मुम्बई मनपा आयुक्त का मनपा आर्थिक बजट ३९ हजार करोड़ का, मालदार बीएमसी मांगेगी राज्य सरकार से फंड।
कल बुधवार को स्थाई समिति में आयुक्त इकबाल सिंह चहल ने मुम्बई मनपा का आर्थिक बजट पेश किया।
यह बजट ३९ हजार ३८ करोड़ का है।पिछले वर्ष की तुलना में आगामी वित्तीय वर्ष २०२१-२२ का बजट १६.७४% अधिक है। जबकि आय का अनुमान इस वर्ष २८,०४८ करोड़ का था लेकिन २२५७२ करोड़ ही आय हो सकी।
चहल ने कहा कि तीन नए वार्डों का भी गठन किया जाएगा। मुम्बई की परियोजनाओं पर लगभग ५८७६ करोड़ का कर्ज लिया जाएगा।
जल विभाग के २०००करोड़ विशेष परियोजनाओं पर खर्चे जाएंगे।
आगामी वर्ष के आरंभ में यानी फरवरी २०२२ में ही मनपा चुनाव भी सम्पन्न होंगे। इसी चुनावी माहौल को देखते हुए मनपा आयुक्त ने मुम्बई करों पर किसी प्रकार का नया शुल्क या टैक्स या कर नही लगाया है। यद्यपि कर वृद्धि से संबंधित एक प्राधिकरण के गठन जरूर किया गया है।
श्री चहल के शब्दों में , "बी एम सी की आर्थिक सेहत ठीक है, कोरोना के कारण आय पर आशंका से कम असर पड़ा है, पर जो भी पड़ा है उसकी वसूली नए साल के बजट में जरूर कर ली जाएगी।"
( मुम्बई मनपा आयुक्त- इकबाल सिंह चहल)
मनपा ने वर्ष २०२१-२२ के लिए पूंजी खर्च अनुमानित १८७५० करोड़ बताया है जबकि वर्ष २०२०-२१ में यह खर्च १४६३७ करोड़ रहा है।
पूंजी खर्च कार्यो में सड़क ट्रैफिक ऑपरेशन (१६००करोड़), कोस्टल रोड परियोजना(2000 करोड़), जल आपूर्ति परियोजना( १२३२ करोड़), स्टॉर्म वाटर डैम(११४९.७४ करोड़) आदि शामिल हैं। स्वास्थ्य क्षेत्र में बजट राशि वर्तमान वर्ष ४२२० करोड़ से बढ़ाकर ४७२८ करोड़ की गई है। इस मे कैपिटल खर्च ५० प्रतिशत से बढ़ाया गया है ताकि नए अस्पताल बन सकें और मौजूदा स्वास्थ्य संबंधी इंफ्रास्ट्रक्चर मजबूत किया जा सके।
मनपा ने मालमत्ता कर के माध्यम से ४७६८ करोड़ की आय का अनुमान लगाया था पर कोरोना के चलते ४५०० करोड़ की ही आय हो सकी जिससे आय २२६८ करोड़ घट गई।
डेवलपमेंट प्लान यानी विकास योजना द्वारा अनुमानित आय ३८७९ करोड़ की तुलना में २६७९ करोड़ की आय हो सकी। कोरोना संक्रमण के चलते रियल एस्टेट के क्षेत्र में काफी दिक्कतें आई। मजदूरों के पलायन होने से निर्माण कार्यों पर विराम लग गया था।
मनपा राज्य सरकार से बकाया राशि ५२७४ करोड़ और एस आर ए विभाग से १६०० करोड़ बकाया राशि भुगतान के लिए मांग कर रही है।
मनपा आयुक्त चहल ने बताया कि ये दोनों बकाया राशि हमे २०२१ में ही मिलने की उम्मीद है।
मनपा ने मुम्बई की विभिन्न योजनाओं के लिए राज्य सरकार से फंड लेने का फैसला लिया है। ज्ञात हो कि इससे पहले कभी ऐसा नही होता था।
भाजपा समेत अन्य विरोधी दलों ने इस बजट को मुम्बई का न होकर सिर्फ वर्ली का बजट बताया है और कटाक्ष करते हुए बजट को मुंगेरीलाल के हसीन सपने जैसा बताया है।
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