बिहार की बेटी सायकल गर्ल ज्योति कुमारी को प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार से किया गया है सम्मानित - लॉकडाउन के समय 12 सौ किलोमीटर की दूरी बीमार पिता के साथ साईकिल पर की थी तय
ज्योति कुमारी का नाम हम सभी जानते हैं। यह घटना लॉक डाउन के समय की है जब वह सिकंदरपुर हरियाणा से अपने बीमार पिता को साइकिल पर बिठाकर 1200 किलोमीटर की यात्रा करते हुए बिहार के दरभंगा जिले तक पहुंची थी।
ज्योति मूल रूप से दरभंगा जिला, बिहार के सिंहवाड़ा प्रखंड के सिरहुल्ली गांव की रहनेवाली हैं। इस साहसिक कारनामे के बाद से ही ज्योति कुमारी देश ही नही विदेश में भी साईकल गर्ल के नाम से विख्यात हो चुकी हैं।
१६ वर्षीय ज्योति कुमारी की इस बहादुरी से प्रेरित होकर साइकिलिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया उन्हें ट्रायल देने की पेशकश की पर ज्योति ने दसवीं की शिक्षा को प्राथमिकता दी।
इन्ही ज्योति कुमारी को इनकी वीरता और बहादुरी के सम्मान स्वरूप प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार २०२१ से सम्मानित किया गया है। ज्योति को यह उत्कृष्ट पुरस्कार वीरता के क्षेत्र में दिया गया है।
सोमवार की सुबह ११ बजे प्रधानमंत्री ने वर्चुअल संवाद के जरिए ज्योति कुमारी से बात भी की । ज्योति देश के उन ३२बच्चों में शामिल हैं जिन्होंने सम्मान ग्रहण करने से पूर्व अपने एन आई सी केंद्र पहुंचकर यह राष्ट्रीय बाल पुरस्कार से सम्मनित होते समय प्रधानमंत्री से वरचुअल बात भी की।
कल सुबह ज्योति को उनके घर से जिलाधिकरी के द्वारा भेजी गई गाड़ी से दरभंगा लाया गया था। इस अवसर पर ज्योति के पिता, माँ और प्रशाशनिक अधिकारी भी मौजूद रहे। मोदी जी ने सभी ३२ बच्चों को पुरस्कृत करते समय कहा की वे प्रत्येक वर्ष किसी एक महापुरुष की जीवनी अवश्य पढ़ें। इससे जीवन मे बहुत प्रेरणा मिलती है।
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