0 क्राइम ब्रांच यूनिट ५ की सफलता/ १० बैंक खातों से २४ करोड़ का साइबर फ्रॉड - तीन आरोपी गिरफ्तार - Khabre Mumbai

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क्राइम ब्रांच यूनिट ५ की सफलता/ १० बैंक खातों से २४ करोड़ का साइबर फ्रॉड - तीन आरोपी गिरफ्तार

साइबर ठगी के खिलाफ मुंबई पुलिस की बड़ी कार्रवाई

24 करोड़ रुपये के लेन-देन का खुलासा, 2,898 सिम कार्ड बरामद; कई आरोपी गिरफ्तार

मुंबई। साइबर अपराध के बढ़ते नेटवर्क पर शिकंजा कसते हुए मुंबई पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए कथित साइबर ठगी से जुड़े गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस जांच में करीब 24 करोड़ रुपये के संदिग्ध वित्तीय लेन-देन का खुलासा हुआ है। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने 2,898 सिम कार्ड भी बरामद किए हैं। मामले में कई आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।

पुलिस के अनुसार, आरोपी कथित तौर पर बड़ी संख्या में मोबाइल सिम कार्ड और बैंक खातों का इस्तेमाल साइबर धोखाधड़ी के लिए कर रहे थे। जांच में सामने आए वित्तीय लेन-देन और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने आरोपियों की भूमिका की पड़ताल शुरू कर दी है।

बड़ी संख्या में सिम कार्ड बरामद

पुलिस के लिए सबसे महत्वपूर्ण बरामदगी 2,898 सिम कार्ड की है। जांच एजेंसियों को आशंका है कि इन सिम कार्ड का इस्तेमाल अलग-अलग मोबाइल नंबरों, बैंक खातों और डिजिटल माध्यमों के जरिए पीड़ितों से संपर्क करने तथा ठगी की रकम को आगे स्थानांतरित करने में किया गया होगा।

24 करोड़ रुपये के लेन-देन की जांच

प्रारंभिक जांच में करीब 24 करोड़ रुपये के संदिग्ध लेन-देन का पता चला है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि यह रकम किन बैंक खातों और डिजिटल वॉलेट के माध्यम से स्थानांतरित की गई तथा इस नेटवर्क में और कितने लोग शामिल हैं।


पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के आधार पर साइबर ठगी के पूरे नेटवर्क, बैंक खातों, मोबाइल नंबरों, सिम कार्ड उपलब्ध कराने वाले लोगों और संभावित अन्य आरोपियों की जानकारी जुटाई जा रही है।

पुलिस की आगे की जांच जारी

जांच टीम डिजिटल उपकरणों, मोबाइल फोन, सिम कार्ड और वित्तीय लेन-देन से जुड़े रिकॉर्ड की जांच कर रही है। पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इस नेटवर्क ने देश के अन्य हिस्सों में भी लोगों को अपना शिकार बनाया है या नहीं।

पुलिस अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध कॉल, लिंक, OTP अथवा बैंकिंग संबंधी संदेश पर प्रतिक्रिया देने से पहले उसकी सत्यता की पुष्टि करें और साइबर ठगी होने पर तत्काल 1930 हेल्पलाइन अथवा साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं।

पुलिस अधिकारियों और गिरफ्तार आरोपियों के सत्यापित नाम:

इस्लामुद्दीन सलीमुद्दीन शेख(४४)

अब्दुल रजाक रऊफ(४२)

यासिर नसीरुद्दीन शेख (२६)

इन लोगो ने १० बैंक खातों के जरिए २४ करोड़ का फ्रॉड ट्रांजेक्शन किया। उसके लिए इन्होंने अपना ऐ अपने सहयोगियों का बैंक खाता खोला , नए सिम कार्ड लिए और बैंक खाते से जोड़ा। 

१९३० साइबर फ्रॉड नंबर पर कुल ३२ शिकायतों के रिकॉर्ड हैं ,कुल २४ करोड़ का ट्रांजेक्शन हुआ था। जांच क्राइम ब्रांच यूनिट ५ के द्वारा किया जा रहा है।

क्या क्या हुआ जप्त:

१४३ चेक बुक, १०० एटीएम कार्ड्स, २४ मोबाइल फोन, १६७ सिम कार्ड्स, दो लैपटॉप और अन्य सामान।

पुलिस के अनुसार अभियुक्तों ने २८९८ सिम कार्ड का इस्तेमाल किया है।

भारतीय न्याय संहिता की धाराओं ३१८(४), ६१, ४५, ३(५) , IT act ६६(D) ke तहत मामला दर्ज किया गया है।

गिरफ्तार तीनों अभियुक्तों को १९ सितंबर तक पुलिस कस्टडी में भेजा गया है।











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