महाराष्ट्र स्टेट इलेक्ट्रिसिटी डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी के २३ हजार ग्राहकों का अस्थायी बिजली कनेक्शन कटा/ लॉक डाउन से अब तक बकाया था बिजली बिल
मुम्बई और आस पास के नगरों में बिजली आपूर्ति करनेवाली महाराष्ट्र शाशन के अंतर्गत कार्यरत अग्रणी कम्पनी महाराष्ट्र स्टेट इलेक्ट्रिसिटी डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड के लगभग २३००० उपभोक्ताओं के बिजली कनेक्शन अस्थायी तौर पर कटे हैं। भांडुप, मुलुंड, वाशी, पनवेल, पेन इत्यादि उपनगरों के कई रहिवासी व व्यावसायिक बिजली बिल काटे गए।
एम एस ई डी सी एल का दावा है कि लगभग १.६० लाख उपभोक्ताओं के १७५ करोड़ रुपये बिजली बिल के बाकी हैं। यह बिल लगभग ८ से १० महीनों के हैं और उपभोक्ताओं ने मार्च २०२० में संचार बंदी लागू होने के बाद से भरना बन्द कर दिया था।
बता दें कि लॉक डाउन के बाद आर्थिक समस्याओं के चलते लोगों ने बिजली बिल का भुगतान नही किया। मुम्बई में बृहनमुंबई इलेक्ट्रिसिटी सप्लाई एंड ट्रांसपोर्ट यानी बी ई इस टी ने भी अप्रैल २०२०में बिजली के दरों में भी बढ़ोतरी कर दी जिससे बिल और अधिक बढ़ गया। रिलायंस , टाटा और अडानी की बिजली कम्पनी भी मुम्बई और अन्य सटे उपनगरों में बिजली सप्लाई करती हैं।
यह भी देखा गया कि कोरोना संक्रमण के चलते बहुतेरे इलाकों में बिजली कर्मचारी मीटर रीडिंग के लिए कभी व्यक्तिगत रूप से उपस्थित नही हुए पर बिजली विभाग से मनमाना बिल उपभोक्ताओं को जाता रहा। सामान्य बिल जो लॉक डाउन से पहले आता था, उसकी अपेक्षा में तीन गुने से ज्यादा बिल भेज दिए गए।
भाजपा जो राज्य में प्रमुख रूप से विरोधी पार्टी के रूप में हैं ,ने क्षेत्रीय स्तर पर हर वार्ड में अधिक बिजली बिल दिए जाने और बिजली बिल माफ करने के लिए आंदोलन भी किया, विरोध प्रदर्शन किया।
राज्य में ऊर्जा मंत्री नितिन राउत ने भी कहा था कि जनता को राहत देने पर विचार किया जाएगा लेकिन जनता को अंत मे सिर्फ बढ़े हुए बिजली के बिल ही मिले, राहत के नाम पर प्रमुख बिजली कंपनियों द्वारा उपभोक्ताओं को बिल न भरने कि स्थिति में कनेक्शन काटे जाने के चेतावनी वाले पत्र भी मिले हैं।
No comments
Post a Comment