सत्तार पर इस्तीफे का संकट : एनसीपी का प्रतिनिधिमंडल राज्यपाल कोश्यारी से मिला- सांसद सुप्रिया सुले को अपशब्द कहने का मामला गरमाया/
एकनाथ शिंदे सरकार में कैबिनेट मंत्री के रूप में काम कर रहे अब्दुल सत्तार ने कल लोकशाही मराठी न्यूज़ चैनल में एक इंटरव्यू के दौरान शरद पवार की सुपुत्री और राकांपा से सांसद सुप्रिया सुले को अपमानजनक शब्दों में संबोधित किया और संपूर्ण महिला समाज को ठेस पहुंचाने का काम किया- इस तरह का आरोप लगाते हुए राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेताओं जिनमें जयंत पाटील , पूर्व राज्य गृह मंत्री दिलीप वलसे पाटील समेत कई लोगों ने आज राजभवन जाकर महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी से उनके इस्तीफे की मांग का ज्ञापन सौंप दिया है।
इससे पहले कल ही उनके बयान के बाद राकांपा के प्रमुख नेताओं ने मिलकर मुंबई के बोरीवली में सत्तार के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी।
(अब्दुल सत्तार महाराष्ट्र कैबिनेट मंत्री, सांसद सुप्रिया सुले- बाएं से)
राकांपा के नेताओं का कहना है की भाजपा सरकार को यह तय करना है कि महिलाओं के खिलाफ अभद्र, अमानवीय, और असंवैधानिक भाषा का इस्तेमाल करने वाले मंत्री को वह अपने मंत्रिमंडल में रखते हैं या उनका इस्तीफा लेते हैं।
यदि वह सत्तार की इन कृतियों का समर्थन करते हैं तो इस्तीफा नहीं लेंगे। ऐसे में आज राज्यपाल से मुलाकात कर इस्तीफे से संबंधित निवेदन ज्ञापन सौंपकर और मुश्किल खड़ी कर दी गई है। राकांपा नेताओं का कहना है की माफी से काम नहीं चलेगा। पहले गाली दो और फिर माफी मांग लो यह प्रैक्टिस नहीं चलेगा। यह अपमान देश की सभी महिलाओं का अपमान है। जब तक अब्दुल सत्तार का इस्तीफा नही लिया जाता, यह विरोध जारी रहेगा।
(राकांपा कार्यकर्ता महाराष्ट्र कृषि मंत्री अब्दुल सत्तार का पुतला जलाकर विरोध करते हुए)
उल्लेखनीय है कि अब्दुल सत्तार 2014 में कांग्रेस में रहकर महाराष्ट्र कैबिनेट में शामिल थे । 2019 में उन्होंने कांग्रेस छोड़कर शिवसेना ज्वाइन कर ली और शिवसेना में एकनाथ शिंदे के द्वारा खुले रूप से अलग होने के बाद उन्होंने शिंदे को फॉलो किया और अभी वर्तमान प्रदेश सरकार ने भी उन्हें कैबिनेट मिनिस्टर बनाया गया है ।
कल लोकशाही मराठी न्यूज़ चैनल पर इंटरव्यू के दौरान पत्रकार ने पूछा कि क्या 50 करोड़ उन्हें भी दिया गया था? इस सवाल पर अब्दुल सत्तार भड़क उठे और उन्होंने महिला सांसद सुप्रिया सुले के लिए अभद्र भाषा का प्रयोग किया।
इस घटना से महा विकास आघाडी को बैठे-बिठाए सत्ता पक्ष के विरोध में मुद्दा मिल गया और इस मुद्दे को किसी भी हाल में छोड़ने के मूड में नहीं दिख रही है।
एकनाथ शिंदे सरकार के प्रवक्ता दीपक केसरकर ने माफी मांगी है और बयान दिया है कि पार्टी के प्रवक्ता होने के नाते उन्होंने अब्दुल सत्तार की तरफ से इस पूरे प्रकरण पर माफी मांगी है और इस्तीफे का सवाल ही नहीं उठता है।
बयान का विरोध प्रदर्शन करते हुए अब्दुल सत्तार के मुंबई और औरंगाबाद स्थित निवास पर भी प्रदर्शन किया गया।
दर असल सुप्रिया सुले ने शिवसैनिक नेता जो एकनाथ शिंदे के साथ गए उन पर 50 करोड़ रिश्वत लेने का आरोप लगाया था। पत्रकार द्वारा पूछे जाने पर कि क्या उन्होंने भी लिया था, इस पर वह अपना नियंत्रण खो दिए और कहने लगे की सुप्रिया को भी चाहिए तो हमसे ले ले झूठ बोलकर। If Supriya Sule has become so xxxx,we will also give it to her.
मुख्यमंत्री शिंदे के बयान के बाद अब्दुल सत्तार ने अपने बयान पर दुख जताते हुए कहा कि उनका कहना था कि यदि सुप्रिया सुले भी चाहे तो झूठ बोलकर उनसे 50 करोड ले सकती हैं। उनको और उनकी पार्टी की छवि को बदनाम करने की कोशिश की जा रही है। उनका इरादा किसी की भावना को दुखाना नहीं था फिर भी यदि किसी की भावना को क्षति पहुंची हो, तो वह उसके लिए माफी मांगते हैं।
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