बदायूं गैंगरेप मामला/मंदिर के मुख्य पुजारी सहित दो अन्य सहयोगी गिरफ्तार/मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी ने भेजा पुलिस रिमांड में /कांग्रेस ने की बदायूं गैंग रेप की तुलना दिल्ली के निर्भया कांड से/५०वर्षीय आंगनवाड़ी कार्यकर्ता का हुआ रेप और मर्डर 3 जनवरी को
उत्तर प्रदेश में बदायूं के उघैती परिसर स्थित मंदिर में बीते दिनों हुई 50 वर्षीय आंगनवाड़ी महिला कार्यकर्ता की मुख्य पुजारी और दो अन्य सहयोगियों द्वारा किए गए गैंगरेप की पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार हो चुकी है।
रिपोर्ट के अनुसार पैर की हड्डियां टूटी है ।सीने को सुरक्षा देने वाली हड्डियां भी टूटी है ।शरीर में अन्य कई जगहों पर गंभीर जख्म के निशान हैं। सबसे पहले मंदिर के 2 सहयोगी वेद राम और जसपाल को 5 जनवरी को ही गिरफ्तार किया गया था ।बाद में बलात्कार की पुष्टि होने के बाद मंदिर के मुख्य पुजारी को भी गिरफ्तार किया गया।
रेप पीड़िता के परिवार ने आरोप लगाया है कि मंदिर के पुजारी और उनके दो सहयोगियों ने ही बलात्कार करने के बाद जान से मार दिया है और सरकार से न्याय की गुहार लगाई है। यह घटना 3 जनवरी की है। राष्ट्रीय महिला आयोग की टीम ने गुरुवार 7 जनवरी को पीड़िता के परिवार से मुलाकात की।
दिवंगत पीड़िता के बेटे ने कहा कि महंत सत्य नारायण उस दिन मम्मी को सुबह से ही फोन कर रहे थे। शाम 4 बजे फिर से महंत ने फोन किया था उस वक़्त मम्मी स्नान कर रही थी। मम्मी ने फोन पर बात की और उसके बाद ही मंदिर के लिए निकल गई। उनकी मम्मी धार्मिक महिला थीं और अक्सर पूजा करने मंदिर जाया करती थीं। रविवार 3 जनवरी को जब वह अपेक्षित समय में नही लौटी तो परेशानी बढ़ गई।रात 11 बजे के लगभग महंत सत्य नारायण और 2 अन्य सहयोगी घर आकर मृत शरीर सौपते हुए कहा कि शरीर मंदिर परिसर के पास स्थित सूखे कुंए में मिला है।
इस मामले में पुलिस अधिकारियों द्वारा घोर लापरवाही बरती गई, जिसके चलते 2 अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया है। घटना रविवार की है जबकि पोस्टमार्टम से रेप सुनिश्चित होने के बाद मंगलवार को प्राथमिकी दर्ज की गई थी।
लोकल पुलिस इंचार्ज राघवेंद्र प्रताप सिंह और सीनियर एस पी- बदायूं ,संकल्प शर्मा को इतने संगीन मामले में लापरवाही बरतने के चलते तत्काल प्रभाव से निलम्बित कर दिया गया है।
बदायूं के सर्कल अधिकारी अनिरुद्ध सिंह के अनुसार सिविल कोर्ट के मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पुलिस रिमांड की मांग की गई थी जिसे माननीय न्यायाधीश ने स्वीकृत कर लिया ।तीनों को जेल भेज दिया गया है। कई प्रश्नों के जवाब मिलने बाकी हैं जिसके लिए उन्हें रिमांड में लेना जरूरी था ।
विरोधी पार्टियों ने योगी सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। शर्मसार और दुर्भाग्यपूर्ण बलात्कार की इस घटना ने बदायूं समेत पूरे राज्य को झकझोर दिया है। कांग्रेस ने बदायूं गैंगरेप घटना की तुलना दिल्ली के निर्भया कांड से की है।
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