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पहलगाम टेरर अटैक की जांच करेंगी अब NIA

NIA आधिकारिक तौर पर अब करेंगी पहलगाम आतंकी हमले की जांच; १४ कश्मीरी आतंकियों की सूची NIA ने बनाई जिन्होंने पाक आतंकियों की मदद की।

२२ अप्रैल २०२५ दोपहर २ बजे के लगभग चार आतंकी जो भारतीय सेना का ड्रेस पहने हुए थे ने पहलगाम से सात किमी दूर स्थित बेसारन घाटी में घूमने आए पर्यटकों को धर्म पूछकर सिर्फ हिंदुओं को निशाना बनाया ,उन्हें गोली मार दी, इन पर्यटकों की महिलाओं को छोड़ दिया और धमकी भी दी कि जाकर मोदी को बोल देना हमने क्या किया है।
पिछले पांच दिनों से कई न्यूज ग्रुप, सोशल मीडिया में कई तरह की खबरें चल रही हैं। कोई वहां पोनी यानी घोड़े पर पर्यटकों को घाटी ले जाने का व्यवसाय करते हैं, उन्होंने बचे हुए पर्यटकों को स्टेशन तक मुफ्त में छोड़ा , तो कई चैनल यह बता रहे कि पोनी वालों ने सामान्यतः ४००के बदले ४००० रुपए किराया वसूल लिया।
एक पोनी वाले ने आतंकियों का विरोध किया कि टूरिस्ट मेहमान है ,मत मारो ,उसने उनकी बंदूक छीनने की कोशिश की तो आतंकियों ने उस पोनी वाले मोहम्मद सैयद को मार दिया।
कुल २८ हिंदू ( एक नेपाली समेत) को गोली मारी गई। जिन्हें कलमा पढ़ना नहीं आया उनका सर कलम कर दिया गया।
घटना की जांच जम्मू कश्मीर पुलिस कर रही थी, २३ अप्रैल को NIA के डीजीपी ने भी घटना स्थल का दौरा किया था।


अब गृह मंत्रालय के निर्देश के बाद इसकी जांच का ऑफिशियल जिम्मा NIA ने ले लिया है।
NIA की नजर उन कश्मीरी आतंकियों पर है जिन्होंने इन चार पाकिस्तानी आतंकी संगठन लश्कर ए तैयबा की यूनिट द रेजिस्टेंस फ्रंट की मदद की और इस भीषण घटना को अंजाम दिया गया।
२० से ४० वर्ष के लगभग १४ कश्मीर के लोकल आतंकियों की सूची NIA ने बनाई है।

आदिल रहमान डेंटू २१ वर्ष( सोपोर में लश्कर ए तैयबा का कमांडर आतंकी है)
आसिफ अहमद शेख, २८ ( अवंतिपुरा मे जेश ए मोहम्मद का आतंकी है)
एहसान अहमद शेख, २३ ( लश्कर ए तैयबा का आतंकी सदस्य जो पुलवामा में है)
यावर अहमद भट, २४ ( यह जेश ए मोहम्मद आतंकी संगठन में सक्रिय है)
जुबेर अहमद वाणी, ३९ ( यह हिजबुल मुजाहिद्दीन आतंकी संगठन का लीडर है जो अनंतनाग में सक्रिय है)।


कुछ ये आतंकी हैं जो खास कर दक्षिणी कश्मीर से सक्रिय हैं और विदेशी पाकिस्तानी आतंकियों की मदद करते हैं ताकि ऐसी आतंकी गतिविधियों को अंजाम दिया जाए। NIA को इंटेलीजेंस ब्यूरो से भी सहायता मिल रही है ताकि इन नेटवर्क को खत्म किया जाए।

पांच आतंकी जिन्होंने पहलगाम की वीभत्स घटना को अंजाम दिया , इसके लिए सरकार की ओर से २० लाख रूपये की घोषणा भी की गई ताकि इन आतंकियों के बारे में जल्दी ही कोई जानकारी मिल सके।

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