यूपीए के दस साल की तुलना में एनडीए शासन में ईडी द्वारा 2500% अधिक गिरफ्तारियां/102 के मुकाबले 1281चार्जशीट किए दायर
एक और जहां देश में इलेक्ट्रोल बॉन्ड को लेकर हंगामा अच्छा मचा हुआ है , इंडिया गठबंधन के सभी विपक्षी पार्टी एक तरफा भाजपा समर्थित शासन पर हावी हैं।
वहीं दूसरी ओर प्रवर्तन निदेशालय ने स्वयं अपने आंकड़े प्रस्तुत किए हैं।
प्रिवेंशन ऑफ मनी लांड्रिंग एक्ट PMLA 2002 में अस्तित्व में आया, जबकि अधिकांशतः नियम 2005 में बने। बता दें कि 2004 में कांग्रेस समर्थित यूपीए गठबंधन को सरकार केंद्र में बनी थी ।
पीएमएलए वही एक्ट है जिसके अंतर्गत ईडी कार्रवाई करती है और आर्थिक फ्रॉड से संबंधित मामलों में कार्रवाई करती है।
यूपीए शासन काल 2004 से 2014 जून तक में ईडी ने सिर्फ 102 मामले में चार्जशीट दाखिल की जबकि भाजपा समर्थित एनडीए के शासन में 2014 जून से अब तक 1281 मामलों में चार्जशीट दायर हुई है।
यूपीए शासन में ईडी ने 1797 मामले में दखल दी जबकि मनी लांड्रिंग से संबंधित 5155 मामले में ईडी ने मोदी शासन काल में दस्तक दी और कार्रवाई शुरू की गई।
यूपीए शासन में सिर्फ 29 लोगों को ईडी अधिकारियों ने गिरफ्तार किया जबकि एनडीए कॉल में अब तक 755 लोग गिरफ्तार किए गए हैं जिनमे 36 लोगों को दोषी सिद्ध किया गया है जबकि यूपीए शासन में गिरफ्तार किए गए 29 में से किसी पर दोष सिद्ध नही किया जा सका।
1,21,681 करोड़ की संपत्ति ईडी द्वारा एनडीए शासन में जप्त की गई जबकि यूपीए में 5086 करोड़ ही जप्त हुआ।
ईडी द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार इन सभी मामलों में राजनेताओं के मामले कुल मामले का सिर्फ 3% ही है।
पिछले दस सालो में ईडी का कार्यकाल बहुत ही व्यस्त रहा है क्यों कि पूरी टीम मनी लांड्रिंग के भ्रष्टाचार के खिलाफ अभियान चला रही है।
No comments
Post a Comment