मनपा की जनरल बॉडी में हुआ अलवणीकण संयंत्र बनाने का प्लान मंजूर/ पांच सदस्यीय कमिटी बनेगी/ ६ से ८ हेक्टयर भूमि में बनेगा प्लांट/लगेगा ३० माह तक का वक़्त/ इजरायल की कम्पनी को मिल सकता है ठेका
मुम्बई शहर में पीने के पानी की समस्या बढ़ती जा रही है।
आए दिन जलापूर्ति में कमी के चलते आने वाले समय में जलापूर्ति की समस्या और भी अधिक हो सकती है और लोगों को पानी की किल्लत हो सकती है इस समस्या को ध्यान में रखते हुए मुंबई महानगर पालिका ने अलवणी करण संयंत्र यानी डी सैनिटेशन प्लांट बनाने का फैसला लिया है इसके अंतर्गत समुद्र से नमक को अलग करने की प्रक्रिया की जाएगी जिसके चलते समुद्र का पानी खारा नहीं होगा और उस पानी पर रासायनिक प्रक्रियाओं के तहत उसे पीने योग्य बनाया जा सकेगा।
मुंबई महानगरपालिका की स्थाई समिति में सोमवार को ५ सदस्यीय कमेटी बनाने को लेकर मंजूरी दे दी थी। कल मंगलवार को जनरल बॉडी मीटिंग में भी इसे अप्रूव कर दिया गया है ।
5 सदस्य कमेटी के अंतर्गत मनपा आयुक्त, दो अतिरिक्त आयुक्त, एक उपायुक्त (अभियंत्रीकी विशेष) और एक विशेष सचिव सदस्य इंजीनियरिंग विभाग के शामिल होंगे।
कमिटी डीटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट के आधार पर निर्णय लेगी कि किस कंपनी को यह संयंत्र निर्माण का ठेका देगी। संयंत्र निर्माण के लिए विभिन्न कंपनियां नियमों के तहत आवेदन कर सकते हैं।
इजराइल की कंपनी आईडीई वाटर टेक्नोलॉजी ने मनपा को एक प्रोजेक्ट रिपोर्ट सौंपा है। संयंत्र बनाने के लिए ६ से ८ एकड़ जमीन की आवश्यकता होगी और लगभग ३० महीने या ढाई साल के वक्त में यह संयंत्र यानी प्लांट तैयार किया जा सकेगा। संयंत्र की क्षमता प्रतिदिन 200 मिलियन लीटर पानी की होगी जिसे भविष्य में बढ़ाकर ४०० मिलियन लीटर तक किया जा सकेगा। प्रोजेक्ट रिपोर्ट अगले ६ से ८ महीने में विस्तृत रूप से पूरे होंगे।
पांच सदस्यीय समिति का गठन महाराष्ट्र इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट एनबलिंग अथॉरिटी, २०१८ एक्ट के अंतर्गत किया जाएगा। इस एक्ट के अंतर्गत कोई भी निजी कम्पनी डी-सलिटेशन प्लांट यानी अलवणीकरण संयंत्र निर्माण के ठेके के लिए आवेदन दे सकती है।आवेदन के तहत कम्पनी नए विचार, प्रस्ताव भी सुझा सकती हैं। इसमें पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप के तहत काम किया जा सकेगा।
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