मोदी सरकार में ७१ मंत्रियों ने ली शपथ/ एनडीए के घटक दलों से ११ मंत्री, सात महिलाएं मंत्रिमंडल में/ ७ पूर्व सीएम ने मंत्री पद की ली शपथ
नरेंद्र मोदी, वाराणसी से लगातार ती सरी बार के सांसद , पूर्व में गुजरात के सीएम ने देश के प्रधानमंत्री के रूप में कल शाम ७.१५ बजे के लगभग राष्ट्रपति भवन सेंट्रल हाल में आयोजित कार्यक्रम में शपथ ली। मोदी जी की इस हैट्रिक पारी में ७१ अन्य सांसदों ने मंत्री पद की शपथ ली है जिसमे कई बड़े चेहरों को फिर से मौका मिला है तो कई नए चेहरे भी शामिल किए गए हैं।
मोदी मंत्रिमंडल में कैबिनेट में २ जबकि राज्य मंत्रिमंडल में ५ अन्य महिलाओं को शामिल किया गया है।
एक भी मुस्लिम समाज से मंत्री नही है।
२७ मंत्री ओबीसी समाज से, १० शेड्यूल कास्ट से, ५ ;५ मंत्री शेड्यूल एवम अल्पसंख्यक समाज से लिए गए हैं।भाजपा की सहयोगी पार्टियों को कुल ११ मंत्री मिले हैं।
कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे इस समारोह में एकमात्र विपक्ष से मौजूद रहे। इंडिया ब्लॉक के अनुसार अन्य नेताओं को निमंत्रण नही मिला था।
शपथ लेने वाले सभी मंत्रियों की औसत उम्र ६० वर्ष के करीब है।
प्रधानमंत्री मोदी के अलावा अन्य नामी चेहरे जिन्होंने शपथ ली है।
राजनाथ सिंह: २०१९ से २४ तक रक्षा मंत्री अब तक रहे, इससे पहले २०१४ से १९ तक गृह मंत्री रहे, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी २०१३ से २०१४ सरकार बनने से पहले तक रहे। यूपी के लखनऊ से सांसद , पूर्व में यूपी के मुख्यमंत्री भी रह चुके हैं।
अमित शाह: गांधीनगर गुजरात से ७.५० लाख से अधिक मार्जिन से जीतनेवाले अमित शाह निवर्तमान गृह मंत्री थे, अब क्या पोर्टफोलियो मिलेगा इस ऐप सभी की नजर होगी। धारा ३७० हटाने , CAA को लेकर इनकी प्रमुख भूमिका रही है।
जेपी नड्डा: वर्तमान में राष्ट्रीय अध्यक्ष भाजपा जिन्होंने शपथ ली है।अब भाजपा को नया राष्ट्रीय अध्यक्ष नियुक्त करना होगा। इन्हे महत्वपूर्ण मंत्रालय मिलने की भी प्रबल संभावना है।
निर्मला सीतारमण: निवर्तमान वित्त मंत्री ने फिर शपथ ली है।मार्केट के दिग्गजों की नजर है कि निर्मला मैडम को फाइनेंस मिलता है या कोई और पोर्टफोलियो इन्हे दिया जायेगा।यह राज्यसभा सदस्य है, इस बार पैसे की कमी के चलते इन्होंने लोकसभा चुनाव लडने से इंकार किया था। राष्ट्रीय महिला आयोग सदस्य भी (२००३ से २००५) रही हैं और पिछले दो बार से मोदी सरकार में केंद्रीय मंत्रालय संभाला है।
नितिन गडकरी: राष्ट्रीय और राज्य के महामार्ग बनाने को लेकर काफी चर्चा में रहे नागपुर के दिग्गज भाजपा सांसद एवम निवर्तमान सड़क परिवहन मंत्री गडकरी ने फिर शपथ ली है, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी रहे हैं(२००९ से २०१३)।
महाराष्ट्र में १९९६ से ९९ तक भाजपा एवम अविभाजित शिवसेना की संयुत रूप से बनी पहली सरकार में भी यह सार्वजनिक बंधकाम मंत्री ( पीडब्ल्यूडी) रहे हैं। विदर्भ क्षेत्र से भाजपा के एकमात्र हैवी वेट सांसद हैं।
एस जयशंकर : निवर्तमान विदेश मंत्री और राज्यसभा सदस्य है।राजनीति में ४० साल का लंबा अनुभव।यूनाइटेड स्टेट्स, चीन, रूस में भी राजदूत के रूप में सेवा दे चुके है।
शिवराज सिंह चौहान: मध्य प्रदेश के चार बार के मुख्यमंत्री, प्रदेश भर में लड़कियों के लिए मामा के रूप में विख्यात, विदिशा से छह बार सांसद रहे हैं। ओबीसी समाज का बड़ा चेहरा और भाजपा के दिग्गज नेता हैं।
पीयूष गोयल: मुंबई उत्तर से पहली बार लोकसभा लड़ी और अच्छे अंतर से जीते।वह इन्वेस्टमेंट बैंकर भी रहे हैं, निवर्तमान वाणिज्य मंत्री रहे और क्वालिफाइड चार्टर्ड अकाउंटेंट हैं।अंतरिम वित्त मंत्री के रूप में मोदी सरकार में सेवा दे चुके हैं।इनके पिता वेद प्रकाश गोयल भी पहले जहाज रानी मंत्री रहे थे।। इनकी मां भी माटुंगा ,मुंबई से भाजपा विधायिका रहीं। इनपर भी मार्केट की नजर है कि शायद इन्हें वित्त मंत्रालय दिया जा सकता है।
मनोहर लाल खट्टर: हरियाणा के सीएम थे ।२००४ तक भाजपा हरियाणा के प्रदेश सचिव भी रहे और आरएसएस लीडर भी। पहली बार सांसद बने हैं।
धर्मेंद्र प्रधान: पहले पेट्रोलियम मंत्री फिर शिक्षण मंत्री ।मोदी सरकार में बड़ा कद है। ओडिशा से बड़े नेता और उज्जवला योजना इन्होंने ही लागू करवाई थी। अपने दूसरे टर्म में राष्ट्रीय शिक्षा नीति भी ले आए।
रक्षा खडसे: पूर्व में भाजपा नेता एकनाथ खडसे की बहू हैं ।ससुर खडसे ने राकांपा शरद पवार को ज्वाइन किया लेकिन रक्षा ने भाजपा नही छोड़ी और इस बार इन्होने मंत्री के रूप में शपथ ली है।
कोठली ग्राम सरपंच( २०१० से १२)
जलगांव जिला परिषद सदस्य(२०१२ से १४)
रवेर लोकसभा से २०१४ में सांसद बनी थीं।
महाराष्ट्र से ही प्रताप राव जाधव , बुलढाणा से शिवसेना ( शिंदे गुट) सांसद ने शपथ ली है।
अकोला के पालक मंत्री रहे हैं। चौथी बार संसद बने हैं।
राजीव रंजन सिंह उर्फ लल्लू सिंह को नीतीश कुमार के खेमे से मंत्रिमंडल में जगह मिली है।
झारखंड के पूर्व सीएम रहे जीतनराम मांझी ने भी शपथ ली है।
भूतपूर्व पीएम एच डी देवेगौड़ा के पुत्र एवम कर्नाटक के सीएम रहे एचडी कुमारस्वामी को भी जगह मिली है।
यूपी से ११, बिहार से ८, गुजरात से ६, महाराष्ट्र ६, मध्य प्रदेश से ५, कर्नाटक से ५, राजस्थान से चार मंत्रियों को मोदी सरकार ३ में जगह मिली है। भाजपा के ६१ मंत्री हैं जबकि सहयोगी दल के कुल ११ मंत्री हैं।
No comments
Post a Comment