मुंबई मनपा द्वारा दवा आपूर्ति वाली कंपनियों का १२० करोड़ बकाया/ दवा आपूर्ति कंपनियों की संस्था का ऐलान, १३ जनवरी से अस्पतालों को नहीं करेंगे सप्लाई/ कृष्णा डायग्नोस्टिक्स ने भी पैथोलॉजी सर्विस रोकी।
मुंबई महानगरपालिका द्वारा चलाए जा रहे विभिन्न सरकारी अस्पतालों में दवाओं की सप्लाई करने वाले 150 से ज्यादा दवा विक्रेताओं को पिछले चार महीने से दवाओं का पैसा नहीं दिया जा रहा है। लगभग 120 करोड रुपए तक का बकाया है जिसके चलते 150 के लगभग दवा विक्रेताओं की संगठित संस्था ऑल फूड एंड ड्रग्स लाइसेंस होल्डर फाउंडेशन ने चेतावनी दी है कि यदि उन्हें बकाया पैसा नहीं दिया जाता तो 13 जनवरी से दवाओं की सप्लाई मुंबई मनपा के सभी सरकारी अस्पतालों को बंद कर दी जाएगी।
यदि ऐसा होता है तो मुंबई महानगर पालिका द्वारा चल रहे सरकारी अस्पतालों पर बड़ा संकट आ सकता है । लोगों को दवाइयां नहीं मिल पाएंगी।
आपको बता दें निजी लेबोरेटरी संस्थान कृष्णा डायग्नोस्टिक्स ( Krssna Diagnostics)ने भी मनपा अस्पतालों के साथ "आपली चिकित्सा स्कीम" के अंतर्गत पैथोलॉजीसहयोग का हाथ बढ़ाया था। उन्होंने अपनी इस पैथोलॉजी के सर्विस को फिलहाल के लिए बंद कर दिया गया है।
ऑल फूड एंड ड्रग्स लाइसेंस होल्डर फाउंडेशन के अध्यक्ष अभय पांडे ने कहा है की दवा विक्रेताओं को आर्थिक संकट का सामना करना पड़ रहा है। यदि मनपा और राज्य सरकार उन्हें 4 महीने का भुगतान करने पर नहीं सोचती है तो मजबूरन उन्हें दवाओं की सप्लाई बंद करनी पड़ सकती है।
बताते चलें कि मनपा द्वारा दवा विक्रेताओं को समय पर पैसे नहीं दिए जाने का मामला कोई नया नहीं है। इसके पहले भी मुंबई सेंट्रल के नायर अस्पताल में भी इसी तरह का मामला आया था जब उन्होंने अत्यावश्यक सर्जरी की दवाइयां देने वाले विक्रेता को पैसे नहीं चुकाए थे।
इसके बाद उन्होंने अपनी सर्विस बंद कर दी थी जिसके चलते कार्डियोलॉजी यानी हृदय रोग का विभाग, आप्थाल्मालॉजी आंखों का विभाग, ऑर्थोपेडिक हड्डियों का विभाग और सीवीटी सेरेब्रल वेनस थ्रांबोसिस इन सभी विभाग को दवाइयां की आपूर्ति बंद कर दी गई थी, इसका सीधा-सीधा असर मरीजों पर देखने को मिल रहा था।
संस्थान के अध्यक्ष अभय पांडे ने कहा है कि मनपा आयुक्त भूषण ग़गरानी को इस बारे में पहले ही पत्र दिया जा चुका है कि किस तरह संस्था के सदस्य दवा विक्रेता जो मनपा के सरकारी अस्पतालों को दवा सप्लाई करते हैं वह आर्थिक परिस्थितियों से गुजर रहे हैं। 120 करोड रुपए तक की राशि बकाया है जो नहीं दी गई है जिसकी वजह से दवा विक्रेताओं पर काफी आर्थिक दबाव है।
( ऑल फूड एंड ड्रग लाइसेंस होल्डर फाउंडेशन अध्यक्ष: अभय पांडेय)
कई बार इसके लिए फॉलो किया जा चुका है लेकिन अब तक कोई समाधान नहीं मिल पा रहा है। अब हमारे पास इसके अलावा और कोई रास्ता नहीं बचा है कि हम दवाओं की सप्लाई बंद कर दें जब तक कि हमें पैसा नहीं मिल जाता।
मुंबई मनपा के उपायुक्त संजय कुरहादे ने बयान दिया है कि मनपा का स्वास्थ्य विभाग जल्द ही इस मसले पर ध्यान दे रहा है और प्रयास जारी है कि इस मामले को सुलझा लिया जाए।
राज्य स्वास्थ्य मंत्री की तरफ से इस पर बयान आना अभी भी बाकी है।
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