भी हों, इससे संभावित कोरोना के प्रसारण का खतरा बढ़ सकता है। फिर कोई क्यों इन सेंटरों ओर आना चाहेगा।
कोविन अप्प पर अप्पोइंटमेंट की तारीख भी लंबी मिलती है। बोरीवली के अन्य निवासी ७० वर्षीय उदय देसाई के अनुसार गुरुवार को ऑनलाइन रजिस्टर करने पर तारीख ४ अप्रैल की मिल रही थी।इसलिए उन्हीने जरूरी दस्तावेजो के साथ सीधे अस्पताल जाकर कल ही टीका लगवा लिया।
चेम्बूर के माँ अस्पताल में वाक इन की सुविधा नही है।कई बुजुर्गों को सिर्फ इसलिए बाहर भेज दिया गया क्यों कि उनके पास ऑनलाइन आवेदित अप्पोइंटमेंट नही थी।
ऑनलाइन टीकाकरण को तारीख बुकिंग या तो cowin अप्प पर सीधे कर सकते हैं या आरोग्य सेतु अप्प पर कर सकते हैं।कइयों के लिए यह भी एक मुश्किल कार्य है।
६९ वर्षीय श्रीमती लक्ष्मी नारायण के अनुसार ऑनलाइन आवेदन की कोशिश कामयाब नही हुई क्यों कि ओटीपी निर्मित नही हो पा रही थी। फिर मां अस्पताल से सुझाव दिया कि वे राजावाड़ी अस्पताल, घाटकोपर जाएं, वहां वाक इन सुविधा उपलब्ध है।
मुम्बई मनपा के अनुसार अभी प्रतिदिन २५३५० लोगो को वैक्सीन देने की क्षमता है जिसे जल्द ही १ लाख तक करने की योजना है।
केंद्र सरकार द्वारा जारी निर्देश के अनुरूप मुम्बईमे अब ४९और अस्पतालों में वैक्सीनशन सुविधा दी जा सकती है। हालांकि निजी अस्पताल २४*७यह सुविधा दे सकते हैं।
निजी अस्पतालों में टीका शुल्क २५० रुपये निर्धारित है।
गौरतलब हो कि कल राज्य में १५८१७ नए मामले आये ५६लोगों की मौत दर्ज की गई है।इन ५६ की संख्या में ३२ मौते पिछले ४८ घंटो में हुई जबकि ८ पिछले हफ्ते हुई हैं और अन्य १६ पिछले हफ्ते के पहले की हैं। कोरोना के मामले १० फरवरी के बाद बढ़ना शुरू हुए हैं।
२१ अक्टूबर को मुम्बई महानगर में १६०७ केस आये थे जबकि कल सर्वाधिक १६४७ मामले आए हैं।अब मुम्बई शहर में कुल मरीजो की संख्या ३,४०,२९० पहुंच गई है। ११,०८३ कुल सक्रिय मामले शहर में हैं। कल चार मौतें मुम्बई में होने के साथ ही क्रोना से शहर में मरने वालों की संख्या ११५२३ तक जा पहुंची है।
। मुंबई क्षेत्र में मृत दर ३.३% , रिकवरी दर ९३%, मामलो में विकास की दर मात्र ०.३५% है।
मामलो के डबल होने की क्षमता २०५ दिन से घटकर १९४ दिन रह गए हैं।
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