आखिरी मानसून सत्र में गरजे एकनाथ शिंदे, विपक्ष को लिया आड़े हाथ/ कोविड काल में ३०० के बैग ३००० में खरीदे गए/ गहन जांच कर होगी कठोर कार्रवाई: मुख्यमंत्री शिंदे
मुंबई महानगर,
राज्य के मानसून सत्र का आज आखिरी दिन रहा।
मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने विपक्ष को खूब खरी खोटी सुनाई। विपक्ष को सत्ता पक्ष को विधान परिषद और विधानसभा में घेरने का प्रयास भारी पड़ा।
शिंदे ने कहा कि कोरोना काल में जनता के लिए काम किया जाना था, लेकिन प्रशाशन लाइफ लाइन हॉस्पिटल के लिए काम करता रहा। ३०० रुपए के बैग मनपा द्वारा २००० से ३००० तक में खरीदे गए। इसकी गंभीरता से जांच की जाएगी।
मरीजों के शव पर , खोपड़ी पर मक्खन लगाने का काम प्रशाशन ने किया। शिंदे ने कहा कि मैं बदले की भावना से कोई कार्रवाई नहीं करूंगा। तथ्य के आधार पर कार्रवाई जरूर होगी।
मुख्यमंत्री शिंदे ने कहा कि हमारी सरकार परफॉर्मेंस देने वाली सरकार है, २४ घंटे काम करनेवाली सरकार है , फेसबुक पर राज्य का शासन चलाने वाली सरकार नही है। उद्धव ठाकरे के अहंकार के कारण राज्य को बड़ा नुकसान हुआ। शिंदे ने कहा कि उन्हें नहीं पता कि दाओस से आने के बाद कितने अनुबंध पर हस्ताक्षर हुए, लेकिन हमारे उद्योग मंत्री ने हिम्मत दिखाई और श्वेत पत्र जारी किया।
पिछले वर्ष भर में राज्य में १ लाख १८ हजार करोड़ का विदेशी निवेश आया है।
मुख्यमंत्री ने तत्कालीन मविआ सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि आपकी सरकार घरेलू सरकार थी, हमारी सरकार हमारे द्वार की सरकार है।
विपक्ष पर शिंदे ने कहा कि विपक्ष डरा हुआ है। हमारे सफल कामों को देखकर विपक्ष का आत्मविश्वास डगमगा गया है। आज सत्र के आखिरी दिन मुख्यमंत्री ने राज्य सरकार द्वारा किए गए कार्यों की सूची भी पढ़ी।
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