जौनपुर में धनंजय का दम; सनार्थको ने किया भव्य स्वागत/ बरेली सेंट्रल जेल से रिहा होकर पहली बार आए जौनपुर पूर्व बाहुबली सांसद
धनंजय सिंह को बरेली मध्यवर्ती कारागृह में हाल में एंबुलेंस में लाकर शिफ्ट किया गया और उसी दिन दोपहर में माननीय उच्च न्यायालय प्रयागराज द्वारा उन्हे अंतरिम जमानत दी गई है।
यहां से निकलकर पहले नैनीताल स्थित बाबा नीम करौली के दर्शन कर इसी गुरुवार वह अपने क्षेत्र जौनपुर शहर पहुंचे।गाड़ियों का काफिला बड़ा था, समर्थको ने जिंदाबाद के नारे लगाते हुए फूल माला पहना कर भव्य स्वागत किया।जौनपुर ,धनंजय का निवास है। इससे पहले उन्होंने विजेथुआ महावीरन का दर्शन किया और शाहगंज स्थित कार्यालय भी गए थे।
बरेली जेल से रिहाई के वक्त धनंजय ने मीडिया से कहा कि वह निर्दोष हैं इसीलिए उन्हें छोड़ा गया है।
उल्लेख कर दें कि उन्हें सरकारी अधिकारी को किडनैप करने, धन उगाही के आरोप में गिरफ्तार किया और ७ साल के लिए जेल भेजा गया था। इस समय वह अंतरिम जमानत पर बाहर हैं। धनंजय की पत्नी श्रीकला रेड्डी सिंह जो जौनपुर जनपद पंचायत अध्यक्ष रही, बसपा के टिकट पर लोकसभा चुनाव लड़ रही है ।
यहां से भाजपा ने महाराष्ट्र के पूर्व गृह मंत्री और कलीना सैंटाक्रूज से कांग्रेसी विधायक रहे दिग्गज उत्तर भारतीय राजनेता कृपाशंकर सिंह को उतारा है जबकि सपा से अखिलेश यादव ने बाबूसिंह कुशवाहा को मैदान में उतारा है।
धनंजय सिंह ने कहा था कि वह अपनी पत्नी के लिए चुनाव प्रचार जरूर करेंगे।
धनंजय ने बताया कि उन्हे सर्वाइकल दर्द था और लिंगामेंटबला ऑपरेशन भी किया गया जिसको लेकर जौनपुर प्रशाशन ने मेरे स्वास्थ्य संबंधी खराब हालत की जानकारी दी थी।
अभय सिंह पर क्या बोले धनंजय?
मीडिया से बात करते समय कहा कि गुंडे अपराधी की बात न करें तो बेहतर है। मैं अभय सिंह के पूरे कारनामे की लिस्ट दे दूंगा, पूछ लीजिए उनसे।
मैं शांति से जेल में जीवन काट रहा था, प्रशाशन को मुझसे कोई समस्या नही थी तो बरेली जेल क्यों शिफ्ट किया जा रहा था। जाहिर है प्रशाशन की मंशा ठीक नही थी।
मुझसे विपक्ष के नेताओं को तकलीफ है। वह मुझे पसंद नही करते।
बाएं से : अभय सिंह, धनंजय सिंह
अभय सिंह, हाल जिनमे भाजपा में शामिल हुए और वह विधायक हैं। उनके नाना रामकेसर सिंह भी कभी जौनपुर से भाजपा सांसद थे, इस नाते अभय का जौनपुर की राजनीति में अहम रोल हैं और वह वर्तमान भाजपा प्रत्याशी कृपाशंकर सिंह के समर्थन में प्रचार कर रहे हैं।
अभय और धनंजय दोनो ही कभी जिगरी दोस्त हुआ करते थे और लखनऊ विश्वविद्यालय में एक साथ छात्र राजनीति की शुरुआत की थी।
अभय कहते हैं कि धनंजय का संबंध गैंगस्टर लॉरेश बिश्नोई से है और धनंजय से बड़ा गुंडा पूरे उत्तर भारत में कोई नहीं है।
पहले प्लान यही था कि धनंजय सांसदी लड़ेंगे लेकिन जेल जाने की वजह से यह दांव उल्टा पड़ गया।कुछ ही दिन पहले बसपा ने श्रीकला रेड्डी सिंह को टिकट दिया है और तब से वह लगातार जनता से मिल रही हैं।
बरेली जेल से रिहाई के एक दिन पहले उन्होंने जनता के बीच बात चीत में मीडिया के समक्ष अपना आंचल फैलाकर सुहाग की भीख मांगी थी और पीएम मोदी जी से अपने मंगलसूत्र की रक्षा करने का निवेदन भी किया था।
श्रीकला ने अपना डर जताया था कि उनके पति धनंजय सिंह को क्यों बरेली जेल में शिफ्ट किया जा रहा है।उन्हे डर है कि जेल में उनके पति की हत्या हो सकती है।
बता दें कि वीर बहादुर पूर्वांचल यूनिवर्सिटी से राजनीति विज्ञान की पढ़ाई करने वाले धनंजय २७ की उम्र में विधायक बने , २००९ में बसपा से जौनपुर के सांसद भी रहे। पत्नी श्रीकला उनकी तीसरी पत्नी है और निप्पों बैटरी के मालिक दक्षिण भारतीय उद्योगपति जितेंद्र सुरेंद्र की बेटी हैं। पत्नी श्रीकला की अचल संपत्ति लगभग ७०० करोड़ बताई गई है।
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