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प्रयागराज का ग्लोबल अस्पताल हुआ सीज, अवैध तरीके से बने अस्पताल को जल्द किया जा सकता है ध्वस्त

प्रयागराज स्थित ग्लोबल हॉस्पिटल एंड ट्रॉमा सेंटर में हुई ट्रेजेडी और उसका सोशल ऐप पे वायरल हुआ वीडियो अब अस्पताल ले लिए बड़े संकट के रूप में खड़ा हो गया है।
14 अक्टूबर को प्रदीप पांडे 32 वर्षीय को डेंगू होने पर यहां भर्ती कराया गया जहां 16 अक्टूबर को प्लेटलेट 17हजार तक पहुंच गया जिसके बाद सलाइन के जरिए प्लेटलेट चढ़ाने के बजाय स्टाफ द्वारा मोसंबी का रस चढा दिया गया।

प्रदीप पांडेय की हालत खराब होने पर दूसरे अस्पताल में भेजा गया जहां 19 अक्टूबर को दम तोड दिया।

इस घटना से एक ओर जहां परिजनो में कोहराम मच गया वहीं दूसरी ओर सोशल ऐप पर वायरल होने के बाद प्रशासन में भी हड़कंप मच गया है।

कैबिनेट मंत्री ब्रजेश पाठक के निर्देश के बाद सी एम ओ नानक सरन ने  ग्लोबल अस्पताल को सीज करवा दिया है।
अस्पताल के मालिक सौरभ मिश्र को बक्शने के मूड में योगी सरकार नही दिख रही है।
अब तक 10लोगोंको गिरफ्तार किया जा चुका है।

जॉच में पता चला है कि अस्पताल इमारत का प्लान ले आउट अप्रूव नहीं किया गया था, इस अवैध निर्माण को लेकर सो काज नोटिस जारी किया गया है। 28 अक्टूबर तक संतोष जनक जवाब नही मिलने पर बिल्डिंग पर बुलडोजर भी चलाया जा सकता है।

ओ एस डी अभिनव रंजन के अनुसार पी डी ए ने इमारत निर्माणकर्ता मालिक पप्पू लाल साहू से जवाब मांगा है।

मामले में अब तक 10 लोग हो चुके हैं गिरफ्तार

नकली प्लेटलेट मरीजों को बेचने वाले इस गिरोह के सरगना समेत कुल 10 को जेल भेज दिया गया है। कोतवाली पुलिस ने क्राइम ब्रांच के सहयोग से राघवेंद्र उर्फ राहुल पटेल, सुनील पांडे, दिलीप शुक्ला, सरफराज, प्रदीप पटेल, परवीन पटेल, विकास कुमार, योगेश्वर सिंह, दिलीप पटेल, अभिषेक पटेल को गिरफ्तार किया ।
वहीं अजय सिंह और प्रदीप मौर्य फरार हैं और इन दोनो की तलाश जारी है।

ये अभियुक्त 300 का प्लाज्मा 35 हजार में प्लेटलेट बताकर बेचते थे।
प्राइवेट अस्पताल के फर्जी दस्तावेज तैयार कर ब्लड बैंक से 300 रुपए में एक पैकेट प्लाज्मा खरीदते थे । एक पैकेट मे 350 मिली प्लाज्मा होता है। ये गिरोह 50 एम एल के 7पैकेट तैयार करते थे। प्रति पैकेट पांच हजार में बेचते थे।
इस प्रकार 300 का प्लाज्मा प्लेटलेट के रूप में 35 हजार में बेचा जा रहा था।

परिजनो के अनुसार ग्लोबल अस्पताल ने प्लेटलेट चढ़ाने के पैसे लिए पर मोसंबी जूस चढ़ाया, हालत बिगड़ी तो दूसरे अस्पताल में रेफर किया पर वहां इलाज हो, इससे पहले हाथ की नस फट गई थी। मरीज प्रदीप पांडे के पास सिर्फ 13 हजार प्लेटलेट रह गई और डॉक्टरों के अनुसार 8 प्लेटलेट चढ़ानी जरूरी हो गई थी।

प्लेटलेट की पहचान कर पाना आसान नहीं है। नकली और असली  दोनो की पैकिंग एक जैसी होती है।
इसलिए प्लेटलेट सिर्फ मान्यताप्राप्त ब्लड बैंक से ही खरीदा जाना चाहिए।

प्लेटलेट हमारे खून में रंगहीन कोशिकाएं हैं जो सूक्ष्म आकार की होती हैं। हमारे खून में तीन तरह के सेल यानी कोशिकाएं हैं..
लाल रक्त कण आरबीसी
श्वेत रक्त कण डब्ल्यू बी सी
ब्लड प्लेटलेट। इन्हे थ्रोमोसाइट्स भी कहते हैं।

खून में प्लेटलेट की मात्रा 1से 2% ही होती है।









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