राष्ट्रीय महिला आयोग स्थापना दिवस पर प्रकाश जावड़ेकर ने किया महाराष्ट्र की चार शशक्त आई पी एस कोरोना महिला योद्धाओं को सम्मानित/
बीते रविवार को राष्ट्रीय महिला आयोग के २९ वें स्थापना दिवस के कार्यक्रम में केंद्रीय सूचना एवम प्रसारण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर द्वारा कई महिला शक्तियों को सम्मानित किया गया जिन्होंने विविध क्षेत्रों में राष्ट्र का मान बढ़ाया और महिला वर्ग के लिए प्रेरणा बनी।
आरती सिंंह २००६ बैैैच की आईपीएस अधिकारी होने के साथ ही वह एम बी बी एस डॉ भी हैं। वह देश की पहली महिला अधिकारी हैं जिन्होंने डी आई जी रैंक मिलने के बाद अमरावती शहर का चार्ज लिया। वह बतौर पुलिस अधीक्षक नागपुर, भंडारा, औरंगाबाद में भी सेवा दे चुकी हैं।
इसी क्रम में महाराष्ट्र की धरती से चार महिला आई पी एस (इंडियन पोलिस सर्विस) को प्रकाश जावड़ेकर द्वारा सम्मानित किया गया।
सम्मान प्राप्त करने वालो में सोलापुर से श्रीमती तेजस्वी सातपुते, औरंगाबाद से मोक्षदा पाटिल, अमरावती से आरती सिंह , मुम्बई से नियति ठक्कर - दवे का नाम शामिल हैं।
इन चारों ने कोरोना संक्रमण के घोर मुश्किल को घड़ी में बहुत ही सराहनीय कार्य किया है।
तेजस्वी सातपुते : यह सोलापुर की पुलिस अधीक्षक हैं। पदभार अक्टूबर २०२० में ग्रहण किया। ग्रामीण क्षेत्रो में जनता को शांत और सुव्यवस्थित माहौल देकर कोरोना काल मे सबको साथ लेकर उत्कृष्ट काम करने को लेकर सराहनीय कार्य किया।
श्रीमती सातपुते पहले सातारा जिले की पुलिस अधीक्षक थी और कोरोना काल मे इनका तबादला सोलापुर में हुआ था।
२: मोक्षदा पाटिल: मार्च २०१९ में वासिम ,महाराष्ट्र की पुलिस अधीक्षक और २०११ बैच की आईपीएस मोक्षदा अनिल पाटिल का तबादला महाराष्ट्र के औरंगाबाद में बतौर पुलिस अधीक्षक हुआ।
३: नियति ठक्कर- दवे : मुम्बई जोन ५ की पुलिस उपायुक्त ३७ वर्षीय नियति दवे के कार्य क्षेत्र में धारावी जैसे झुग्गी बस्ती का समावेश है जो एक समय के लिए पूरे देश मे कोरोना का सबसे बड़ा हॉटस्पॉट बना था और इसे नियंत्रण में लाना सबसे बड़ी चुनौती बन गया था। नियति दवे ने सूझबूझ और हिम्मत से काम लेते हुए धारावी को कोरोना मुक्त करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
४- आरती सिंह:
आरती सिंंह २००६ बैैैच की आईपीएस अधिकारी होने के साथ ही वह एम बी बी एस डॉ भी हैं। वह देश की पहली महिला अधिकारी हैं जिन्होंने डी आई जी रैंक मिलने के बाद अमरावती शहर का चार्ज लिया। वह बतौर पुलिस अधीक्षक नागपुर, भंडारा, औरंगाबाद में भी सेवा दे चुकी हैं।
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