0 उद्धव ठाकरे ने की आधिकारिक बंगले पर उच्च स्तरीय मीटिंग, जल्द शुरू की जा सकती है मुम्बई लोकल सभी के लिए। रेलवे को दिए फुल सर्विस की तैयारी के संकेत - Khabre Mumbai

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उद्धव ठाकरे ने की आधिकारिक बंगले पर उच्च स्तरीय मीटिंग, जल्द शुरू की जा सकती है मुम्बई लोकल सभी के लिए। रेलवे को दिए फुल सर्विस की तैयारी के संकेत

विश्वसनीय सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार, राज्य के मुखिया उद्धव ठाकरे ने कल अपने आधिकारिक बंगले पर  मुम्बई लोकल सभी के लिए शुरू किए जाने को लेकर उच्च स्तरीय मीटिंग की है।
इस मीटिंग में सेंट्रल व वेस्टर्न दोनों रेल विभाग के महा प्रबंधक, मुम्बई शहर मनपा आयुक्त, स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी एवं राज्य सरकार के उच्च स्तरीय अधिकारी भी शामिल थे।  मुख्यमंत्री ठाकरे ने मौजूदा स्थिति का जायजा लिया।

24 मार्च की लॉक डाउन से पहले मुम्बई में 80 लाख के लगभग लोग लोकल से सफर करते थे। मौजूद हालात में अत्यवश्यक सेवा से जुड़े सरकारी और निजी कर्मचारी, बैंक कर्मचारी, अस्पताल से जुड़े स्टाफ, अत्यावश्यक इंजिनीयरिंग सेवा से जुड़े लोग, सुरक्षा रक्षक इत्यादि को सफर की इजाजत दी गई है। लगभग २० लाख लोग वर्तमान में यात्रा कर रहे हैं।
महिलाओं को नॉन पीक समय मे यात्रा करने की मंजूरी दी गई है।
हालांकि आम जनता के लिए अब भी पाबंदी है, जिसके चलते अधिकांशतः भार मुंबई की सरकारी बसों पर आ गया है, बसों से यात्रा के लिए कई स्थानों जैसे, दादर, कुर्ला, सायन, घाटकोपर, ठाणे, डोम्बिवली और कल्याण जैसे उपनगर  और वैसे ही पश्चिम लाइन पर बांद्रा, अंधेरी, गोरेगांव, मालाड, कांदिवली, बोरीवली, भायंदर ,नालासोपारा जैसी जगहों पर बहुत भारी भीड़ और लंबी कतारें देखने को मिल रही हैं।लोगो को लंबी दूरी में समय भी पहले की अपेक्षा तीन चार गुने से ज्यादा वक्त देना पड़ रहा है। 
वहीं टैक्सियों, ऑटो, ओला उबेर आदि भी ऊनी सेवाएं दे रहे हैं पर   इनके कई गुना अत्यधिक खरचीले साधन होने के चलते मध्यम वर्गीय जनता बसों से ही यात्रा कर रही है।


अब चूंकि मुम्बई और अन्य उपनगरों में अब कोरोना का संक्रमण दम तोड़ रहा है और काफी हद तक नियंत्रण की स्थिति में आ रहा है।  ऐसे में सरकार रेलवे सेवा आम जनता के लिए शुरू करने पर विचार कर रही है। मुम्बई महानगर क्षेत्र में संक्रमण रेट ५ प्रतिशत से भी कम रह गया है जबकि संक्रमण से प्रभावित होनेवाला प्रतिशत और भी कम है।

 वर्तमान में सेंट्रल रेलवे 1580 ट्रेन रोज चला रही है ,यदि पूरी सेवा शुरू हुई तो अब 1774 ट्रेनें चलेंगी।
पश्चिम रेलवे इस समय 1201ट्रेनें चला रही है जबकि पूरी सेवा शुरू किए जाने और 1367 ट्रेनें चलने लगेंगी।
 एक वरिष्ठ रेलवे अधिकारी के अनुसार बहुत से कार्यालय वर्क फ्रॉम होम के अनुरूप काम कर रहे हैं और कई कंपनियों ने एहतियातन फील्ड पर आने से मना किया हुआ है।ऐसे में पूरी सेवा शुरू किए जाने के बाद भी तुरंत यात्रियों का स्तर लोक डाउन से पूर्व की सीमा तक पहुंचना मुश्किल है। 80 लाख तक यात्रितों कि संख्या पहुंचने में थोड़ा वक्त लगेगा।
रेलवे विभाग (पश्चिम और केंद्रीय दोनों) शुक्रवार  २९ जनवरी तक अपनी पूरी ट्रेन सेवा देने की तैयारी कर रहा है ।हालांकि  कोई सरकारी निर्देश इस विषय पर अब तक नही दिया गया है।  उम्मीद है कि रेलवे धीरे धीरे यह सेवा शुरू कर सकती है।शुरुआत में सुबह 7 बजे से पहले और सुबह 10 बजे के बाद इस तरह नॉन पीक आवर में आम जनता के लिए सेवा शुरू की जा सकती है।

कल मुख्यमंत्री की अगुवाई में  हुई हाई लेवल मीटिंग के बाद लोकल सेवा आम लोगो के लिए जल्द ही शुरू होने की उम्मीदें बढ़ गई हैं।

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