नए मोटर वेहिकल एक्ट के विरोध में प्रदर्शन जारी/ट्रक ड्राइवरों का चक्का जाम मोर्चा/देश व्यापी असर
कल से ही पंजाब, हरियाणा, मध्य प्रदेश, राजस्थान, उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों से उठे विरोधी सुर की लपटें पूरे देश में फैलती जा रही हैं।
भारतीय न्याय संहिता के अंतर्गत संशोधन में नए मोटर वेहीकल एक्ट के अंतर्गत यदि हैवी व्हीकल अन्य ट्रक टेंपो और बस के ड्राइवर किसी के साथ दुर्घटना कर मौके से भाग जाते हैं तो उन पर हिट एंड रन का बनता है। इसके प्रावधानों में फिर बदलाव करते हुए इसमें दंड का प्रावधान दिया गया है कि उसे ₹7 लाख का जुर्माना भरना होगा साथ ही साथ 10 साल के लिए जेल में भी जाना पड़ेगा।
अभी नए नियमों के तहत बनाए गए सख्त प्रावधानों के खिलाफ टैक्सी, टेंपो, ट्रक, बस जैसे वाहनों के चालक हड़ताल पर उतर आए हैं। ऑल इंडिया ट्रांसपोर्ट कांग्रेस यूनियन का इस हड़ताल को पूरा समर्थन मिल रहा है।
कई ड्राइवर का कहना है कि हम रोजमर्रा का जीवन जीने वाले सामान्य ड्राइवर है हमारे पास 7 लाख रुपया कभी होगा ही नहीं कि हम जुर्माना भर पाए । कइयों का यह भी तर्क है कि अगर 10 वर्ष तक हमें जेल में रहना पड़े तो हमारे परिवार का खर्च कौन चलाएगा?
कुछ ड्राइवर का यह भी तर्क है कि अधिकतर 90% मामलों में जो दुर्घटनाएं होती हैं उसमें तकनीकी या सड़क की खराबी की वजह से ऐसा होता है तो इसके लिए हम ड्राइवर को क्यों जिम्मेदार ठहराया जाए?
(नवी मुंबई का एक दृश्य)
कुछ ट्रक ड्राइवर की माने तो उनका कहना है की हिट एंड रन के मामले इसलिए होते हैं क्योंकि अगर हम मौके से नहीं भागते हैं और जिसके साथ घटना हुई है यदि उसे बचाने के लिए हम रुकते हैं तो वहां मौजूद आम जनता उन्हें मारने पीटने लगती है ऐसे में उनके जीवन को संरक्षण कौन देगा? क्या कानून यह नहीं बनना चाहिए कि यदि हम बचाने के लिए जाएं तो हमें सार्वजनिक रूप से एकत्रित हुई भीड़ न मारे और यदि ऐसा होता है तो हमारे जीवन की भी सुरक्षा सुनिश्चित की जानी चाहिए? हमें भी उसके लिए हर्जाना मिलना चाहिए।
मुंबई महानगर क्षेत्र में १.५० लाख के लगभग ट्रक चलते हैं उनमें से ७० प्रतिशत से ज्यादा अब खड़े हो गए हैं।ड्राइवर सड़को पर आए हैं।
पूरे देश में हो रहे प्रदर्शन के बीच गृह मंत्रालय में बैठक शुरू हो चुकी है। आल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस को बैठक गृह विभाग सचिव अजय भल्ला के साथ शुरू हुई है।
वहीं अधिकारियों द्वारा आश्वाशन मिलने के बाद नाशिक में ट्रक ड्राइवरों ने हड़ताल वापस ली है, ऐसी खबर भी आ रही है।
राष्ट्रव्यापी हड़ताल का आलम यह है कि देश के विभिन्न राज्यों के बीच जीवनोपयोगी वस्तुएं सब्जी, दूध, खाद्यान, पेट्रोल, डीजल आदि की आपूर्ति नहीं हो रही है और और इनके दाम भी बढ़ने लगे हैं।
१० राज्यों में पेट्रोल एवम डीजल पम्प अब सूखने की स्थिति में आ चुके हैं। उम्मीद जताई जा रही है कि कुछ सामंजस्य का रास्ता गृह मंत्रालय जरूर निकाल लेगा ।
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