नाना पटोले ने दिया विधानसभा अध्यक्ष पद से इस्तीफा। शीघ्र बनाये जा सकते हैं महाराष्ट्र कांग्रेस के अध्यक्ष/उपाध्यक्ष नरहरि ज़िरवाल को सौंपा इस्तीफा।
आज महाराष्ट्र की राजनीति में एक फेरबदल के तहत नाना पटोले जो विदर्भ से आते हैं, ने विधानसभा अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया है। वह शीघ्र ही महाराष्ट्र कांग्रेस इकाई के अध्यक्ष बनाये जा सकते हैं। वर्तमान में महाविकास अघाड़ी की महाराष्ट्र कैबिनेट में रेवेन्यु मंत्री बाळासाहेब थोरात कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष भी हैं।
(नाना पटोले इस्तीफा पत्र उपाध्यक्ष नरहरि सीताराम ज़िरवाल को सौंपते हुए)
कौन हैं नाना पटोले
५ जून १९६३ को भंडारा जिल्हा महाराष्ट्र में जन्मे ५७ वर्षीय नाना पटोले जी सकोली के मनोहर भाई पटेल महाविद्यालय से स्नातकोत्तर हैं।नाना पटोले शुरू से ही कांग्रेस के साथ रहे और विदर्भ क्षेत्र से कुनबी समाज मे अच्छा खासा वर्चस्व रखते हैं। १९९९ से २०१४ तक ( तीन बार) सकोली विधानसभा से विधायक रहे।
२०१४ में नाना ने कांग्रेस के बजाय भाजपा का दामन थामकर भंडारा- गोंधिया क्षेत्र से संसदीय चुनाव लड़ा था। इस संसदीय चुनाव में नाना ने प्रफुल पटेल जैसे दिग्गज नेता को हराया था। बाद में मोदी जी की नीतियों की आलोचना करते हुए २०१७ में भाजपा छोड़ दी ।बतौर संसद सदस्य उन्होंने अपना इस्तीफा तत्कालीन लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन को सौंपा और पुनः कांग्रेस में चले आए।
उनके किसानों की तरफ गहरे रुझान और भावनात्मक रिश्तों को देखते हुए कांग्रेस ने नाना पटोले को २०१८ में आल इंडिया किसान कांग्रेस का अध्यक्ष भी नियुक्त किया।
२०१९ अक्टूबर में हुए राज्य विधानसभा चुनाव में नाना पटोले विधायक चुने गए और फिर महाराष्ट्र विकास अघाड़ी शाशन में विधानसभा अध्यक्ष बनाए गए।
सूत्रों की माने तो नाना महाराष्ट्र प्रदेश अध्यक्ष के साथ कैबिनेट में भी महत्वपूर्ण पोर्टफोलियो की जिम्मेदारी चाहते थे पर फिलहाल उनकी मांग को अनसुना कर दिया गया है। इसके लिए हाल ही में उन्होंने कांग्रेस पूर्व राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राहुल गांधी से भी मुलाकात की थी। महाराष्ट्र कांग्रेस का प्रतिनिधि मंडल भी बाळासाहेब थोरात के नेतृत्व में दिल्ली के नेताओं से इस बारे में मिल कर चर्चा कर चुका है।
नाना जल्द ही महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस कमिटी (एमपीसीसी) अध्यक्ष बनाये जा सकते हैं।
नाना ने इस्तीफा देने के बाद समर्थकों से कहा है कि वह एक विधायक के नाते काम करते रहेंगे।उनका रिश्ता पूर्ववत मजबूत ही रहेगा। जब तक कोई नया विधानसभा अध्यक्ष नही चुन लिया जाता तब तक उपाध्यक्ष नरहरि जिम्मेदारी से कार्य करते रहेंगे।
उपाध्यक्ष ज़िरवाल ने इस्तीफा स्वीकारते हुए कहा कि नाना तरक्की करते हुए प्रोमोट किये जायेंगे।
राकांपा प्रमुख शरद पवार ने कहा कि अगले अध्यक्ष बनाये जाने पर महाविकास अघाड़ी के पार्टनर्स के साथ चर्चा की जाएगी और उसके बाद ही नए अध्यक्ष को लेकर फैसला लिया जा सकेगा। २०१९में अध्यक्षता कांग्रेस के पाले में गई थी पर किसी को यह भी पता नही था कि एक साल में ही नाना इस्तीफा दे देंगे।
No comments
Post a Comment