उत्तराखंड के चमोली के रेनी गांव के निकट हिमनदी टूटी। बाढ़ की तीव्रता से तबाही की आशंका -150 लोग अभी तक गायब । तीन शरीर एनटीपीसी साइट-तपोवन से निकाले गए। केदारनाथ हरिद्वार भारी तबाही की चपेट में होने की आशंका। मुख्यमंत्री रावत का बयान-अफवाहों पर न दें ध्यान, पूरे घटनाक्रम पर प्रशाशन की है नजर
उत्तराखंड के गढ़वाल क्षेत्र हिमालय के निकट चमोली जिले के गांव रेनी के समीप हिमनदी के टूट जाने से भारी बाढ़ की वजह से तीव्र तबाही आने की आशंका उत्पन्न हो गई है । फिलहाल जल प्रवाह बहुत ही तीव्र गति से ऋषिकेश और हरिद्वार की तरफ बढ़ रहा है। सुरक्षा के पूरे इंतजाम किए जा रहे हैं नदी के किनारे रहने वालों की जिंदगी खतरे में है।/ लगभग 150 लोगों का कोई अता पता नहीं है। तीन शरीर एनटीपीसी साइट - तपोवन के पास से निकाले गए हैं। ऋषि गंगा पावर प्रोजेक्ट में तैनात अधिकारियों के अनुसार 50 से अधिक लोग अभी तक गायब हैं उनका कुछ भी पता नहीं चल पाया है। बाढ़ से भारी तबाही होने की आशंका जताई जा रही है ।
जो लोग गायब हैं या उनका पता नहीं चल रहा है । ऐसा बताया जा रहा है कि वह इस बांध पर काम करने वाले मजदूर हैं। संबंधित अधिकारियों ने चमोली से हरिद्वार की ओर जाने वाले रास्ते को हाई अलर्ट घोषित कर दिया है और लोगों की आवाजाही पर रोक लगा दिया गया है ।
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत शीघ्र ही हवाई मार्ग से पूरे घटनाक्रम की समीक्षा करेंगे और सुरक्षा का जायजा लेने जा रहे हैं ।भारी बाढ़ से होने वाली तबाही के मद्देनजर मुख्यमंत्री ने आपातकालीन मीटिंग भी बुला ली है।
धौलीगंगा में आई भीषण तबाही के चलते नदी के किनारे सैकड़ों घर फिलहाल डूब चुके हैं नष्ट हो चुके हैं। 150 से अधिक लोगों का कोई अता-पता नहीं है । रेनी गांव के निकट जोशीमठ पर इसका खासा असर पड़ा है। जोशीमठ से 26 किलोमीटर दूर नदी के किनारे रहने वाले कई लोगों के घर नष्ट हो गए हैं।
मुख्यमंत्री रावत ने कहा कि सुरक्षा के मद्देनजर प्राथमिक स्तर से भागीरथी नदी का प्रवाह रोक दिया गया है। श्रीनगर बांध और ऋषिकेश बांध को खाली करा दिया गया है ताकि अलकनंदा नदी के प्रवाह को रोका जा सके जो नंदप्रयाग तक आने के बाद सामान्य हो गया है ।जल स्तर सामान्य लेवल से 1 मीटर ऊपर है लेकिन जल स्तर की तीव्रता धीरे धीरे कम हो रही हैं।
मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने ट्विटर के माध्यम से लोगों को जानकारी देते हुए अपील किया है कि किसी भी तरह की अफवाह पर ध्यान न दिया जाए डिजास्टर मैनेजमेंट जनित आपदा प्रबंधन की पूरी टीम , राज्य सचिव मुख्य सचिव पुलिस प्रशासन और वह स्वयं पूरी स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं आपदा कंट्रोल रूम से हर संभव कोशिश की जा रही है।
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