जस्टिस महेश चंद्र त्रिपाठी बने बॉम्बे हाई कोर्ट के 50वें मुख्य न्यायाधीश/ राज्यपाल वर्मा ने दिलाई गोपनीयता की शपथ/
न्यायमूर्ति महेश चंद्र त्रिपाठी बने बॉम्बे हाईकोर्ट के 50वें मुख्य न्यायाधीश
राज्यपाल जिष्णु देव वर्मा ने दिलाई शपथ, न्यायपालिका में लंबे अनुभव का लाभ मिलने की उम्मीद।
मुंबई। न्यायमूर्ति महेश चंद्र त्रिपाठी ने 9 सितंबर को लोकभवन में बॉम्बे हाईकोर्ट के 50वें मुख्य न्यायाधीश के रूप में पद एवं गोपनीयता की शपथ ली। शपथ ग्रहण समारोह में महाराष्ट्र के राज्यपाल जिष्णु देव वर्मा ने उन्हें पद की शपथ दिलाई। इस अवसर पर न्यायपालिका, प्रशासन और राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा ताई पवार इस मौके पर मौजूद रहे।
मुख्य न्यायाधीश के रूप में कार्यभार संभालने के बाद न्यायमूर्ति त्रिपाठी के समक्ष लंबित मामलों के शीघ्र निपटारे, न्यायिक प्रशासन को और अधिक प्रभावी बनाने तथा आम नागरिकों को समयबद्ध न्याय उपलब्ध कराने जैसी महत्वपूर्ण चुनौतियां रहेंगी।
न्यायमूर्ति त्रिपाठी का न्यायिक सफर
न्यायमूर्ति महेश चंद्र त्रिपाठी ने अपने न्यायिक करियर में लंबे समय तक संवैधानिक, दीवानी और आपराधिक मामलों की सुनवाई की है। न्यायिक क्षेत्र में उनके अनुभव में महत्वपूर्ण संवैधानिक एवं प्रशासनिक मुद्दों से जुड़े मामलों की सुनवाई भी शामिल रही है। 1990 में लखनऊ विश्विद्यालय से स्नातक की पढ़ाई की और 1992 में बतौर वकील पंजीकृत हुए। वह उत्तर प्रदेश शासन के लिए एडिशनल चीफ स्टैंडिंग काउंसिल रहे। कानपुर नगर निगम, कानपुर विकास प्राधिकरण, आगरा प्राधिकरण निगम, उत्तर प्रदेश फूड एंड एसेंशियल कमोडिटीज कॉरपोरेशन, मुरादाबाद विकास प्राधिकरण के काउंसिल रहे।
2013 में इलाहाबाद हाई कोर्ट के अतिरिक्त न्यायाधीश बने, 2015 में परमानेंट न्यायाधीश बने।
6 आगस्त 2026 को सर्वोच्च न्यायालय कॉलेजियम ने उनका नाम बम्बई उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश के लिए प्रस्तावित किया था।
उनकी न्यायिक कार्यशैली में कानून की स्पष्ट व्याख्या, प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों तथा न्यायिक प्रक्रिया में निष्पक्षता पर विशेष जोर देखा गया है। अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने विभिन्न महत्वपूर्ण मामलों में दिए गए निर्णयों के माध्यम से कानून की व्याख्या और न्यायिक सिद्धांतों को स्पष्ट किया है।
महत्वपूर्ण जिम्मेदारी
बॉम्बे हाईकोर्ट देश के सबसे पुराने और महत्वपूर्ण उच्च न्यायालयों में से एक है। इसके अधिकार क्षेत्र में महाराष्ट्र के साथ-साथ गोवा तथा केंद्रशासित प्रदेश दादरा एवं नगर हवेली और दमन एवं दीव से जुड़े मामले भी आते हैं। बड़ी संख्या में लंबित मुकदमों के बीच नए मुख्य न्यायाधीश के सामने न्यायिक कार्यों को गति देना बड़ी प्राथमिकता होगी।
न्यायमूर्ति त्रिपाठी के प्रशासनिक अनुभव का इस्तेमाल हाईकोर्ट की विभिन्न पीठों के कामकाज को सुव्यवस्थित करने, मामलों की सुनवाई में तेजी लाने और तकनीक आधारित न्यायिक प्रक्रियाओं को मजबूत करने में किया जा सकता है।
किसके स्थान पर संभाला पद?
न्यायमूर्ति महेश चंद्र त्रिपाठी ने बॉम्बे हाईकोर्ट के पूर्व मुख्य न्यायाधीश श्री चंद्रशेखर के स्थान पर पदभार संभाला है। अब तक न्यायमूर्ति रविन्द्र घूघे यह कार्यभार संभाल रहे थे। उनके पूर्ववर्ती मुख्य न्यायाधीश का कार्यकाल पूरा होने के बाद केंद्र सरकार की अधिसूचना के तहत न्यायमूर्ति त्रिपाठी की नियुक्ति की गई।
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