डिजिटल भुगतान पर नए नियम/ ग्राहकों को नहीं देना होगा अतिरिक्त शुल्क/ छोटे दुकानदारों को १ लाख तक कोई MDR शुल्क नहीं।
डिजिटल भुगतान पर MDR शुल्क में बदलाव, छोटे दुकानदारों को बड़ी राहत
मुंबई। डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने और छोटे कारोबारियों पर शुल्क का बोझ कम रखने के उद्देश्य से मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) को लेकर नए प्रावधान प्रस्तावित किए गए हैं।
नए ढांचे के तहत छोटे दुकानदारों के लिए निर्धारित सीमा तक डिजिटल लेनदेन पर MDR शून्य रखा जाएगा, जबकि अधिक राशि के लेनदेन पर निर्धारित दर से शुल्क लागू होगा। खास बात यह है कि MDR का भुगतान उपभोक्ता को नहीं करना होगा।
प्रस्तावित व्यवस्था के अनुसार, एक लाख रुपये तक के डिजिटल भुगतान कारोबार वाले छोटे दुकानदारों के लिए MDR शून्य रहेगा। वहीं, 2,000 रुपये से अधिक के लेनदेन पर 0.4 प्रतिशत MDR लागू होने की बात कही गई है। इसके अलावा 75,000 रुपये से अधिक के लेनदेन पर MDR की राशि 300 रुपये निर्धारित की जाएगी। यह राशि दुकानदारों को देनी होगी, ग्राहक से कोई चार्ज नहीं लिया जाएगा।
इस व्यवस्था का उद्देश्य छोटे व्यापारियों को डिजिटल भुगतान स्वीकार करने के लिए प्रोत्साहित करना है, ताकि MDR का अतिरिक्त खर्च उनकी कमाई और मार्जिन को प्रभावित न करे। साथ ही, ग्राहकों पर सीधे तौर पर इस शुल्क का बोझ नहीं डाला जाएगा।
स्टॉक ब्रोकर और म्यूचुअल फंड के लिए अलग दर
डिजिटल वित्तीय सेवाओं के क्षेत्र में स्टॉक ब्रोकर और म्यूचुअल फंड लेनदेन के लिए अलग MDR दर प्रस्तावित है। इनके मामले में 2,000 रुपये से अधिक के लेनदेन पर 0.02 प्रतिशत MDR लगाया जाएगा।
वित्तीय क्षेत्र में डिजिटल भुगतान का इस्तेमाल लगातार बढ़ने के बीच MDR की दरें भुगतान पारिस्थितिकी तंत्र के लिए महत्वपूर्ण हैं। बैंकों, भुगतान सेवा प्रदाताओं और व्यापारियों के बीच MDR के बंटवारे तथा इसके वास्तविक प्रभाव का निर्धारण संबंधित नियमों और अंतिम अधिसूचना के अनुसार होगा।
हालांकि, इन दरों के लागू होने की अंतिम तारीख ( संभावित १५ अक्टूबर २०२६) और विस्तृत परिचालन नियम संबंधित नियामकीय/सरकारी अधिसूचना से स्पष्ट होंगे।
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