0 मुख्यमंत्री ठाकरे ने ली पीएम मोदी की शरण। मराठा ,ओबीसी समाज को आरक्षण के लिए निवेदन, जी एस टी, तौकते राहत राशि की भी रखी मांग। राज्यपाल कोश्यारी की भी की शिकायत।बैठक में उपमुख्यमंत्री अजीत पवार भी मौजूद। - Khabre Mumbai

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मुख्यमंत्री ठाकरे ने ली पीएम मोदी की शरण। मराठा ,ओबीसी समाज को आरक्षण के लिए निवेदन, जी एस टी, तौकते राहत राशि की भी रखी मांग। राज्यपाल कोश्यारी की भी की शिकायत।बैठक में उपमुख्यमंत्री अजीत पवार भी मौजूद।

आज सुबह राज्य के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ,उपमुख्यमंत्री अजीत पवार ,कैबिनेट मंत्री व पूर्व मुख्यमंत्री अशोक चव्हाण ने दिल्ली के लोक मंगल मार्ग स्थित प्रधानमंत्री निवास की ओर रुख किया।

प्रधानमंत्री से हुई औपचारिक मुलाकात में सीएम ठाकरे ने मराठा समाज के आरक्षण, अन्य पिछड़ी जाति यानी ओबीसी समाज के लिए राजनीति में आरक्षण, लगभग 24 हजार करोड़ की जी एस टी की बकाया राशि  आदि को लेकर निवेदन किया।  उद्धव ने मराठी भाषा को क्लासिकल भाषा का दर्जा दिलाने के लिए भी निवेदन किया है। हालांकि यह मांग काफी समय से लंबित है। सीएम ने कहा कि मोदी जी ने इस विषय पर त्वरित ध्यान देने का भरोसा दिलाया है।

मराठा आरक्षण विषय पर पिछले महीने की सुनवाई में सर्वोच्च न्यायालय ने  मराठा आरक्षण को बढ़ाने के मुद्दे पर इसे असंवैधानिक करार दिया था। सर्वोच्च न्यायालय ने कहा था कि ऐसा कोई क्लाज नही है जिसमे आरक्षण के सर्वोच्च कैप ५०% की सीमा को पार किया जा सके।५०% अधिकतम आरक्षण की हद 1992  मंडल कमिटी द्वारा निर्धारित हुई थी। विद्यालयों में और सरकारी नौकरियों में प्रवेश के मुद्दे पर मराठा आरक्षण की मांग चल रही है।
सामाजिक  व शैक्षणिक रूप से पिछड़े  मराठा समुदाय के लिए सोशली एंड एडुकेशनली बैकवर्ड क्लासेज एक्ट,२०१८ के द्वारा राज्य सरकार ने राज्य में शैक्षणिक संस्थानों व राज्य सेवा आयोग व अन्य सरकारी नौकरियों में प्राथमिकता देने की योजना बनाई थी। पर इसे कानून बनाने में सर्वोच्च न्यायालय ने रोड़ा लगा दिया है। 

गौरतलब हो कि मुम्बई उच्च न्यायालय ने जून २०१९ में इस आरक्षण को देने से इनकार कर दिया था। उच्च न्यायालय-मुम्बई के अनुसार १६%आरक्षण नही दे सकते, यह न्यायोचित नही है। किसी भी सूरत में शैक्षणिक संस्थानों में प्रवेश के लिए १३% और सरकारी नौकरी में १२% से अधिक आरक्षण नही दिया जा सकता।

उद्धव ठाकरे ने राज्य में चल रहे सियासी मुश्क़िलों को संज्ञान में लेते हुए पीएम मोदी से निवेदन किया कि वह राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी को निर्देशित करें कि उनके द्वारा संविधान में जो 12 विधान परिषद सदस्यों की नियुक्ति का प्रावधान है ,उसे पूरा करें। उन्होंने बताया कि राज्य कैबिनेट की सर्वसम्मति से १२ सदस्यों के नामों की सूची राज्यपाल कार्यालय को ६ महीने पहले भेजी जा चुकी है। पर राज्यपाल ने इसकी सुध नही ली है।

मुख्यमंत्री ठाकरे ने राज्य  के कई इलाकों में पिछले दिनों आये तौकते तूफान से हुए जन हानि के लिए घोषित राहत राशि के लिए भी अपना निवेदन दिया।

मेट्रो कार शेड के लिए कांजुर मार्ग के प्लाट  हस्तांतरण के लिए भी उद्धव ने मोदी जी से बात की है।

उद्धव ठाकरे ने मोदी जी से मुलाकात के बाद दिल्ली स्थित महाराष्ट्र सदन में भी वक्तव्य दिया और इस मुलाकात को किसी भी तरह से राजनीतिक मुलाकात न कहते हुए औपचारिक मुलाकात कही।  उन्होंने कहा," देश के प्रधानमंत्री से मिलने गया था, नवाज शरीफ से नहीं।"




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