आज ही के दिन हुई थी कारगिल युद्ध की शुरुआत/ एक नजर १९९९ कारगिल विजय गाथा पर
३ मई १९९९ कारगिल युद्ध
इसी दिन कारगिल युद्ध की शुरुआत भारत और पाकिस्तान के बीच हुई जो २६ जुलाई तक चली जिसका परिणाम हम सब जानते हैं। नापाक पाक के इरादे फिर बेनकाब हुए , उसे मुंह की खानी पड़ी और संधि हुई। हमारे जवानों ने हर बार दिखाया कि दुश्मन हमसे हारकर जाएगा। वतन से बढ़कर कोई नही। चाहे १९४७ के वक्त कश्मीर का मुद्दा हो, १९६२ में चीन से युद्ध हुआ , १९६५ और १९७१ में पाकिस्तान ..हम हर जगह दुश्मन को धूल चटाते रहे।
2 महीने, 3 सप्ताह और दो दिन तक चले कारगिल युद्ध में काफी संघर्ष चला पर हमने पाक को सबका सिखाकर ही दम लिया। हमारी ओर से 527 जवान शहीद हुए, 1363 घायल हुए जबकि पाकिस्तान के मुशर्रफ द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार 1600 जानें गईं।
पाक के शरीफ द्वारा दिए आंकड़ों के अनुसार 2700 से 4000 जाने गईं। पाकिस्तान के राजनीतिक पार्टी द्वारा दिए श्वेत पत्र के अनुसार उनके 3000लोग मारे गए थे।
कारगिल जम्मू कश्मीर का हिस्सा है जो भारत पाक के बीच नियंत्रण रेखा पर है।( लाइन ऑफ कंट्रोल)
भारतीय मिलिट्री सेना द्वारा चलाए गए इस कारगिल ऑपरेशन को ऑपरेशन विजय नाम दिया गया था।
ऑपरेशन सफेद सागर के तहत भारतीय वायु सेना और थल सेना( इंडियन आर्मी) ने संयुक्त रूप से मिलकर भारत की नियंत्रण रेखा से पाकिस्तानी सेना को खदेड़ दिया।
कारगिल युद्ध में कुछ शहीद जिन्हे वीरता के सम्मान से सम्मानित किया गया:
परमवीर चक्र: शौर्य एवम वीरता का यह सर्वोच्च भारतीय सम्मान ग्रेनेडियर योगेंद्र सिंह यादव को दिया गया था। इन्होंने १८ ग्रेनेडियर यूनिट का नेतृत्व किया था।
लेफ्टिनेंट मनोज कुमार पांडेय को भी परम वीर चक्र दिया गया जिन्होंने १/११ गोरखा राइफल्स यूनिट को हेड किया।
१३ JAK राइफल्स यूनिट के कैप्टेन विक्रम बत्रा एवम राइफल मैन संजय कुमार को परमवीर चक्र से सम्मानित किया गया।
कैप्टेन अनुज नैय्यर, मेजर राजेश सिंह अधिकारी, कैप्टेन गुरजिंदर सिंह सूरी(१२ बिहार), नायक दिजेंद्र कुमार ( राजपूताना राइफल्स ) , लेफ्टिनेंट बलवान सिंह(१८ ग्रेनेडियर) , नायक इमलिया कुम( २ नागा), कैप्टेन क्लींजिंग क्लिफोर्ड नॉन ग्रूम, कप्तान निकेजाखुओ, मेजर पद्मपाणी आचार्य, मेजर सोनम वांगचुक( लद्दाख स्काउट्स), मेजर विवेक गुप्ता(२ राजपूताना) को महावीर चक्र से सम्मानित किया गया था।
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