0 डेक्कन अर्बन कूल को ऑपरेटिव बैंक पर रिजर्व बैंक ने कसा शिकंजा- 1000 रुपये से अधिक नहीं निकाल पाएंगे जमाकर्ता। - Khabre Mumbai

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डेक्कन अर्बन कूल को ऑपरेटिव बैंक पर रिजर्व बैंक ने कसा शिकंजा- 1000 रुपये से अधिक नहीं निकाल पाएंगे जमाकर्ता।

कर्नाटक की  अर्बन को. आप. बैंक डेक्कन अर्बन कूल  बैंक पर आर्थिक विषमता के चलते रिजर्व बैंक ने नए वयापार करने  पर प्रतिबंध लगा दिया है।

नए प्रतिबंध के अनुसार, डेक्कन  कूल बैंक अब कोई नया कर्ज किसी भी ग्राहक को नही दे सकता। जमाकर्ता, खाताधारक एक हजार रुपये से अधिक अपने खाते से नही निकाल सकते।  यह प्रतिबंध अगले ६ महीनों तक के लिए प्रभावी होगा। बैंक कोई निवेश भी नही कर सकता।किसी तरह का डिपाजिट भी स्वीकार नही कर सकेगा। यह निर्देश १८ फरवरी को बैंक के मुख्य कार्यकारी अधिकारी को आरबीआई द्वारा दिया जा चुका है।

ग्राहक ने  यदि इस बैंक से  कोई कर्ज लिया हो तो वह इसे अपनी जमा डिपाजिट के बदले निपटा सकता है।

हालांकि रिजर्व बैंक ने साफ कहा है किबनक पर प्रतिबंध लगा है पर इसका मतलब यह नही की लाइसेंस कैंसल किया गया है, ऐसा अर्थ  बिल्कुल नही लगाया जाना चाहिए।

हालांकि डिपाजिट इन्शुरन्स एंड क्रेडिट गारंटी एक्ट, 1961 के तहत जमाकर्ताओं के डिपाजिट पर पांच लाख तक की सुरक्षा मिलेगी।पहले इस एक्ट के तहत 1 लाख की सुरक्षा थी जिसे हाल में ही अर्थमंत्री निर्मला सीतारमण ने 1 फरवरी को पेश हुए आम बजट में बढ़ाकर ५ लाख कर दिया है।

निर्मला जी ने कहा था कि वित्तीय संकट से जूझ रहे बैंकों के ग्राहक पांच लाख तक अब अपनी जमा राशि निकाल सकेंगे फिर भले ही वह बैंक मोरेटोरियम की स्थिति में क्यों न हो। रिजर्व बैंक के अनुसार ९९.५८% जमाकर्ताओं की धनराशि इस इन्शुरन्स योजना के तहत सुरक्षित है।

पिछले कुछ वर्षों से रिजर्व बैंक कई को ऑपरेटिव बैंकों पर नजर रख रहा है।वर्ष २०२० में ही तीन को आप बैंकों के नए लेन देंन के परमिट को रिजर्व बैंक ने मना कर दिया है।को आप बैंक की दुनिया मे कई अर्बन को आप बैंक के डिपाजिट और कर्ज का व्यवसाय काफी घटा है।

पिछले वर्ष एचडीआईएल घोटाले से सुर्खियों मे आए चर्चित पंजाब महाराष्ट्र को ऑपरेटिव बैंक ने भी विश्वसनीयता खोई है।

आर बी आई कि रिपोर्ट के अनुसार, अर्बन को आप बैंकों का डिपाजिट जहां वर्ष २०१९ में ६.१% बढ़ा था वहीं २०२० में घटकर ३.५% रह गया। अग्रिम कर्ज खाता वर्ष २०१९ में ८%वृद्धि के मुकाबले  वर्ष २०२० में मात्र ०.८%की ही वृद्धि कर सका। लेनदारों की संख्या में  २०१९ में  ३९.२%  वृद्धि के मुकाबले वर्ष २०२० में ४.९% ही बढ़ सका।

अर्बन बैंकों की जमा राशि(रिजर्व एंड सरप्लस ) जो कि नेटवर्थ का अहम हिस्सा है और बैंकों की वित्तीय शक्ति को प्रदर्शित करता है वह २०२० में ९.२%घट गया जबकि यह २०१९ में यह ५.६% तक बढ़ा था।

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