अमित शाह ५ को मुम्बई में- लगाएंगे लालबागचा राजा में हाजिरी/ मनपा चुनाव को लेकर मिलेंगे कई वरिष्ठ नेता/ जे पी नड्डा भी १५-१६ को मुम्बई में
मुम्बई में मनपा चुनाव बस दो महीने के अंतराल पर है। चुनावी सरगर्मी तेज होने के साथ ही अब वादों, मतदाताओं को लुभाने ,मुम्बई को संघाई, रोजगार, प्रॉपर्टी में आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को कम कीमत में देने का वादा, बिजली दरों में कटौती , गढ्ढे मुक्त सड़क ,प्रदूषण मुक्त मुम्बई जैसे तमाम वादों के साथ हर पार्टी जनता के बीच होगी।
हर बार की तरह इस बार भी झूठे वादों के कई पुल बनेंगें और चुनाव बीतने के बाद स्थिति जस की तस रह जाएगी।
बहरहाल मुंबई मनपा का चुनाव केंद्र और अब राज्य में सत्ता में बैठी भाजपा सरकार के लिए कितना जरूरी हो गया है इसका अंदाज इसी से लगाया जा सकता है कि गृहमंत्री अमित शाह का ५ सितंबर को मुंबई में होना तय माना जा रहा है।
३१ अगस्त से गणेशोत्सव की शुरुआत हो रही है जो ११ दिनों तक चलेगा। मुम्बई और महाराष्ट्र के लिए सबसे बड़ा पर्व होने के चलते कई प्रमुख गणपति पंडालों पर भक्तिमय माहौल में मुम्बई सराबोर हो जाती है।
अमित शाह लालबागचा राजा ,मुंबई के सबसे अधिक प्रसिद्ध गणपति पंडाल में बप्पा के सामने शीश नवाएँगे। माटुंगा के जीएसबी सेवा मंडल गणपति स्थल में भी उनके आने की उम्मीद है। जीएसबी सेवा मंडल में काशी विश्वनाथ के पंडित भी होते हैं जो पूजा अर्चना में विशेष सहयोग देते हैं। अमित शाह सिद्धिविनायक भी दर्शन के लिए जाएंगे।
(फाइल फोटो- अमित शाह लालबागचा राजा की शरण मे )
अमित शाह भाजपा के नव नियुक्त प्रदेश अध्यक्ष चंद्रशेखर बावनकुले, मुम्बई अध्यक्ष आशीष शेलार, पूर्व मुख्यमंत्री और वर्तमान में उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस जैसे वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात करेंगे। फडणवीस को महाराष्ट्र की राजनीति का धुरी माना जा रहा है। महाराष्ट्र में शिवसेना को हटाकर, ढाई साल बाद नई सरकार के गठन में उनका विशेष सहयोग है, ऐसा भाजपा का शीर्ष मंडल मानता है जिसके फल स्वरूप भाजपा की सबसे अहम समिति संसदीय कमिटी में उनको शामिल किया गया है जबकि पूर्व भाजपा अध्यक्ष रहे केन्द्रीय मंत्री नितिन गडकरी को उस समिति से बाहर कर दिया गया।
अमित शाह ने कहा है कि २ वर्ष पूर्व भी पार्टी में यह विचार मंथन चला था कि कई राज्यों में भाजपा की सरकार तो है पर उन राज्यों की मनपा में भाजपा नही है। इसलिए मनपा चुनाओं में मेहनत की जरूरत है।
पिछली बार 2019 मे राज्य चुनाव में शिवसेना को ३६ में से १४ विधायको की सीट पर जीत मिली थी। मुम्बई मनपा में २२७ नगरसेवक हैं जिन्हें अब वार्ड की परिसीमा में फेरबदल करते हुए २३६ वार्ड तक पहुंचा दिया गया है।
भाजपा का मानना है कि यदि मुम्बई मनपा चुनाव में पिछले २५ वर्षों से सत्ता चला रही शिवसेना को हटा दिया जाए तो विधानसभा चुनाव मे भी उनका १४ विधायकों का आंकड़ा एकल संख्या पर लाया जा सकता है। इस पर रणनीति बनाने के लिहाज से भी अमित शाह की ५ सितंबर को होनेवाली भाजपा नेताओं से मुलाकात को अहम माना जा रहा है।
इसी कड़ी में भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष जय प्रकाश नड्डा भी १५-१६ सितंबर को मुम्बई में रहेंगे।
सबसे प्रमुख विरोधी पार्टी कांग्रेस शीर्ष नेताओं के बागी होने का दर्द झेल रही है। पूर्व में कपिल सिब्बल, फिर अब गुलाम नबी आजाद के जाने के बाद जम्मू कश्मीर के लगभग १० पूर्व मंत्रियों ने कांग्रेस को टाटा कह दिया और वे आजाद द्वारा बनाई जा रही नई पार्टी में अपना अस्तित्व जमाने की तैयारी में हैं।
वहीं कांग्रेस अध्यक्ष का चुनाव १७ अक्टूबर को होना निश्चित किया जा रहा है। यदि इस पद के लिए पार्टी नेताओं ने चुनाव किया तो परिणाम १९ अक्टूबर को घोषित होगा और यदि नही तो १८ अक्टूबर को ही बता दिया जाएगा कि गांधी परिवार से ही कोई अध्यक्ष होगा या पार्टी में नाराजगी के थपेड़े खाकर सीख ले रही कांग्रेस की कमान गांधी परिवार से निकलकर किसी काबिल वरिष्ठ नेता के हाथ मे दी जाएगी।
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