चैत्र नवरात्रि आज से शुरू। हिन्दू मान्यता के अनुसार आज से ही माना जाता है नव वर्ष का आरंभ
त्याग, तप, साधना और संयम का महापर्व चैत्र नवरात्र मंगलवार से शुरू हो रहा है। नवरात्र के पहले दिन विधिविधान से घट स्थापना के साथ प्रथम आदिशक्ति मां दुर्गा के शैलपुत्री स्वरूप का भव्य शृंगार, पूजन किया जाएगा। देवी के निमित्त अखंड ज्योति जलाकर भक्त नौ दिन के व्रत का संकल्प लेंगे। घरों और मन्दिरों में नौ दिनों तक श्रद्धापूर्वक मां भगवती की पूजा-अर्चना की जाएगी। जप, तप, यज्ञ, हवन, अनुष्ठान करके भक्त महामारी से मुक्ति की कामना करेंगे। हिन्दू पंचांग के अनुसार, नवरात्र के साथ ही नवसंवत्सर की शुरुआत भी होगी।
घट स्थापना का शुभ मुहूर्त- नवरात्रि का पहला दिन मंगलवार को है. इस दिन सूर्योदय सुबह 5 बजकर 58 मिनट पर होगा. घट स्थापना का शुभ मुहूर्त इसी समय से शुरू हो जाएगा जो 10 बजकर 14 मिनट तक रहेगा. नवरात्रि के पहले दिन माता शैलपुत्री की पूजा की जाती है.
जो लोग द्विस्वभाव लग्न में घट स्थापना करना चाहते हैं वो सुबह 4 बजकर 38 मिनट से लेकर सुबह 6 बजकर 3 मिनट तक घट स्थापना कर सकते हैं. हालांकि मान्यता के अनुसार सूर्योदय के बाद ही घट स्थापना की जानी चाहिए.
राहु काल का समय दोपहर 3 बजकर 34 मिनट से लेकर 5 बजकर 10 मिनट तक रहेगा. इस दौरान आपको पूजा-पाठ संबंधित कोई भी कार्य नहीं करना चाहिए. इस पूरे दिन का विशेष समय सुबह 9 बजकर 10 मिनट तक का ही है. सुबह 8.30 से पहले अखंड ज्योत जला लें. नवरात्रि में सन्धि पूजा का मुहूर्त 21 अप्रैल रात 12 बजकर 19 मिनट से शुरू होकर रात को 1 बजकर 7 मिनट तक रहेगा.
ऐसे करें तैयारी- नवरात्रि के पहले दिन लाल रंग के कपड़े का प्रयोग करें. पूजा के लिए तैयारी पहले कर लें. इसके लिए मिट्टी की हांडी, कलश, नारियल, शुद्ध मिट्टी, गंगाजल, पीतल या तांबे का कलश, कलावा, इत्र, सुपारी, सिक्के, अशोक या आम के पांच-पांच पत्ते, पान का पत्ता, अक्षत और फूल-माला एकत्रित कर लें. दुर्गा मां के पूजन में दूर्वा का इस्तेमाल नहीं होता है.
माँ शैलपुत्री पूजा विधि:
माता के पहले रूप माँ शैलपुत्री को सफेद रंग बहुत प्रिय है। इसलिए नवरात्रि के पहले दिन, सफेद वस्त्र ,सफेद फूल चढ़ाने चाहिए। सफेद रंग की मिठाई का भोग माँ को पसंद है। शैलपुत्री की पूजा से भक्तों को मनोवांछित फल और कन्याओं को उत्त्तम वर की प्राप्ति होती है। शैल का अर्थ है पत्थर जो दृढ़ होता है। इस दिन माता की पूजा से जीवन मे दृढ़ता आती है। इस दिन गुड़हल का फूल चढ़ाएं व गाय के घी का भोग लगाएं। इससे आरोग्य लाभ की प्राप्ति होती है।
कोरोना संक्रमण के चलते मुम्बई व आस पास के क्षेत्र में सभी धर्मिक स्थलों को बंद रखा गया है।
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