मॉनिटरी पॉलिसी कमिटी बढ़ा सकती है फिर से रेपो रेट, 0.35% की वृद्धि के संकेत। और महंगे हो जायेंगे ब्याज दर।
मॉनिटरी पॉलिसी कमिटी जो ब्याज दरों को नियंत्रित करने और दोन को घटाने बढ़ाने से संबंधित फैसले करता है, यह मीटिंग भारतीय रिजर्व बैंक 5 से 7 दिसंबर के बीच करने जा रहा है।
10 आर्थिक रूप से विकसित और हैवीवेट एडवाइजर बैंकों और कैपिटल इन्वेस्टमेंट कंपनियों में हुए सर्वे के अनुसार रिजर्व बैंक अपनी इस मॉनेटरी पॉलिसी कमिटी की मीटिंग में रेपो रेट 0.35% तक बढ़ा सकता है।
गौरतलब हो कि मई 2022 से ही रिजर्व बैंक ने महंगाई दर को काबू में लाने के लिए लगातार रिपोर्ट में इजाफा किया है , और लगभग 150 बेसिस प्वाइंट की वृद्धि के साथ ही इस समय रेपो रेट 5.90 प्रतिशत है।
अगर 7 दिसंबर की पॉलिसी में रिजर्व बैंक 0.35% की वृद्धि करता है तो रेपो रेट 6.25% हो जाएगी जो फरवरी 2019 के बाद का सबसे अधिक स्तर होगा।
रिजर्व बैंक मंहगाई दर को 4% तक काबू में रखने के लिए लगातार दर बढ़ा रही है , जिसका असर बैंक की ब्याज दरों में भी देखने को मिल रहा है।
गृह कर्ज, व्यक्तिगत कर्ज, व्यवसायिक कर्ज के ब्याज दर बढ़ रहे हैं। जिसका सीधा असर ग्राहकों पर पड़ रहा है।
फरवरी में शुरू हुए रूस यूक्रेन युद्ध के बाद वैश्विक तनाव की स्थिति, वैश्विक स्तर पर समान, तेल, कच्चे तेल, खाद्य पदार्थों के दर में वृद्धि से आर्थिक अस्थिरता बढ़ी है। अमेरिकी बैंक ने भी ब्याज दर बढ़ाए और उसका असर अन्य देशों पर भी पड़ा है। भारत अपने कच्चे तेल की आपूर्ति 80% तक विदेशों से करता है।
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