अक्टूबर महीने में खुदरा मंहगाई दर बढ़कर ६.२१%
खुदरा मंहगाई दर अक्टूबर महीने में ६.२१ प्रतिशत हुई/ सितंबर में यह दर ५.४९ प्रतिशत थी।
सांख्यिकी विभाग द्वारा प्राप्त आंकड़ों के अनुसार फल, सब्जियों ,खाद्यान्न तेल की कीमतों में वृद्धि, मानसून के माने समय तक बने रहने से कई फसलों को हुए नुकसान से उनकी आपूर्ति में आई कमी के चलते खाद्यान्न, सब्जियों, खाद्य तेलों की कीमतों में उछाल देखने को मिला है जिसकी वजह से खुदरा मंहगाई दर बढ़ी है।
रिजर्व बैंक के अनुसार २ प्रतिशत से ६ प्रतिशत के अन्दर मंहगाई दर को नियंत्रित रखना चुनौतीपूर्ण है ।६ प्रतिशत के ऊपरी स्तर के टूटने पर रिजर्व बैंक के गवर्नर ने कहा कि हाल फिलहाल ब्याज दरों में कोई गिरावट की उम्मीद नहीं की जा सकती।कई अर्थशास्त्रियों की माने तो फरवरी २०२५ की आर्थिक समीक्षा समिति की बैठक में ब्याज दर में कटौती होने के आसार हैं।
अक्टूबर महीने में दाल एवं खाद्यान्न, शक्कर के दामों में गिरावट देखी गई है लेकिन सब्जियों, फलों, खाद्य तेलों की कीमतों में इजाफा देखने को मिला है।
अक्टूबर महीने का यह आंकड़ा अब तक के १४ महीनों के उच्चतम स्तर पर है।
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