उदय कोटक ने कोटक बैंक के एमडी, सीईओ पद से दिया इस्तीफा; बने रहेंगे गैर कार्यकारी निदेशक
देश की चुनिंदा प्रमुख प्राइवेट सेक्टर बैंकों में से दिग्गज माने जाने वाली कोटक महिंद्रा बैंक के मैनेजिंग डायरेक्टर एवं सीईओ के पद से बैंक के फाउंडर उदय कोटक ने कल शनिवार को बोर्ड मीटिंग में उपस्थित होकर अपना भावनात्मक तरीके से इस्तीफा दे दिया।
यह इस्तीफा उनका कार्यकाल समाप्त होने से 4 महीने पहले ही आया है।
उदय कोटक ने कहा: मैं ,हमारे चेयरमैन और सह प्रबंध निदेशक यानी ज्वाइंट मैनेजिंग डायरेक्टर सभी इस वर्ष के अंत तक इस्तीफा देंगे जो की नियमानुसार होने जा रहा है। मैं यह विश्वास दिलाना चाहता हूं कि हम सभी का क्रमशः जाना निश्चित रूप से सफल तरीके से हस्तांतरण की दृष्टि में होगा। यह प्रक्रिया मेरे द्वारा शुरू हो रही है और मैं अभी मुख्य कार्यकारी अधिकारी सीईओ के पद से इस्तीफा देता हूं।
हालांकि कोटक महिंद्रा बैंक को सेंट्रल बैंक यानी रिजर्व बैंक आफ इंडिया के मंजरी का इंतजार है कि उदय कोटक की जगह कौन लेगा।
कोटक बैंक ने एक एग्जीक्यूटिव सर्च फर्म को इस काम पर लगाया है कि उदय कोटक की जगह लेने के लिए योग्य व्यक्ति को लाया जाए। इस दौड़ में केवीएस मनियन एवं शांति एकंबरम शामिल है।
उदय कोटक ने कोटक बैंक के चेयरमैन प्रकाश आप्टे को इस्तीफा सौंपते हुए कहा कि वह अब अपने बड़े बेटे जयेश की शादी में व्यस्त हो जायेंगे और उनका यह निर्णय कि एमडी और सीईओ के पद से त्यागपत्र देना ऐसे समय में आया है । उन्होंने यह भी विश्वास दिलाया कि बैंक का वरिष्ठ प्रबंधन पूरी तरह से इस लिगसी को आगे बढ़ाने के लिए तैयार है । आज मैं अपने आप को फाउंडर होने की वजह से अकेला पाता हूं। बैंक के प्रमोटर और एक महत्वपूर्ण हिस्सा यानी शेयर होल्डर होने के नाते स्वयं को बैंक के इस पद से अलग करना निश्चित रूप से सहज नहीं है। यह बैंक हमारे परिवार का नाम लिए हुए हैं और इस बैंकिंग संस्थान को इसी ब्रांड के नाम से जाना जाता है। इस पद से हटने का निर्णय पिछले कुछ समय से मेरे मन में चल रहा था और मुझे यकीन है कि यह निश्चित रूप से इस संस्थान के लिए सही मौका है जबकि मैं इस पद से त्यागपत्र दे रहा हूं।
उदय कोटक ने आगे कहा कि बैंक ने पिछले कुछ वर्षों में बहुत सारे बड़े बदलाव किए हैं। बहुत सारे नियम लगे हैं ताकि भविष्य में एक बेहतरीन संस्थान के लिए खुद को तैयार रख सके। फाइनेंशियल स्टेबिलिटी यानी आर्थिक स्थिरता सुनिश्चित की जा सके, रिस्क को और मजबूत बनाया जा सके, तकनीकी क्षेत्र में देशभर से कई टैलेंट को मौका दिया गया है ।ग्राहकों के अनुभव, मार्केटिंग और रिस्क विश्लेषण के क्षेत्र में कई लोगों को जिम्मेदारी देने का काम बैंक ने किया है।
मौजूदा वक्त में बैंक के सह प्रबंधक निदेशक दीपक गुप्ता अंतरिम मैनेजिंग डायरेक्टर और सीईओ की भूमिका में 31 दिसंबर 2023 तक रहेंगे। वैसे इस निर्णय को भी रिजर्व बैंक आफ इंडिया की मंजूरी एवं कोटक महिंद्रा बैंक के बोर्ड सदस्यों की अनुमति का इंतजार है।
कोटक बैंक का इतिहास
कोटक महिंद्रा बैंक देश का एचडीएफएसी, आईसीआई बैंक के बाद तीसरा सबसे बड़ा निजी क्षेत्र का बैंक है जो सभी प्रकार की बैंकिंग सेवाएं देती है।
कोटक बैंक की देश भर में १७८० शाखाएं, २९६३ एटीएम हैं। ३८ वर्ष पूर्व १९८५ में उदय कोटक ने इस बैंक की शुरुआत की थी। कोटक फाइनेंशियल सर्विसेज के रूप में उदय कोटक ने परिवार एवम मित्रो से उधार में ३० लाख लेकर ८५ के दशक में शुरुआत की जो आज US ७८ बिलियन डॉलर के लगभग एसेट अर्जित किए हुए है।
उस दौर में आनंद महिंद्रा एवम उनके पिताजी ने भी २ लाख रुपए इस बैंक को शुरू करने के के लिए दिए थे। इसलिए इसका नाम कोटक महिंद्रा फाइनेंस पड़ा।
लीज, परचेज फाइनेंस, बिल डिस्काउंटिंग , इन्वेस्टमेंट सेवाएं देने वाली यह संस्थान फोर्ड क्रेडिट इंटरनेशनल से करार करके कार फाइनेंस भी ९० के दशक में करने लगी।
बाद में गोल्डमैन साक्स के साथ मिलकर निवेश की सेवाएं, फिर म्यूचुअल फंड सर्विस १९९८ में , ओल्ड म्यूचुअल के साथ २००१ में ओम कोटक जीवन बीमा भी शुरू किया।
२००३ में रिजर्व बैंक ने कोटक फाइनेंशियल सर्विसेज को बैंक लाइसेंस दिया और इसी के साथ यह पहली गौर बैंकिंग वित्तीय संस्थान बन गई जिसे बैंक लाइसेंस मिल गया। इस समय उदय कोटक के पास इस बैंक में ५६ प्रतिशत हिस्सेदारी थी जबकि आनंद महिंद्रा के पास ५ प्रतिशत थी।
२०१४ में एक और निजी बैंक ING वैश्य बैंक का १५००० करोड़ रुपए में कोटक महिंद्रा बैंक ने अधिग्रहण कर लिया। बीमा रेगुलेटर IRDA की मंजूरी के बाद बैंक ने २०१५ में जनरल इंश्योरेंस का कारोबार भी शुरू किया।
२०१७ में बैंक ने ऑनलाइन बचत खाता खोलने की शुरुआत कर दी थी।
एक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार यदि उस दौरान किसी ने दस हजार रुपए कोटक बैंक में निवेश किए होते तो आज वह कीमत ३०० करोड़ पहुंच गई होती।
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