इंडियन आइडल के सेट पर पहुंचे संगीतकार संतोष आनंद- नेहा कक्कड़, प्यारेलाल ने गले लगाया । सभी की आंखे हुई नम
संतोष आनंद..... भारतीय सिनेमा का एक ऐसा नाम जो ७० के दशक में बुलंदियों पर रहा। संतोष जी के लिखे गीत वास्तविक जीवन की गहराई से सीधा सम्बंध रखते हैं। उनके लिखे गीत देश मे ही नही, पूरी दुनिया मे अमर हैं।
कैरियर ग्राफ
१९७० में पूरब और पश्चिम से अपने करियर की शुरुआत करनेवाले संतोष आनंद ने १९७२ में शोर फ़िल्म में अपने गीत ' एक प्यार का नगमा है.. जिंदगी और कुछ नहीं, तेरी मेरी कहानी है'... लिखा। इस गाने को लक्ष्मीकांत प्यारेलाल की जोड़ी ने कम्पोज किया जबकि लता मंगेशकर और मुकेश की जोड़ी ने गाया था।
संतोष जी ने १९७४में बनी रोटी ,कपड़ा और मकान फ़िल्म में ..और नही, बस और नहीं.(महेंद्र कपूर)...मैं ना भूलूंगा, मैं ना भूलूंगी (लता मंगेशकर, मुकेश) जैसे गीत लिखे। इस फ़िल्म के लिए ही संतोष जी को पहला फ़िल्मफ़ेयर पुरस्कार भी मिला। उनके द्वारा लिखा एक और गीत जिंदगी की न टूटे लड़ी, प्यार कर लो घड़ी दो घड़ी.... आज भी लोगों के दिलो में धड़कता है।
१९८१ में आई सुपर हिट मूवी क्रांति के लिए, फिर १९८२ में प्यासा सावन फ़िल्म में 'तेरा साथ है तो, मुझे क्या कमी है.'.... मेघा रे मेघा रे... जैसे गीत दिए। लक्ष्मीकांत प्यारेलाल की ही एक और बेमिसाल फ़िल्म प्रेम रोग में संतोष आनंद जी ने मोहब्बत है क्या चीज़ हमको बताओ, ये गलियां ये चौबारा.... गीत दिया। इस गीत के लिए संतोष जी ने फिल्मफेयर पुरस्कार भी जीता।
संतोष आनंद ने लगभग २६ फिल्मों में १०९ गाने दिए हैं। जुनून, तहलका,प्रेम रोग, क्रांति, प्यास सावन, शोर जैसी कई फिल्में संतोष आनंद के गीतों के नाम रहीं।
जीवन घटनाक्रम:
संतोष १९३९ में सिकंदराबाद में जन्मे थे। बहित ही कम समय में संतोष जी एक दुर्भाग्यपूर्ण एक्सीडेंट में पैर टूट गया। विवाह के दस वर्ष बाद उन्हें सुपुत्र हुआ। बेटे का नाम संकल्प और बेटी का नाम शैलजा आनंद है। २०१४ में संकल्प ने अपनी पत्नी सहित आत्महत्या कर ली थी।
इंडियन आइडल सेट पर आज आए संतोष आनंद...
इंडियन आइडल देश का सबसे बड़ा प्लेटफॉर्म जो सोनी चैनल पर प्रसारित है। इस शो में देश के कोने कोने से आने टैलेंट के बल पर गायक हिस्सा लेते हैं। नए टेलेंट के लिए यह सुरों के मसीहा की तरह उन्हें मौका देता है और कई साल से देश को एक से बढ़कर एक संगीतकार इस शो ने दिए हैं।
आज ८१ वर्षीय संतोष जी व्हीलचेयर पर आए।
क्या कहा संतोष आनंद ने सेट के लाइव शो पर...
संतोष जी ने अपनी निजी जिंदगी के बारे में घटी दुर्भाग्यपूर्ण घटना के बारे में बताया । उनके एकलौते बेटे और बहू ने आत्महत्या कर ली थी। आर्थिक विषमता के चलते स्थिति खराब हो गई थी।आज वह काफी लंबे अंतराल के बाद इंडियन आइडल के निवेदन पर मुम्बई आए थे।इस वक़्त उनके बारे में जानकर सभी भावुक हो गए और सभी की आंखे रो पड़ी थीं।
मशहूर फ़िल्म गायिका और शो की जज नेहा कक्कड़ ने खुद पोती की तरह मानकर संतोष जी को प्यार दिया और गले लगाया। शो में मौजूद प्यारेलाल जी ने भी गले लगाया। नेहा के इस निवेदन पर की संतोष जी उन्हें अपनी पोती समझकर उनके द्वारा समर्पित ५ लाख का सहयोग स्वीकार करें, तब जाकर संतोष जी ने स्वीकार किया।
नेहा कक्कड़ ने फ़िल्म इंडस्ट्री में सभी से गुजारिश की है कि संतोष जी को काम दिया जाए और अपनी ओर से पेशकश भी की है।
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