मुंबई के रैंचो ने कराई आधी रात को प्लेटफॉर्म पर गर्भवती महिला की डिलीवरी, ऑनलाइन वीडियो कॉल की मदद से असंभव को किया संभव, मुंबईकर चकित/
गुरुवार को बीते रात १२.४५ बजे बगल के डिब्बे में एक महिला प्रसव पीड़ा से दर्द में कराह रही थी। रैंचो ने देखा तो मन में खयाल आया कि दो जिंदगी का सवाल है, कुछ तो करना पड़ेगा।
रैंचो ने चैन खींची और गाड़ी रामनगर स्टेशन पर रुक गई। रैंचो ने महिला को प्लेटफॉर्म तक लाने में मदद की।यहां बह दौड़ा लेकिन रात १२.४५ बजे कोई डॉक्टर नहीं मिला। उसने अपने गायनेकोलॉजिस्ट महिला डॉक्टर देशमुख को वीडियो कॉल किया , स्थिति दिखाई और समझाया तो डॉक्टर मैडम ने भी दिशा निर्देश स्टेप वाइस बताना शुरू कर दिया। ४५ मिनट तक चली इस प्रक्रिया में रैंचो ने सफलतापूर्वक डिलीवरी कराई। महिला के बच्चे का सर कुछ हद तक उसी समय बाहर आ गया था जब रैंचो फोन पर डॉक्टर को स्थिति बता रहे थे।
इस दौरान अगल बगल के यात्रियों से चादर मांगी, चाय वाले से कैंची मांगी और उसी कैंची से गर्भ नाल काटी और वेस्टेज आइटम्स को संभाला।
यह रैंचो है विकास दिलीप बेंद्रे जो वीडियोग्राफर हैं और गोरेगांव से एयरपोर्ट के लिए ट्रेन में सफर कर रहे थे। महिला विरार की रहने वाली है। २४ वर्षीया महिला के दो बच्चे हैं।
उसे इसके बाद परिजन कूपर अस्पताल अस्पताल ले गए जहां डॉक्टरों ने बच्चे और मा दोनों को स्वस्थ करार दिया।
इस पूरी लाइव घटना को देखने जाननेवाले विकास को थ्री इडियट्स मूवी के रैंचो के रूप में देख रहे हैं। रैंचो ने भी इस मूवी में ऑनलाइन वीडियो पर डॉक्टर की मदद से गर्भवती महिला की डिलीवरी कराई थी, खैर वह तो मूवी थी लेकिन यह सच में मुंबई में हुआ है।
खबरें मुंबई नजरिया:
मुंबई ही नहीं ,लगभग हर रेलवे स्टेशन पर प्राथमिक चिकित्सा, हल्के फुल्के ऑपरेशनल संबंधी अस्पताल की सुविधा होना चाहिए वह भी स्टेशन में। रेलवे स्टेशन के आसपास इतनी सारी जगहें होती हैं। महानगर में तो यह होना ही चाहिए। रात में रामनगर रेलवे स्टेशन जो गोरेगांव से पहले का स्टेशन है, वहां किसी डॉक्टर का न होना चिंताजनक भी है। परेशानी, स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं बोलकर नहीं आती।प्रशाशन को इस पर ध्यान देना चाहिए।
No comments
Post a Comment