0 सोनू सूद को मुंबई हाईकोर्ट ने राहत देने से किया इनकार। मामला जुहू स्थित शक्ति सागर इमारत में होटल शुरू करने से जुड़ा/ मुम्बई मनपा ने सोनू सूद को भेजा है नोटिस- सूद ने किया सर्वोच्च न्यायालय का रुख, किसी भी अनियमितता से किया इनकार/ - Khabre Mumbai

Breaking News

सोनू सूद को मुंबई हाईकोर्ट ने राहत देने से किया इनकार। मामला जुहू स्थित शक्ति सागर इमारत में होटल शुरू करने से जुड़ा/ मुम्बई मनपा ने सोनू सूद को भेजा है नोटिस- सूद ने किया सर्वोच्च न्यायालय का रुख, किसी भी अनियमितता से किया इनकार/

सोनू सूद और मुंबई मनपा के बीच की लड़ाई थमने का नाम नहीं ले रही है। मामला ऐसा है कि पिछले वर्ष मुंबई महानगर पालिका ने सोनू सूद को नोटिस भेजा था जिसके अंतर्गत यह उल्लेख है  कि जूहू एरिया स्थित 6 मंजिला इमारत सागर शक्ति जो कि सोनू सूद का रिहायशी निवास है। उसमें आंतरिक फेरबदल कर बिना किसी परमिशन के होटल शुरू कर दिया गया है।

 न्यायालय का रुख

अभिनेता सोनू सूद ने इस नोटिस के खिलाफ दिंडोशी सिविल कोर्ट में याचिका लगाई थी लेकिन वहां से राहत नहीं मिली और कोर्ट के आदेश के विरुद्ध उन्होंने मुंबई उच्च न्यायालय की ओर रुख किया था। शुक्रवार 22 जनवरी को मुंबई उच्च न्यायालय ने भी उन्हें इस मामले में किसी भी तरह की राहत देने से इंकार कर दिया है।न्यायमूर्ति पृथ्वीराज चौहान ने कहा कि कानून उन्हीं की मदद करती है जो जो अपने काम में सावधानी और परिपक्वता दिखाते हैं। 

      (फाइल फोटो: मुम्बई उच्च न्यायालय)

 सोनू के वकील की दलील

सोनू सूद के वकील अमोघ सिंह ने कहा है कि अक्टूबर २०२० में ही उन्होंने इस मामले में न्यायालय से गुजारिश की थी और उचित जवाब देने के लिए 10 हफ्तों का समय मांगा था । उच्च न्यायालय मुम्बई ने कहा  कि उनके पास पहले ही पर्याप्त समय था और वह चाहते तो मनपा के पास जा सकते थे।

     क्या है पूरा मामला

मामला यह है कि मुंबई के जुहू में शक्ति सागर नामक 6 मंजिला इमारत है जो सोनू सूद की है। यह इमारत रहने के लिए आदेशित है जबकि इसमें आंतरिक फेरबदल कर इसकी संरचना से छेड़छाड़ किया गया है और बिना किसी आधिकारिक आदेश के होटल का व्यवसाय शुरू किया गया है- ऐसा महानगरपालिका का मानना है और इसीलिए पालिका ने सोनू सूद को इसमें नोटिस जारी किया था। 

 क्या कहते हैं अभिनेता सोनू सूद: 

सूद का कहना है कि इस मामले में कोई अनियमित या अवैध काम नही हुआ है। मनपा द्वारा चेंज ऑफ यूजर का परमिशन भी मिल चुका है। सिर्फ महाराष्ट्र कोस्टल जोन मैनेजमेंट अथॉरिटी से पारित होना बाकी है । कोस्टल ज़ोन ऑथोरिटी से अब तक इजाजत नही मिलने की मुख्य वजह कोरोना वायरस के चलते संचार बंदी है। सूद का यह भी कहना है कि यदि उन्हें अप्रूवल नही मिलता है तो वह होटल को फिर से पूर्ववत कर देंगे। 

   मुम्बई पुलिस का रुख
शक्ति सागर अपार्टमेंट जुहू के ए बी नायर रोड पर स्थित है। जोन ९ के पुलिस उपायुक्त अभिषेक त्रिमुखे ने कहा है कि वह और उनकी टीम मामले की प्राथमिक जांच कर रहे हैं जिसके बाद ही प्राथमिकी यानी एफआईआर दर्ज की जाएगी।

    क्या कहती है मनपा
वहीं मनपा का कहना है कि ४ जनवरी को जुहू पुलिस थाने में मनपा ने लिखित शिकायत दी है कि सूद ने तकनीकी आदेश के बिना, एप्रूव्ड प्लान में फेरबदल किया, रिहायशी इमारत को रिहायशी होटल के रूप में बदला है जिसके लिए उनके पास कोई अप्रूवल नही है। नोटिस दिए जाने के बाद भी आंतरिक फेरबदल चलता रहा जो कि मुम्बई रिजनल टाउन प्लानिंग ऑक्ट के अनुच्छेद ७के तहत दंडनीय अपराध है। मनपा ने मुम्बई पुलिस से इस मामले में न्यायोचित कार्रवाई करने की मांग की है। 

मनपा के वेस्ट वार्ड के सहायक आयुक्त विश्वास मोटे के अनुसार मनपा अपने तय मानक के अनुसार कार्रवाई कर रही है। अक्टूबर में भेजे नोटिस के खिलाफ सोनू को दिंडोशी न्यायालय ने राहत नही दी और उच्च न्यायालय में अपील के लिए तीन हफ़्तों का समय दिया था।यह समय बीतने के बाद हमने मुम्बई पुलिस को एमआरटीपी एक्ट के तहत कार्रवाई करने की अपील की है।

अभिनेता सोनू सूद ने लॉकडाउन के दरमियान हजारों लोगों को मुंबई से उनकी मूल निवास विभिन्न राज्यों में सुरक्षित रूप से भेजने में मदद की थी अपने व्यक्तिगत खर्च से कई बसों के माध्यम से लोगों को उनके घर पहुंचाया। अपने इस दरियादिली और मानवता के लिए सोनू सूद काफी सुर्खियों में रहे हैं। इस होटल को भी सूद ने कोरोना योद्धाओं के रूप में लड़ रहे मेडिकल स्टाफ को समर्पित किया है।

No comments