अप्रैल २०१९ से जनवरी २०२४ तक १२७०० करोड़ के इलेक्ट्रॉल बॉन्ड कंपनियों ने खरीदे/ क्षेत्रीय पार्टियों का हिस्सा ५००० करोड़ से अधिक/ अंबानी, टाटा, अदानी समूह की हिस्सेदारी शून्य
सर्वोच्च न्यायालय द्वारा निर्देश के पालन के तहत स्टेट बैंक ने इलेक्ट्रॉल बॉन्ड से संबंधित जानकारी दे दी है और चुनाव आयोग ने पोर्टल और जारी भी कर दिया है।
इलेक्ट्रॉल बॉन्ड की खरीदी में टाटा, अंबानी समूह की कोई हिस्सेदारी नही है।
कुल १२७६९.०९ करोड़ के बॉन्ड कॉरपोरेट कंपनियों ने खरीदे। क्षेत्रीय पार्टियों ने ५५२१ करोड़ के बॉन्ड खरीदे।
कुल बॉन्ड कीमत का ४७.५ प्रतिशत लगभग ६०६० करोड़ के बॉन्ड भाजपा के रहे।
भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के बॉन्ड की कीमत १४२१ करोड़ रही। बीआरएस पार्टी के बॉन्ड १२१४ करोड़ के रहे।
ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस के बॉन्ड १६०० करोड़ कीमत के रहे जिसे कंपनियों ने खरीदा।
सबसे अधिक इलेक्ट्रॉल बॉन्ड में इन्वेस्ट करनेवाले प्रमुख १० कॉरपोरेट:
१: फ्यूचर गेमिंग एंड होटल सर्विसेज ( १३६८ करोड़ )
२: मेघा इंजीनियरिंग एंड इंफ्रास्ट्रक्चर( ९६६ करोड़ )
३: क्विक सप्लाई चैन ( ४१० करोड़ )
४: वेदांता ( ४०० करोड़ )
५: हल्दिया एनर्जी( ३७७ करोड़ )
६: भारती समूह ( २४७ करोड़ )
७: एस्सेल माइनिंग एंड इंडस्ट्रीज ( २२४ करोड़ )
८: वेस्टर्न यूपी पावर ट्रांसमिशन ( २२० करोड़ )
९: केवेंटर फूड पार्क इंफ्रा ( १९५ करोड़ )
१०: मदनलाल लिमिटेड ( १८५ करोड़ )
नोट: यह जानकारी चुनाव आयोग द्वारा पोर्टल पर उपलब्ध कराये गए डाटा के अनुसार है।
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