0 बर्बेक नेशन के खाने में मिला मरा हुआ चूहा फूड प्वाइजनिंग की शिकायत नायर अस्पताल में हुआ इलाज अब तक पुलिस ने नहीं दर्ज की एफआईआर - Khabre Mumbai

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बर्बेक नेशन के खाने में मिला मरा हुआ चूहा फूड प्वाइजनिंग की शिकायत नायर अस्पताल में हुआ इलाज अब तक पुलिस ने नहीं दर्ज की एफआईआर

प्रयागराज के राजीव शुक्ला अपने मुंबई प्रवास पर हैं और वर्ली के एक होटल में ठहरे हुए थे ।उन्होंने देर शाम बर्बेक नेशन से अपने लिए  ऑनलाइन शाकाहारी खाना मंगवाया। वर्ली आउटलेट से खाना आया जिसमें दाल, चावल, चपाती , गुलाब जामुन और सलाद, थे। दाल की पहले दो-तीन चम्मच खाने के बाद उन्हें टेस्ट बदला बदला नजर आया ।कंटेनर में जब उन्होंने चम्मच को और डुबाया तो उसमें मरा हुआ चूहा पाया। इसके बाद उनके मन की स्थिति खराब हो गई हद तो तब हो गई जब गुलाब जामुन वाले कंटेनर में तिलचट्टा मरा हुआ पाया।

राजीव शुक्ला बताते हैं कि उन्होंने बरबेक्यू नेशन के कस्टमर केयर को कई बार फोन किया लेकिन कोई रिस्पांस नहीं मिला। क्योंकि उनकी स्थिति उन्हें ठीक नहीं लग रही थी ,रात भर में कई बार उल्टियां हुई ।जैसे तैसे रात उन्होंने उस होटल के कमरे में बिताई और सुबह होटल के स्टाफ ने उनके लिए कैब का इंतजाम किया और वह नायर अस्पताल में जाकर भर्ती हो गए ।जहां इलाज के दौरान पता चला कि उन्हें फूड प्वाइजनिंग हो गई है । नायर अस्पताल मने इस बारे में नागपाडा पुलिस स्टेशन को सूचना दी लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। पुलिस ने अब तक किसी तरह की प्राथमिक दर्ज नहीं की है ।

राजीव शुक्ला ने कहा कि वह 15 जनवरी की भी शाम को नागपाडा पुलिस स्टेशन गए थे और काफी समय तक इंतजार करते रहे लेकिन कोई सफलता प्राथमिकी दर्ज करने में नहीं मिली । नागपाडा पोलिस ने  बांद्रा स्थित अन्न  एवम औषध प्रशासन से संपर्क करने के लिए भी कहा था और उन्होंने एफडीए अधिकारियों से भी इस बारे में संपर्क कर जानकारी दी है।

बर्बेक नेशन के द्वारा यह बयान आया है कि उन्होंने इस बारे में जांच की है और ऐसा कोई मामला नहीं मिला है।

आपको बता दें कि बर्बेक नेशन एक प्रीमियम फूड आउटलेट है जिसकी कई शाखाएं मुंबई समेत पूरे देश में फैली हुई है । यह वेज और नॉनवेज दोनों तरह की खाने की उच्चतम क्वालिटी की सुविधाओं के लिए मशहूर है। फेमस फूड चेन आउटलेट होने के नाते खानों की कीमत भी सामान्य होटल से काफी ज्यादा होती है।

बर्बेक नेशन जैसे बड़े ब्रांड से खाना मंगाने पर ग्राहक कम से कम यह उम्मीद जरूर करता है कि खाने की गुणवत्ता से किसी तरह का समझौता नहीं किया गया होगा, लेकिन जब राजीव शुक्ला जैसे लोगों के द्वारा ऐसी शिकायतें उठाई जाती हैं तो शक होने लगता है कि किसी बड़े ब्रांड पर खाने के मामले में हम भरोसा कैसे  कर सकते हैं?  

स्टैंडर्ड रेगुलेशन को क्यों नहीं अमल में लाया जाता? क्या बांद्रा स्थित महाराष्ट्र के एफडीए मुख्य कार्यालय के अधिकारी इस प्रीमियम ब्रांड पर कोई कार्रवाई करेंगे?  क्या नागपाडा पुलिस एफआईआर दर्ज कर मामले की जांच करेगी और इसमें देखना यह होगा कि क्या राजीव शुक्ला के साथ जांच में मेडिकल में जो खर्च हो रहे हैं उसकी भरपाई यह प्रीमियम आउटलेट करेगी ? किसी के भी शरीर के साथ खाने के माध्यम से खेलना, इस पर मुंबई पुलिस क्या एक्शन लेगी?  इन सभी सवालों के जवाब अभी बाकी है।

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