0 मुम्बई कांग्रेस ने गैस, पेट्रोल, डीजल की बढ़ती कीमतों पर केंद्र सरकार के विरोध में निकाली पद यात्रा। मुम्बई के सायन में लगी कांग्रेस दिग्गजों की भीड़/ अगले 11 महीनों में है मुम्बई मनपा चुनाव। कांग्रेस की मतदाताओं को लुभाने की कवायद शुरू। - Khabre Mumbai

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मुम्बई कांग्रेस ने गैस, पेट्रोल, डीजल की बढ़ती कीमतों पर केंद्र सरकार के विरोध में निकाली पद यात्रा। मुम्बई के सायन में लगी कांग्रेस दिग्गजों की भीड़/ अगले 11 महीनों में है मुम्बई मनपा चुनाव। कांग्रेस की मतदाताओं को लुभाने की कवायद शुरू।

पेट्रोल की कीमत शतक पर पहुंचने ,रसोई गैस की कीमत 719 रुपये(नॉन सब्सीडी), डीजल की कीमतों में वृद्धि होने के बाद मुम्बई कांग्रेस ने केंद्र सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।

 कल शनिवार को मुंबई के सायन में पदयात्रा का आगाज़ करते हुए मुम्बई मनपा विरोधी पक्ष नेता व  पांच बार के स्थानीय नगरसेवक रवि राजा कोण्डु, महिला इकाई अध्यक्ष व कांदिवली की नगरसेविका श्रीमती अजंता यादव, राज्य शिक्षण मंत्री व अखिल भारतीय कांग्रेस सचिव रहीं श्रीमती वर्षा गायकवाड़, पूर्व मुम्बई इकाई अध्यक्ष व सांसद रहे एकनाथ गायकवाड़, मुंबई अध्यक्ष भाई जगताप, उपाध्यक्ष चरण जीत सिंह सप्रा (वि. प. सदस्य),  राज्य मंत्री  व मालाड से विधायक असलम शेख , अक्टूबर २०१९ में कांग्रेस से सायन कोलीवाड़ा विधानसभा से विधायकी  लड़ कर हार का सामना कर चुके  युवा नेता गणेश यादव सभी एक सुर में एक मंच पर साथ आए।  गणेश यादव को भाजपा के स्थानीय विधायक व पूर्व में नगरसेवक रहे दिग्गज कैप्टेन तमिल सेलवन से हार मिली थी। 
क्षेत्र में व्यापक स्तर पर बड़े बड़े कई बैनर लगाकर जनता को इस पदयात्रा से जोड़ने की मुहिम शुरू की गई है।  कांग्रेस का मानना है कि कोरोना काल मे लोगों की नौकरियां चली गई , अर्थव्यवस्था के हालात खराब हैं और उस पर महंगाई की मार झेल पाना आम आदमी के दूभर हो गया है।
हालांकि राज्य में सत्तासीन कांग्रेस अपनी ही अघाड़ी सरकार का विरोध बढ़ी हुई बिजली कीमतों के विरोध नही कर पा रही है।

 उधर भाजपा के एक  स्थानीय नेता ने बातचीत में बताया कि कितने ही लोग कोरोना के काल मे अप्रैल से जून तक घर से गांव पलायन कर गए फिर भी उन्हें तीन गुने से ज्यादा बिल बी ई एस टी द्वारा भेज दिया गया । आज तक बढ़ी दरें न कम हुई और न ही खारिज हुई। हजारो उपभोक्ताओं को वार्निंग लेटर भी निर्देशित हुए जिसमे कहा गया है कि समय पर भुगतान न किये जाने पर बिजली प्रवाह निष्कासित कर दी जाएगी। कांग्रेस ने कभी इसका विरोध नही किया क्यों कि वह खुद सत्ता में हैं। अब जब पेट्रोल ,डीजल के दाम अंतराष्ट्रीय स्तर से प्रभावित होकर बढ़ते हैं तब कांग्रेस जमकर विरोध कर रही है।


हाल ही में  विदर्भ के दिग्गज नेता व विधानसभा अध्यक्ष नाना पटोले ने इस्तीफा दिया व कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष की कमान संभाल ली है। अब तक रेवेन्यू मंत्री बाळासाहेब थोरात यह पदभार संभाल रहे थे। नाना को मंत्री पद की भी उम्मीद थी जो अभी तक नही मिल सकी है।

 महाविकास अघाड़ी सरकार में विधानसभा की अध्यक्षता कांग्रेस के हिस्से आई थी । एक वर्ष बाद ही पद से इस्तीफा देने को लेकर शिवसेना मुखपत्र सामना में कटाक्ष भी किया गया। 

राकांपा प्रमुख व अघाड़ी सरकार के सूत्रधार कहे जानेवाले राजनीति के चाणक्य व मराठा पॉवर शरदचंद्र पवार ने कहा कि एक साल में ही नाना यह पद छोड़ देंगे इसकी उम्मीद किसी को नही थी जबकि पद उन्हें ५ साल के लिए दिया गया था। अब उनकी जगह कौन लेगा इस पर तीनों पार्टियों के मुख्य नेतागण मिलकर ही सुनिश्चित करेंगे ताकि पूरे कार्यकाल तक वह पद पर बने रहें।
गौर तलब हो कि हाल ही में राज्य कांग्रेस ने निर्णय लिया है कि चूंकि उनके कई मंत्रियों के साथ  राज्य सरकार द्वारा  महत्वपूर्ण निर्णय में सहभागिता नही ली जा रही है इसलिए वे अघाड़ी सरकार में  असंतुष्ट हैं और मनपा चुनाव अकेले ही लड़ना चाहते हैं।  मुंबई में २२७ नगरसेवकों वाली मनपा का चुनाव फरवरी २०२२ में होना है जिसके लिए अब सिर्फ १ वर्ष ही रह गया है। अब कोरोना का संक्रमण भी थम गया है। वैक्सीनेशन की भी शुरुआत हो चुकी है। ऐसे में जनता के बीच जाने ,अपने प्रचार और जनता का एक दूसरे से बेहतर हितैषी बताने का एक भी मौका कोई पार्टी छोड़ना नही चाहती। सड़को पर  पार्टियों के बड़े बड़े  बैनर इसी तरफ इशारा करते हैं।

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