पीएम मोदी ने ९ वीं बार किया लाल किले से देश को संबोधन- राष्ट्र मना रहा है आज ७६ वें आजादी का वर्षगांठ का पर्व
आज भारत भूमि तीन रंगों में सराबोर हो गई है। पिछले तीन दिनों से हर घर तिरंगा कार्यक्रम के तहत, गली, नुक्कड़, चौराहे, सड़कें, सरकारी- निजी कार्यालय, दुकाने और अन्य सर्वत्र सिर्फ तिरंगा ही शोभायमान है।
कहीं बाइक रैली, कही ध्वजारोहण, कहीं स्वतंत्रता के उल्लास में शहीदों की याद में गीत बज रहे हैं तो कहीं क्रांतिकारियों द्वारा दी गई शहादत पर मन दुखी हुए। इन सबके बीच आज राष्ट्र आजादी के अमृत महोत्सव को मना रहा है। राष्ट्र को ब्रिटिश हुकूमत से स्वतंत्रता मिले अब ७५ वर्ष पूरे हो गए हैं।
बतौर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने २०१४ से लगातार लाल किले की प्राचीर से देशवासियों को संबोधन करने का क्रम आज भी जारी रखा और इस परंपरा को निभाते हुए नवीं बार अपने उद्गार व्यक्त किये।
नरेंद्र मोदी पहले राजघाट गए जहाँ उन्होंने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की समाधि पर उन्हें पुष्प अर्पित किया, उन्हें याद किया।
लाल किले में पहुंचकर प्रोटोकाल के तहत केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और राज्य रक्षा मंत्री( स्वतंत्र प्रभार) ने पीएम मोदी का स्वागत किया।
भारतीय जवानों ने उन्हें सलामी दी। राष्ट्रगान हुआ और भारतीय शान राष्ट्र ध्वज को पहली बार स्वदेश निर्मित 21 तोपों की सलामी दी गई।
मोदी जी ने 130 करोड़ देशवासियों को टीम इंडिया कहते हुए आवाहन किया कि अगले २५ वर्षों में भारत को विकसित राष्ट्र बनाना है।
उन्होंने इसके लिए संकल्प करने पर बल दिया।
मोदी ने कहा कि हम भारतीयों ने आजादी का संकल्प लिया तो आजाद हो गए और आज स्वतंत्रता दिवस मना रहे हैं। संकल्प में बहुत बल होता है। बड़ा संकल्प, कठोर मेहनत और विश्वास यह सफलता के मूल है।
उन्होंने छोटे छोटे ५-७ साल के बच्चों को नमन किया। मोदी जी ने बच्चों के संकल्प का जिक्र करते हुए कहा कि चीनी खिलौना जिस तरह बच्चों ने अस्वीकार किया, उन विदेशी खिलौने से नही खेलने का संकल्प लिया वह अद्भुत है।
राष्ट्रीय स्वच्छता मिशन की अपार सफलता का श्रेय उन्होंने देशवासियों के संकल्प को ही दिया।
मोदी जी ने हमारे रक्षा बलों की तारीफ करते हुए उल्लेख किया कि केंद्र सरकार की आत्मनिर्भर भारत की योजना को साकार करने का बीड़ा हमारी सेनाओं ने उठाया है।आजादी के बाद से पहली बार देश मे स्वनिर्मित गन टैंकरों द्वारा 21 तोपों( ATAGS) की सलामी राष्ट्रध्वज को दी गई, जो गौरवपूर्ण है।
मोदी जी ने देश को लोकतंत्र की जननी कहा और १३० करोड़ देशवासियों के साथ का आवाहन किया।
आविष्कार पर जोर देते हुए मोदी जी ने एक नया शब्द नारे में दिया है-
जय जवान जय किसान जय विज्ञान जय अनुसन्धान।
मोदी जी ने राष्ट्रीय आव्हान करते हुए पांच प्रण लेकर अगले 25 वर्षों में जब भारत अपना शतकीय वर्षगांठ मना रहा होगा तब तक विकसित राष्ट्र बनाने का संकल्प किया।
गुलामी का अंश भी यदि शरीर के किसी कोने में हो तो निकाल दीजिए। अपनी मिट्टी से जुड़िये। भारत की विविधता में ही भारत की एकता है। इस राष्ट्रीय एकता को बनाये रखना है। भारत को विकसित राष्ट्र बनाने में नागरिक के नाते सभी कर्तव्य निभाने का संकल्प लें।
मोदी जी ने भ्रष्टाचार और राजनीति में वंशवाद पर कुठाराघात करते हुए कहा कि अब देश ने वंशवाद को नकारा है। वंशवाद की राजनीति में योग्य व्यक्ति को उसका अधिकार नही मिल पाता। उसे उसकी योग्यता के बावजूद वंचित कर दिया जाता है। वंशवाद सिर्फ अपने परिवार के विकास के बारे में सोचता है, राष्ट्र के विकास से उसे कोई मतलब नही होता। भ्रष्टाचार और राजनीति में वंशवाद यह दोनों बहुत बड़ी चुनौतियां हैं और मिलकर हम सभी को इनका सामना करना है।
पीएम ने लाल किले से आज उन महान क्रांतिकारियों, देशभक्तों को स्मरण किया जिन्होंने इस आजादी के लिए अपनी जान लुटा दी, शहीद हो गए। चन्द्रशेखर आजाद, रामप्रसाद बिस्मिल, सुखदेव, राजगुरु, भगत सिंह, अशफ़ाक़ उल्ला खान, भगवान बिरसा मुंडा, रानी लक्ष्मीबाई जैसे अनगिनत महान देशभक्तों को याद किया।
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