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सचिन वज़े हो सकता है अघाड़ी सरकार के लिए घातक- किया था आगाह कई नेताओं को: संजय राउत का यू टर्न

शिवसेना के वरिष्ठ नेता, सामना के कार्यकारी संपादक व राज्यसभा सदस्य संजय राउत का एक के बाद एक चौकानेवाला बयान आ रहा है।


राउत ने कल कहा कि सचिन वज़े को फिर से पुलिस फ़ोर्स में लिए जाने की मंशा पर उन्होंने कुछ नेताओं को चेतावनी दी थी कि  वज़े म वि आ सरकार के लिए घातक हो सकता है। राउत ने कहा कि सक्रिय राजनीति में आने से पहले वह पत्रकार रहे हैं इसलिए वह वज़े की कार्यशैली व पृष्ठभूमि से परिचित थे।

 सचिन को २००४ में घाटकोपर बम ब्लास्ट मामले में आरोपी ख्वाजा यूनुस के कस्टोडियल डेथ के मामले में निलंबित कर दिया गया था।सचिन ५८ दिनों की जेल भी भुगत चुका है।

राउत ने बताया कि कोई व्यक्ति बुरा नही होता पर परिस्थितियों के चलते वह ऐसा हो जाता है।

मुख्यमंत्री को नही थी जानकारी:

राउत ने कहा कि वज़े को लेकर उद्धव ठाकरे को पूरी जानकारी नही थी। इसलिए शुरुआत में वह सचिन के बचाव में आए।अब जबकि कई बातें साफ हो गई हैं। नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी आये दिन नए नए खुलासे कर रही है। ऐसे में एक दोषी व्यक्ति को बचाने या सुरक्षा देने का सवाल ही नही उठता।

   नेताओं का नाम लेने से किया इनकार 

संजय राउत से पूछे जाने पर कि किन नेताओं को उन्होंने वज़े की पुनर्नियुक्ति  को लेकर चेताया था, इस पर उन्होंने यह कहते हुए इनकार कर दिया कि वे लोग यह भली भांति समझते हैं कि उन लोगों से क्या बात हुई थी।

राउत ने बताया कि बतौर पत्रकार वह जानते थे कि वज़े की कार्यशैली मौजूद सरकार को नुकसान पहुँचा सकती है।  श्री राउत ने कहा कि अच्छा ही हुआ कि वज़े प्रकरण से म वि आ को एक सबक मिला है।

गौर तलब हो कि इससे पहले संजय जी ने अनिल देशमुख पर यह बयान दिया था कि उन्हें गृहमंत्री पद यूं ही अचानक मिल गया था क्यों कि इतना महत्वपूर्ण पद लेने से जयंत पाटिल जैसे वरिष्ठ नेता ने मना कर दिया था। देशमुख राकांपा प्रमुख व म वि आ सरकार के सूत्रधार शरद पवार के करीबी कहे जाते हैं।
एक गृहमंत्री का पद सिर्फ पुलिस कर्मियों से सलूट लेना ही नही होता है। यह बेहद जिम्मेदारी भरा मंत्रालय है।

बीते दिन सचिन वज़े को एंटीलिया विस्फोटक कार व  ऑटोमोबाइल कारोबारी मनसुख हिरेन के संदिग्ध मौत की जांच कर रही एन आई ए बांद्रा कुर्ला काम्प्लेक्स के निकट मीठी नदी ले गई  जहां गोताखोरों ने नदी में से गाड़ी में इस्तेमाल हुए नम्बर प्लेट, कम्प्यूटर का सी पी यू( सेंट्रल प्रोसेसिंग यूनिट) आदि बरामद कर लिया।

इससे पहले डार्टम रिपोर्ट(पानी मे डूबकर मरने से संबंधित)  में यह कहा गया कि पानी मे डूबने से पहले मनसुख की साँसे चल रही थी।  उसे पहले क्लोरोफॉर्म सुंघाया गया और बाद में गला घोंट देने की भी जानकारी सामने आ गई है।

आपको बता दें कि इन्ही संजय राउत जी जो मुख्यमंत्री ठाकरे के दाहिने हाथ माने जाते हैं, ने १४ मार्च को कहा था कि सचिन वज़े एक  ईमानदार व  सक्षम अधिकारी हैं। उनका नाम विस्फोटक जिलेटिन युक्त कार प्रकरण में आया है जिसकी जांच मुम्बई पुलिस कर रही है। इस पूरे मामले के लिए किसी केंद्रीय जांच एजेंसी की कोई आवश्यकता नही है।


माना जा रहा है कि वज़े प्रकरण में अभी और गिरफ्तारियां होनी बाकी हैं जो राज्य सरकार के लिए कई मुश्किलें खड़ी कर सकता है।




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