0 सायन कोलीवाडा के पंजाबी कॉलोनी के रहिवाशियों के आशियाने टूटे, न किराए का सहयोग और न ही ट्रांजिट की छत/बेघर होकर भटक रहे हैं लोग। - Khabre Mumbai

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सायन कोलीवाडा के पंजाबी कॉलोनी के रहिवाशियों के आशियाने टूटे, न किराए का सहयोग और न ही ट्रांजिट की छत/बेघर होकर भटक रहे हैं लोग।

सायन कोलीवाडा ,मुंबई के पंजाबी कॉलोनी परिसर में 70 वर्षों से अधिक समय से मनपा की 25 इमारतों में लगभग 1200 परिवार रह रहे थे। ये वह लोग हैं जो राष्ट्र की आजादी के समय हुए भारत पाकिस्तान के बंटवारे के बाद हिन्दू व सिख पंजाबी परिवार पाकिस्तान में अपनी जमीन जायदाद छोड़कर भारत में रहना स्वीकार किए और सरकार ने भी सायन के इस पंजाबी कॉलोनी में उन्हें शरण दी।


 पिछले 8 साल से अधिक समय से मनपा इन इमारतों के जर्जर होने और बार बार घर खाली करने का नोटिस देती रही, क्योंकि इमारतों के गिरने से जान जाने का जोखिम था।

यहां दो बार के भाजपा कोटे से विधायक कैप्टन तमिल सेलवन तो एक बार बेस्ट के इंजीनियर, बिजली विभाग के अधिकारियों और भारी पुलिस बल बंदोबस्त के बीच मनपा द्वारा घर खाली कराए जाने की कवायद में रुकावट बने और सरकारी यंत्रों को बिना घर के बिजली पानी का कनेक्शन काटे वापस लौटना पड़ा था।

अब जबकि यह बात पुरानी हो गई है, सभी इमारते तोड़ दी गई हैं, इन सिख परिवारों को न तो जिलाधिकारी , न ही मनपा या महाडा और न ही किसी निजी भवन निर्माता ने कोई किराए का सहयोग दिया और न ही कोई टेंपरेरी शेल्टर की व्यवस्था।

पूर्व में कई साल  कांग्रेस के नगरसेवक रहे जसबीर सिंह बीरा के अनुसार यह जमीन कलेक्टर लैंड के अंतर्गत है, ऐसे में जिलाधिकारी का सहयोग अपेक्षित था। जो परिवार अमीर हैं, वह किराए पर कहीं न कही रहने लगे हैं और जो गरीब हैं उन्होंने रिश्तेदारों के यहां शरण ली हुई है।

जानकारी यह भी है कि महाडा यहां पुनर्विकास करते हुए नई इमारतें बनाएगी, पर महाडा कुछ भी कहने से बच रही है।

कुछ स्थानीय रहिवाशियो के अनुसार कई निजी विकासक भवन निर्माता यहां आए, एग्रीमेंट के नाम पर कुछ खास पेपर वर्क नही हो सका जिसकी वजह स्थानीय राजनीति रही।

स्थानीय एफ उत्तर विभाग मनपा के सहायक आयुक्त श्री बेल्लाले के अनुसार उनका इन इमारतों के पुनर्विकास से कोई मतलब नही है, क्यों कि यह उनके कार्यक्षेत्र का हिस्सा नहीं है। उन्होंने उच्च न्यायालय के आदेश के अनुसार जर्जर हो चुकी इन इमारतों को तोड़ने की कार्रवाई की है।




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