0 वित्तमंत्री सीतारमण, अनुराग ठाकुर उत्तरी खंड से निकले/ वित्तमंत्री के हाथ मे बही खाता बुक। आज करेंगी आर्थिक बजट पेश/ अर्थव्यस्था से जुड़े होंगे कई ऐलान।इंफ्रा, हेल्थकेयर, सुरक्षा, बिजली उत्पादन,आत्मनिर्भरता पर विशेष ध्यान देने की संभावना। - Khabre Mumbai

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वित्तमंत्री सीतारमण, अनुराग ठाकुर उत्तरी खंड से निकले/ वित्तमंत्री के हाथ मे बही खाता बुक। आज करेंगी आर्थिक बजट पेश/ अर्थव्यस्था से जुड़े होंगे कई ऐलान।इंफ्रा, हेल्थकेयर, सुरक्षा, बिजली उत्पादन,आत्मनिर्भरता पर विशेष ध्यान देने की संभावना।

वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण, स्वतंत्र प्रभार राज्य वित्त मंत्री अनुराग ठाकुर और अन्य सदस्य दिल्ली के नार्थ ब्लॉक से रवाना हो चुके हैं।
आज निर्मला जी वार्षिक आर्थिक बजट पेश करने जा रही हैं। अनुमान है कि निर्मला जी बजट स्पीच भारत मे निर्मित टेबलेट कंप्यूटर पर पढ़ेंगी।
उनके हाथ मे बही खाता बुक देखा गया है ,जिस ओर अनुमान है कि या तो वह बजट संबंधित दस्तावेज हो सकते हैं या टैबलेट कंप्यूटर भी हो सकता है।

इससे पूर्व अनुराग ठाकुर (स्वतंत्र प्रभार, राज्य मंत्री- वित्त विभाग) ने कहा कि सबका साथ, सबका विकास ,सबका विश्वास इस नारे पर विश्वास रखते हुए सरकार सभी के लिए उपयोगी बजट पेश करेगी। निर्मला जी ने भी पहले ही कहा है कि इस वर्ष का बजट ऐसा होनेवाला है जो पहले कभी नही हुआ।  

कोरोना संक्रमण के खतरे से जूझते वैश्विक संकट के दौर में भारत सरकार ने लघु उद्योग, सूक्ष्म कंपनियों को कर्ज की सुविधा, कर्ज पर ब्याज 1 वर्ष तक न देने, आर्थिक विषमता झेल रही कम्पनियों को एनपीए(नॉन परफार्मिंग एसेट) घोषित न करने,  कोरोना के चलते खस्ते हालात की कंपनियों का कर्ज फिर से रिस्ट्रक्चर करने, 2 साल तक ब्याज नही देने की सुविधा जैसी कई कदम उठाये हैं।

सरकार ने २०लाख करोड़ तक कि सहयोग राशि देने का साहसिक कदम उठाया।

रिजर्व बैंक की ओर से रियल एस्टेट को बचाने के लिए  स्टाम्प ड्यूटी को ७ प्रतिशत से ३प्रतिशत तक करने की घोषणा हुई, जो नए खरीददारी का मौका बना।

आज पेश हो रहे वित्त बजट में सभी की निगाहें इस ओर होंगी कि स्वास्थ्य, वैद्यकीय क्षेत्रो में विकास के लिए सरकार कितना पैकेज देना चाहती है। कृषि जो कि एकमात्र ऐसा सेक्टर रहा जिसने पूरे लॉक डाउन में विकास दिखाया, उस पर और उससे जुड़ी अन्य उद्योगों को क्या फायदा मिलेगा।

आम आदमी पर टैक्स की मार कितनी कम हो सकेगी। नए रोजगार की ओर सरकार कितने आर्थिक पैकेज की मदद देने पर विचार कर रही है।  प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत योग्य घर कर्ज देने वाली  सरकारी बैंक, निजी बैंक और होम फाइनेंस कम्पनियों को कितनी सहायता मिलनेवाली है। 

आम आदमी के जीवन से जुड़ी जरूरतमंद चीजे कितनी सस्ती या महंगी होगी। इन सबका जवाब आज के इस बजट में मिलने जा रहा है।

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