भगवान भी मराठों को आरक्षण लेने से नही रोक सकते, २ दिन में फैसला ले सरकार: मनोज जरंगे पाटिल
मनोज जरंगे पाटिल कल शुक्रवार को परभणी के शेलू में सभा को संबोधित कर रहे थे।
परभणी की सभा में मराठा सक्रिय कार्यकर्ता एवं मराठा आरक्षण का प्रतिनिधित्व कर रहे मनोज जरंगे पाटिल ने कहा कि सिर्फ दो दिन ही बचे हैं जब महाराष्ट्र सरकार ने अंतिम समय दिया हुआ है कि मराठा समाज को ओबीसी के अंतर्गत आरक्षण दिया जाए। यह समय सीमा महाराष्ट्र सरकार ने ही तय की है ।इसलिए मैं इस मंच से राज्य सरकार को चेतावनी देता हूं कि 2 दिनों के अंदर तुरंत फैसला ले अन्यथा जो परिणाम होंगे उस पर वह नहीं कह सकते। वह मुंबई नहीं आएंगे उन्होंने ऐसा नहीं कहा है। अगर राज्य सरकार ने मजबूर किया और बुलाया तो हम मुंबई भी आएंगे लेकिन अब हमारे सहने की शक्ति समाप्त हो चुकी है।
पाटिल ने कहा कि जिन आंदोलनकारी लोगों के खिलाफ राज्य सरकार द्वारा नोटिस जारी किया गया है और मामले दर्ज किए गए हैं वह सभी मामले इसी 2 दिन के अंदर कैंसिल कर दिया जाए । यदि सरकार हमारे मुद्दे पर गंभीर नहीं होती है तो यह आंदोलन विकराल रूप ले सकता है ऐसा पाटिल ने चेताया।
पाटिल ने कहा कि अब मराठाओं को भगवान भी आरक्षण देने से रोक नहीं सकते। 24 दिसंबर यानी इन दो दिनों के अंदर ही राज्य सरकार को आगे आना होगा और कंप्रोमाइज यानी समझौता करना होगा ।यदि ऐसा नहीं होता है तो हम हमारे तरीके से आगे की प्रक्रिया सुनिश्चित करेंगे और जब तक आरक्षण नहीं मिल जाता हम चुप नहीं बैठेंगे।
इससे पहले मनोज पाटिल ने कहा था कि मराठा समाज के जिन लोगों ने अंतरजातीय विवाह नहीं किया है उन्हें भी आरक्षण दिया जाना चाहिए। मराठा समाज के रिश्तेदारों को भी आरक्षण दिया जाना चाहिए।
पाटिल ने कहा कि लगभग 3 महीने का समय हमने राज्य सरकार को दे दिया है ।राज्य सरकार ने एक समिति बनाई ,समिति ने अध्ययन भी किया लेकिन उसका अंत कुछ नहीं हुआ । उन्हें हमारे समाज से कई दस्तावेज और सबूत चाहिए थे अपना प्रतिनिधि भी उन्होंने भेज दिया, सबूत भी उन्हें मिल गए ।दस्तावेज भी उन्हें मिल गए , तो फिर अब राज्य सरकार क्यों रुकी हुई है? वह आरक्षण क्यों नहीं दे रही है?
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